Raksha Bandhan 2024: बहनों से किया वादा, अब नहीं करुंगा अपराध, जिला आदर्श कारागार कैथू में मनाया रक्षाबंधन
रक्षाबंधन पर सोमवार को जिला आदर्श कारागार कैथू के बाहर का नजारा जुदा था। सुबह से जेल के बाहर बहनें कतार में खड़ी नजर आईं। बहनों ने राखी बांधी और उपहार के बदले भाइयों से अपराध से तौबा करने का वादा लिया।
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कोई घर का हालचाल पूछ रहा था तो कोई बहन के कंधे पर सिर पर रखकर रो रहा था। जेल की चहारदीवारी में बंद कैदी अर्से बाद बहनों से मिल रहे थे। भाई-बहन के पवित्र प्रेम को देखकर जेल का स्टाफ भी भावुक हो गया। विदाई का वक्त आया तो बहनें रोते हुए कारागार से बाहर निकलीं।
रक्षाबंधन पर सोमवार को जिला आदर्श कारागार कैथू के बाहर का नजारा जुदा था। सुबह से जेल के बाहर बहनें कतार में खड़ी नजर आईं। जैसे ही उनकी बारी आई तो चेहरे पर चमक छा गई। जेल के अंदर भाई को देखकर उनकी आंखें भर आईं। भाई भी डबडबाई आंखों से बहनों को देख रहे थे। बहनें भाइयों के गले लगकर खूब रोईं। एक-दूसरे का कुशलक्षेम पूछा। इसके बाद बहनों ने राखी बांधी और उपहार के बदले भाइयों से अपराध से तौबा करने का वादा लिया। भाइयों ने भी उन्हें दोबारा ऐसा न करने का भरोसा दिलाया।
बहनों की कतार
हिमाचल सहित बाहरी राज्यों से बहनें कैथू जेल में बंद भाइयों को राखी बांधने पहुंचीं। अधिकांश महिलाएं सुबह 10 बजे जेल के बाहर पहुंच गई थीं। जेल के मुख्य द्वार के पास मुलाकातियों की कतारें लगी थीं। यहां हेल्प डेस्क बनाई गई थी और भीड़ नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग की गई थी। बहनों के लिए ज्योति और कुमकुम की व्यवस्था भी थी। करीब 35 बहनों ने जेल में बंद भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा, जबकि जेल के अंदर खुले में भाई-बहनों की मुलाकात हुई। यह सिलसिला शाम करीब पांच बजे तक चला। उप अधीक्षक प्रकाश चंद स्टाफ के साथ व्यवस्थाएं संभालने में जुटे रहे।
रक्षाबंधन पर दी थी रियायत : प्रकाश
जेल उप अधीक्षक प्रकाश चंद ने बताया कि रक्षाबंधन पर 12 से 2 बजे तक लॉकअप में बंदियों को रियायत दी गई थी। जेल के अंदर मिठाइयों की व्यवस्था की गई। महिलाओं के साथ बच्चे भी थे, जिन्हें साथ जाने की अनुमति दी गई थी।