वीवीआईपी आवभगत न होने पर अफसरों को बैठक में लगाई फटकार
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प्रदेश विधानसभा प्राक्कलन समिति के अध्यक्ष रमेश चंद धवाला ने बचत भवन कुल्लू में हुई बैठक में अधिकारियों को खूब खरी-खोटी सुनाई। बताया जा रहा है कि 28 जून की रात्रि को समिति सदस्य अपने परिजनों को साथ अचानक मनाली पहुंच गए। काजा से समिति सदस्यों ने केलांग जाना था लेकिन सड़क अवरुद्ध होने पर इन्होंने मनाली का रुख कर लिया।
समिति सदस्यों के अचानक मनाली पहुंचने पर एक साथ दर्जनों कमरों की जरूरत आनन-फानन में पूरी की गई। कमरों में पहले से अन्य वीआईपी के रुके थे, जिन्हें दूसरी जगहों पर शिफ्ट किया गया। समिति सदस्य भी अपने परिजनों संग सरकारी टूअर पर निकले थे। कई सदस्य बेटियों, पत्नी और भाइयों के साथ पहुंचे थे।
इनके लिए अतिरिक्त कमरों की जरूरत रही। सूत्रों के अनुसार आठ सदस्यीय इस समिति में परिजनों और अधिकारियों के साथ कुल 41 लोग शामिल थे, जिन्हें मनाली में रात्रि को ठहराना प्रशासन के लिए भी चुनौतीपूर्ण रहा। हालांकि, प्रशासन ने कड़ी मशक्कत कर स्थिति को संभाला और सभी तरह की व्यवस्था की।
परिजनों के साथ अचानक मनाली पहुंचे विधानसभा प्राक्कलन समिति के सदस्य
29 जून को बचत भवन में हुई बैठक में कुछ देर तक एजेंडे पर चर्चा हुई। इसके बाद अचानक ही अध्यक्ष रमेश चंद धवाला ने अधिकारियों पर तीखे बाण छोड़ना शुरू कर दिए। उन्होंने कई विभाग अध्यक्षों को खूब लताड़ लगाते हुए सही तरीके से काम करने की नसीहत दे डाली। कांगड़ी बोली में ही अधिकारियों को खरी खोटी सुनाते हुए धवाला ने जिला के बड़े अधिकारियों को भी खूब डांट लगाई।
बैठक में विधानसभा समिति के सदस्य जगत सिंह नेगी, विनोद कुमार, राजेंद्र राणा, नरेंद्र ठाकुर, जिया लाल, सतपाल रायजादा और सुरेंद्र शौरी भी उपस्थित रहे। मुख्य तौर पर इस बैठक में बजट के सही आवंटन व उपयोगिता को लेकर चर्चा की जाती है और आगामी बजट को लेकर फीडबैक ली जाती है लेकिन इसके विपरीत बैठक में कुछ अलग ही माहौल रहा।