फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Rashtriya Swayamsevak Sangh Role in Himachal cabinet

जयराम कैबिनेट में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की छाया

Thu, 28 Dec 2017 01:52 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Thu, 28 Dec 2017 01:52 PM IST
विज्ञापन
Rashtriya Swayamsevak Sangh Role in Himachal cabinet

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की कैबिनेट पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक (आरएसएस) की छाया साफ नजर आती है। मुख्यमंत्री के अलावा कैबिनेट के चार सदस्य ऐसे हैं जो संघ के युवा संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से सीधे तौर पर जुड़े रहे हैं।

विज्ञापन


वहीं, तीन ऐसे हैं जो संघ की पृष्ठभूमि से आते हैं। हालांकि इनके अलावा दो ऐसे भी विधायक मंत्रिमंडल में है जिनकी कांग्रेसी पृष्ठभूमि रही है। इससे इतर कैबिनेट में पुरानों से ज्यादा नयों पर विश्वास दिखाया गया है।
विज्ञापन


यही कारण है कि मुख्यमंत्री के अलावा सिर्फ महेंद्र सिंह ठाकुर, अनिल शर्मा, सरवीन चौधरी और किशन कपूर ही ऐसे नेता है जिन्हें सरकार चलाने का अनुभव रहा है। जाहिर है, युवा नेतृत्व के बहाने संगठन ने कैबिनेट में भी नये चेहरों को तवज्जो देकर बदलाव की नई इबारत लिखने का प्रयास किया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

महेंद्र सिंह सबसे कद्दावर मंत्री

Rashtriya Swayamsevak Sangh Role in Himachal cabinet

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की कैबिनेट में महेंद्र सिंह को सबसे कद्दावर मंत्री के तौर पर माना जा रहा है। सात बार विधायक रह चुके महेंद्र सिंह कई बार मंत्री रह चुके हैं। उनके बाद किशन कपूर भी पिछली भाजपा सरकार में मंत्री रहे।

इसके अलावा सरवीन चौधरी पिछली भाजपा और अनिल शर्मा वीरभद्र सरकार में मंत्री रह चुके हैं। वहीं, सुरेश भारद्वाज विपक्ष में रहने के दौरान विधानसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक रहे हैं।

पेशे से वकील रहे भारद्वाज की कानूनी समझ का भाजपा को खासा लाभ मिलता रहा है। इसके अलावा रामलाल मारकंडा, विपिन सिंह परमार, विक्रम सिंह, वीरेंद्र कंवर, गोविंद सिंह और डा राजीव सैज़ल ऐसे विधायक है जो पहली बार मंत्री बने हैं।

महेंद्र ने पार्टियां बदलीं, फिर भी सातवीं बार जीत दर्ज की

Rashtriya Swayamsevak Sangh Role in Himachal cabinet

मंडी/धर्मपुर। सात में से पांच बार विभिन्न चुनाव चिन्हों पर जीत हासिल करने वाले धर्मपुर के विधायक जयराम के राज में अब तीसरी बार मंत्री बने हैं। यह प्रदेश की राजनीति के एकमात्र ऐसे धुरंधर हैं, जिन्होंने 27 साल के अपने पोलिटिकल कैरियर में आजाद, कांग्रेस, भाजपा, एलएचएमी और हिविकां के चुनाव चिन्हों पर लड़कर विरोधियों को धूल चटाई है।

इस नेता का दावा है कि पांच चुनाव चिंहों पर चुनाव लड़ना और लगातार छह बार जीतने की उपलब्धि गिनिज वर्ल्ड रिकार्ड में भी दर्ज है। सातवीं बार चुनाव जीतने की खुशखबरी जल्द ही गिनिज बुक में रिकार्ड में दर्ज करवाएंगे। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के मंत्रीमंडल में शामिल महेंद्र सिंह ने अपने राजनैतिक करियर की शुरूआत 1990 में बतौर आजा प्रत्याशी के रूप में की।

चढ़ता हुआ सूरज चुनाव से उन्होने ऐसा आगाज किया कि 1990 से लेकर 2017 तक इनका सूरज कभी नहीं डूबा। चुनाव में यह नहीं हारे। 1993 में महेंद्र सिंह ने हाथा का दामन थामा और कांग्रेस को जीत दिलाई। जबकि 1998 में पंडित सुखराम की हिमाचल विकास कांग्रेस से खड़े होकर चुनाव जीते और लोक निर्माण विभाग के मंत्री बने।

बाद में 2003 में लोकतांत्रिक मोरचा से कार चुनाव चिंह लेकर मैदान में उतरे और जीत हासिल की। लेकिन 2007 में यह भाजपा के हुए और चुनाव जीतकर परिवहन मंत्री का खिताब हासिल किया।

2012 में वह भाजपा से जीते, लेकिन भाजपा सरकार बनाने में विफल रही और अब 2017 में फिर वह भाजपा से चुनाव लड़कर मंत्री बने हैं। मंत्री महेंद्र सिंह ने दावा किया कि पांच भिन्न् भिन्न चुनाव चिंहो पर लड़कर लगातार छह बार जीत की उपलिब्ध गीनिज बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज है। सातवीं जीत की सूचना भी अपडेट की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed