{"_id":"5d9772318ebc3e014b5fa99a","slug":"ramleela-shimla-news-sml3098490112","type":"story","status":"publish","title_hn":"माता सीता का हरण कर गए रावण, जटायु में मिले घायल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
माता सीता का हरण कर गए रावण, जटायु में मिले घायल
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शिमला। बीसीएस में शुक्रवार को रामलीला मंचन के दौरान सीताहरण का दृश्य दिखाया गया। मंचन में कलाकारों ने दमदार अभिनय के जरिये माता सीताहरण से पूर्व रावण द्वारा मामा मारीच से छलकपट की विद्या हासिल करने की प्रस्तुति दी।
मारीच इस विद्या में माहिर था। इसके बाद माता सीता के सामने मारीच हिरण बनकर आया और सीता के कहने पर भगवान श्रीराम हिरण को लाने के लिए जंगल में चले गए। मंचन में मारीच द्वारा भगवान श्रीराम की संकट में निकाली संकट वाली आवाज से भयभीत सीता ने लक्ष्मण को जंगल में जाने को कहा। इसके बाद लक्ष्मण, रेखा खींचकर जंगल चले जाते हैं और पीछे से रावण छलकपट के जरिये माता सीता का हरण कर लेता है। रामलीला में दिखाया है कि कैसे एक भाई दूसरे भाई की बात को एक वचन की तरह निभाता है। साथ ही दर्शाया है कि अनहोनी को कोई नहीं टाल सकता।
सीता हरण के दृश्य के बाद भगवान राम भक्त जटायु माता को बचाने के लिए आगे आता है। लेकिन रावण जटायु के पंख काट देता है। इसके बाद जंगल में घायल अवस्था में मिले जटायु से भगवान श्रीराम को पता चलता है माता सीता का हरण हो चुका है। इसके अलावा रामलीला में शबरी आश्रम आदि के दृश्य दिखाए गए। रामलीला में राम की भूमिका में संदीप सिंह, सीता का किरदार पारस, लक्ष्मण की भूमिका दीपक, रावण का किरदार नरेश, हीरण की भूमिका पवन, जटायु का किरदार देवराज और शबरी की भूमिका ऋतिक ने निभाई। क्लब के प्रेस सचिव धमेंद्र चंदेल ने यह जानकारी दी।
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जंगलों से लकड़ियां लाकर बनाया जाता था स्टेज
शिमला। श्रीराम लीला हाइलैंडर्स स्पोर्ट्स क्लब बीसीएस की शुरुआत 1983 मेें हुई थी। रामलीला का मंचन राजेंद्र भरवाल के निर्देशन में शुरू हुआ था। जंगलों से लकड़ियां लाकर स्टेज तैयार किया जाता था और राम लीला का मंचन होता था। अब समय बदल गया है। नए लड़कों को मुख्य किरदार करने के लिए दिए जा रहे हैं। चौदह सालों से लक्ष्मण की भूमिका निभा रहे सुधीर कुमार अब केवट, तो हेमंत कुमार अंगद और राजेश कुमार छोटे मोटे किरदार निभा रहे हैं। इन्हीं के निर्देशन में रामलीला का मंचन होता है। अब क्लब के निर्देशन करने वाले राजेंद्र बरवाल के बेटे सुगम बरवाल हनुमान और डिंपी बरवाल विभीषण का किरदार निभाकर इस क्लब को आगे बढ़ा रहे हैं। विजयदशमी के दिन बीसीएस में तीस फुट ऊंचा रावण जलाया जाएगा।
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मारीच इस विद्या में माहिर था। इसके बाद माता सीता के सामने मारीच हिरण बनकर आया और सीता के कहने पर भगवान श्रीराम हिरण को लाने के लिए जंगल में चले गए। मंचन में मारीच द्वारा भगवान श्रीराम की संकट में निकाली संकट वाली आवाज से भयभीत सीता ने लक्ष्मण को जंगल में जाने को कहा। इसके बाद लक्ष्मण, रेखा खींचकर जंगल चले जाते हैं और पीछे से रावण छलकपट के जरिये माता सीता का हरण कर लेता है। रामलीला में दिखाया है कि कैसे एक भाई दूसरे भाई की बात को एक वचन की तरह निभाता है। साथ ही दर्शाया है कि अनहोनी को कोई नहीं टाल सकता।
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सीता हरण के दृश्य के बाद भगवान राम भक्त जटायु माता को बचाने के लिए आगे आता है। लेकिन रावण जटायु के पंख काट देता है। इसके बाद जंगल में घायल अवस्था में मिले जटायु से भगवान श्रीराम को पता चलता है माता सीता का हरण हो चुका है। इसके अलावा रामलीला में शबरी आश्रम आदि के दृश्य दिखाए गए। रामलीला में राम की भूमिका में संदीप सिंह, सीता का किरदार पारस, लक्ष्मण की भूमिका दीपक, रावण का किरदार नरेश, हीरण की भूमिका पवन, जटायु का किरदार देवराज और शबरी की भूमिका ऋतिक ने निभाई। क्लब के प्रेस सचिव धमेंद्र चंदेल ने यह जानकारी दी।
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जंगलों से लकड़ियां लाकर बनाया जाता था स्टेज
शिमला। श्रीराम लीला हाइलैंडर्स स्पोर्ट्स क्लब बीसीएस की शुरुआत 1983 मेें हुई थी। रामलीला का मंचन राजेंद्र भरवाल के निर्देशन में शुरू हुआ था। जंगलों से लकड़ियां लाकर स्टेज तैयार किया जाता था और राम लीला का मंचन होता था। अब समय बदल गया है। नए लड़कों को मुख्य किरदार करने के लिए दिए जा रहे हैं। चौदह सालों से लक्ष्मण की भूमिका निभा रहे सुधीर कुमार अब केवट, तो हेमंत कुमार अंगद और राजेश कुमार छोटे मोटे किरदार निभा रहे हैं। इन्हीं के निर्देशन में रामलीला का मंचन होता है। अब क्लब के निर्देशन करने वाले राजेंद्र बरवाल के बेटे सुगम बरवाल हनुमान और डिंपी बरवाल विभीषण का किरदार निभाकर इस क्लब को आगे बढ़ा रहे हैं। विजयदशमी के दिन बीसीएस में तीस फुट ऊंचा रावण जलाया जाएगा।