फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Raw material for pharmaceutical industry Baddi in Nalagarh by Himachal govt

दवा उद्योगों को नालागढ़ में ही मिलेगा कच्चा माल, बल्क ड्रग पार्क की कवायद तेज

Mon, 29 Oct 2018 12:26 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नालागढ़ (सोलन)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नालागढ़ (सोलन) Updated Mon, 29 Oct 2018 12:26 PM IST
विज्ञापन
Raw material for pharmaceutical industry Baddi  in Nalagarh by Himachal govt

एशिया की 35 फीसदी दवाओं का निर्यात करने वाले फार्मा हब बीबीएन सहित प्रदेश के दवा उद्यमियों को कच्चा माल आयात करने की जरूरत बल्क ड्रग पार्क मुहैया करवाएगा। औद्योगिक हब बीबीएन के मौजा डाडी हरनाम गागूवाल, निक्कूवाल, मंडयारपुर और बेला में 663.11 बीघा भूमि डिमार्केशन के बाद विभाग के नाम ट्रांसफर हो गई है और यहां उद्योग विभाग की ओर से फेंसिंग के टेंडर भी लगा दिए है। 

विज्ञापन


इसका इन्वायरमेंट इंपेक्ट असेसमेंट प्लान बनाया जा रहा है और मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेजा जाएगा, जहां से इसके लिए फंड का प्रावधान हो सके। विदेशों से कच्चे माल की आवश्यकता को समाप्त करने के दृष्टिगत बीबीएन में ही फार्मा (बल्क ड्रग) पार्क का काम जोरों पर चला हुआ है, जिससे फार्मा उद्योगों की कच्चे माल की आपूर्ति सुगमता से हो सकेगी, वहीं प्रदेश में स्थापित 703 फार्मा उद्योगों के भविष्य और नए फार्मा उद्योगों के निवेश के लिए यह बल्क ड्रग पार्क मील का पत्थर साबित होगा।
विज्ञापन


वर्ष 2015 में केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार ने बल्क ड्रग पार्क की घोषणा की गई थी। बल्क ड्रग पार्क बनने से फार्मा जगत में रॉ मैटेरियल की भी कोई कमी नहीं रहेगी और कच्चा माल आयात करने की जरूरत नहीं रहेगी। उद्योग विभाग के उपनिदेशक संजय कंवर ने कहा कि जमीन की डिर्माकेशन के बाद यह विभाग के नाम ट्रांसफर हो चुकी है और इस जगह के फेंसिंग के टेंडर अवार्ड कर दिए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों की समीक्षा करेगी सरकार

Raw material for pharmaceutical industry Baddi  in Nalagarh by Himachal govt

धर्मशाला में इनवेस्टर मीट के दृष्टिगत हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों को लेकर सरकार शीघ्र समीक्षा करेगी ताकि इन इलाकों में खाली प्लॉटों में भी उद्योग स्थापित किए जा सकें।  सरकार पता लगाएगी कि राज्य के इन औद्योगिक क्षेत्रों में प्लॉट क्यों खाली रहे और पूंजीपतियों को क्यों आकर्षित नहीं किया जा सका। 

सरकार यह भी पता लगाने में जुटी है कि आखिर वह क्या कारण रहे जो औद्योगिक क्षेत्रों में उद्योगपतियों ने खाली प्लॉट होने के बाद भी क्यों रुचि नहीं दिखाई है? राज्य के औद्योगिक क्षेत्रों में अभी तक कितने प्लॉट खाली पड़े हैं, यह जानकारी भी उद्योग विभाग के अधिकारियों से ली जाएगी।

बताते हैं कि राज्य के अधिकांश औद्योगिक क्षेत्रों में कई प्लॉट खाली पड़े हैं। इनमें अभी तक कोई न कोई उद्योग स्थापित हो जाने चाहिए थे। अभी तक सरकार के पास ऐसा कोई आंकड़ा भी मौजूद नहीं है कि किन औद्योगिक क्षेत्रों में कितने प्लॉट खाली हैं। यह आंकड़ा सरकार जुटा रही है और इसके बाद ही सरकार अगली कार्रवाई कर पाएगी। 

हैरानी की बात तो यह है कि नए औद्योगिक क्षेत्र ऐसे भी है, जो सरकार ने घोषित तो कर दिए थे परंतु यहं प्लाट बनाकर उद्योगों को आमंत्रित नहीं किया जा सका। ऊना, सिरमौर, शिमला के औद्योगिक क्षेत्रों में कई प्लॉट खाली रह गए हैं। 

उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने कहा कि सरकार राज्य के सभी औद्योगिक क्षेत्रों की समीक्षा कर रही है। सरकार यह पता लगा रही है कि औद्योगिक क्षेत्रों में कितने प्लॉट खाली हैं। ये प्लॉट उद्योगपतियों को क्यों अलॉट नहीं कि ए जा सके। अगर इन प्लॉटों तक रास्ते नहीं हैं या फिर अन्य कोई तकनीकी समस्या है तो इसे दूर किया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed