ये बने प्रोटेम स्पीकर, शपथ लेते ही बोले- सफेद हाथी है तपोवन विधानसभा
ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र से विधायक रमेश धवाला प्रोटेम स्पीकर मनोनीत किया गया है। राजभवन में राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने उन्हें प्रोटेम स्पीकर पद की शपथ दिलाई।
अब 9 जनवरी से धर्मशाला स्थित तपोवन विधानसभा में होने वाले 13वीं विधानसभा के पहले सत्र में वह नव निर्वाचित विधायकों को शपथ दिलाएंगे।
इसके बाद 10 जनवरी को स्थायी विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव होगा। इसी दिन राज्यपाल का अभिभाषण भी होगा।
सूत्रों के अनुसार अध्यक्ष पद के लिए सिरमौर के नाहन विधानसभा क्षेत्र से विधायक एवं भाजपा के मुख्य प्रवक्ता डॉ. राजीव बिंदल का नाम लगभग तय है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती भी उनके नाम का एलान कर चुके हैं।
ऐसे में बिंदल अध्यक्ष पद की शपथ ले सकते हैं। वहीं, 11 जनवरी को शोक उद्गार के बाद विधानसभा उपाध्यक्ष का चुनाव और फिर राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव व चर्चा होगी।
12 जनवरी को अभिभाषण पर चर्चा के बाद सदन की कार्रवाई स्थगित हो जाएगी। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के मंत्रिमंडल की पहली बैठक में विधानसभा का सत्र 9 से 12 जनवरी तक कराने का निर्णय लिया गया था।
शिक्षण संस्थान के लिए हो तपोवन भवन का इस्तेमाल
प्रोटेम स्पीकर (अस्थायी विधानसभा अध्यक्ष) की शपथ लेने के बाद रमेश ध्वाला ने धर्मशाला स्थित तपोवन विधानसभा को सफेद हाथी करार दिया है। धर्मशाला में दूसरी विधानसभा के औचित्य पर सवाल उठाते हुए पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत के दौरान ध्वाला ने कहा कि दूसरी विधानसभा बनाना लोगों की आंख में धूल झोंकना था।
सवाल किया कि साल के 365 दिन में सिर्फ 5-5 दिन खुलने वाली विधानसभा से सरकार और आम जनता का क्या लाभ है। कहा कि विधानसभा के साल में सिर्फ चार दिन दरवाजे खुलते हैं और हर महीने इस विधानसभा पर लाखों रुपये खर्च होते हैं।
उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री इस फिजूलखर्ची पर जरूर अंकुश लगाएंगे। सरकार से मांग की कि वह इस भवन को किसी शिक्षण संस्थान के तौर पर इस्तेमाल करे ताकि लोगों को सीधे तौर पर इस भवन का लाभ मिल सके। वहीं सरकार में पद न मिलने पर उन्होंने कहा कि उन्हें किसी तरह का मलाल नहीं है।
कहा कि वह पिछले चालीस साल से समाज सेवा कर रहे हैं और आगे भी लोगों की ओर से दी गई जिम्मेदारी को बखूबी निभाएंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के लिए कहा कि वह मिलनसार और ईमानदार व्यक्ति है और उन्हें पूरी उम्मीद है कि प्रदेश की सामाजिक समरसता को बनाए रखने के लिए वह सबसे सही व्यक्ति साबित होंगे।