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सास की मदद से बनी HAS टॉपर, बेटियों को दिया संदेश

Fri, 01 Jan 2016 03:19 PM IST
Updated Fri, 01 Jan 2016 03:19 PM IST
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rakhi singh of shimla become HAS topper.

एचएएस परीक्षा में टॉपर रही राखी सिंह ने ‘अमर उजाला’ के माध्यम से हिमाचल प्रदेश की लड़कियों को एक संदेश भेजा है कि वे शादी को अपनी रफ्तार में बिल्कुल भी बाधा नहीं मानें। राखी सिंह ने अपनी सास सत्या वर्मा को परिवार की जबरदस्त प्रबंधक बताया और कहा कि वे उनके सहयोग से ही इस मुकाम पर पहुंचने में कामयाब हुई हैं।

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राखी सिंह के पति डा. यशवंत वर्मा आईजीएमसी शिमला में कार्डिक एनास्थीसिया विभाग के प्रमुख हैं। 39 वर्षीय राखी सिंह वर्तमान में अंडर ट्रेनिंग नायब तहसीलदार हैं। वे इससे पूर्व आयुर्वेद मेडिकल अधिकारी तैनात रह चुकी हैं। मूल रूप से राखी सिंह शिमला ग्रामीण के रैहल बाइचड़ी गांव की रहने वाली हैं। उन्होंने कहा कि उनके पास इस परीक्षा के लिए ऐच्छिक विषय एंथ्रोपोलॉजी और संस्कृत थे।
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प्रारंभिक परीक्षा तो उन्होंने कई बार दी। मुख्य परीक्षा को पहली बार उत्तीर्ण किया। उन्होंने तमाम युवाओं को संदेश दिया कि कठिन परिश्रम से ही लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। किस्मत का रोल तो होता ही रहता है। सोमवार को राखी सिंह ने शिमला में परिवार के साथ खुशियों को साझा किया।
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तीसरे प्रयास में सेकंड टॉपर बने विश्रुत

rakhi singh of shimla become HAS topper.

एचएएस परीक्षा के दूसरे टॉपर विश्रुत भारती ऊना की अंब तहसील के नारी गांव के रहने वाले हैं। परीक्षा को तीसरे प्रयास में उत्तीर्ण किया। 30 वर्ष के विश्रुत भारती के पिता राजेंद्र पाल शर्मा कांगड़ा के ढलियारा कॉलेज से प्रोफेसर रिटायर हुए हैं। उनकी माता सरोज शर्मा भी स्कूल से सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य हैं। विश्रुत के पास ऐच्छिक विषय संस्कृत और भूगोल रहे हैं।

उनकी शुरुआती पढ़ाई राजकीय पाठशाला परागपुर कांगड़ा से हुई। ढलियारा कॉलेज से ग्रेजूएशन की। एनआईटी जालंधर से एमएससी की। विश्रुत भारती ने बताया कि पिछली बार साक्षात्कार में दस नंबर से रह गए। उन्होंने कहा कि 99 फीसदी भूमिका मेहनत और एक प्रतिशत किस्मत की रहती है। उन्होंने युवाओं को प्रेरणा देते हुए कहा कि वे परिश्रम नहीं छोड़ें।

रुतबे, समाज सेवा के लिए विकास ने चुना एचएएस

rakhi singh of shimla become HAS topper.

इंडियन नेवी से रिटायर्ड और वर्तमान में सराहन में इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड में असिस्टेंट इंजीनियर विकास शर्मा ने सामाजिक रुतबे और सेवा के लिए एचएएस का चुनाव किया। विकास कहते हैं कि उनके पिता क्लर्क से रिटायर हुए। वह खुद इंडियन नेवी में थे लेकिन सामाजिक रूप से उनके परिवार को वह इज्जत व महत्व नहीं मिलता था जो एक आर्मी वाले को मिलता है।

यही कारण रहा कि वह साल 2014 में रिटायर होने से पहले से ही एचएएस की प्री और मेन परीक्षा की तैयारी में जुट गए। शर्मा ने बताया कि पिछले साल सही विषय न चुनने की वजह से सेलेक्शन नहीं हो पाया, लेकिन विश्वास नहीं कम होने दिया और ज्यादा मेहनत की। जिसका परिणाम इस साल सबके सामने है।

थर्ड टॉपर बोलीं, महिला उत्थान को करूंगी काम

rakhi singh of shimla become HAS topper.

एचएएस परीक्षा की टॉपर लिस्ट में तीसरे स्थान पर रही प्रियंका चंद्रा मूल रूप से नाहन जिले की रहने वाली हैं। वर्तमान में एक्साइज एंड टैक्सेशन इंस्पेक्टर के पद पर शिमला में तैनात प्रियंका कहती हैं कि प्रशासनिक सेवाओं में शामिल होना उनका हमेशा से ख्वाब था। इस ख्वाब को पूरा करने में उनके पिता तथा रिटायर्ड तहसीलदार केशव चंद्रा ने पूरा साथ दिया।

पंजाब यूनिवर्सिटी से कम्यूनिटी एजूकेशन एंड डेवलपमेंट स्टडीज में गोल्ड मेडल हासिल करने वाली प्रियंका बताती हैं कि एक्साइज इंस्पेक्टर के पद पर रहने के दौरान नौकरी के बाद बाकी समय वह एचएएस की तैयारी में जुटी रहती थीं। सेवा में आने के बाद प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ साथ महिला सशक्तिकरण के लिए काम करेंगी।

45,373 अभ्यर्थियों ने किया था आवेदन

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हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग ने हिमाचल प्रदेश संयुक्त प्रशासनिक सेवा परीक्षा 2014 के माध्यम से विभिन्न श्रेणियों के कुल 30 पदों की भर्ती के साक्षात्कार का परिणाम घोषित कर दिया है। आयोग के अध्यक्ष केएस तोमर ने कहा कि 80 से 90 प्रतिशत उपस्थित अभ्यर्थियों ने साक्षात्कार में हिंदी भाषा में अपने विचार प्रभावशाली तरीके से अभिव्यक्त किए।

उन्होंने कहा कि इस परीक्षा के प्रारंभिक स्तर के आयोजन के लिए 45,373 अभ्यर्थियों के आवेदन पत्र प्राप्त हुए थे, जिनमें से 41,063 अभ्यर्थियों को अस्थायी तौर पर प्रवेश दिया गया था। प्रारंभिक परीक्षा सात जून 2015 को प्रदेश के विभिन्न जिला मुख्यालयों में हुई। इसमें कुल 25,235 अभ्यर्थियों ने परीक्षा में भाग लिया। मुख्य परीक्षा के लिए प्रारंभिक परीक्षा से कुल 612 अभ्यर्थी उत्तीर्ण घोषित किए गए।

यह 12 सितंबर 2015 से 23 सितंबर 2015 तक हुई। इसमें कुल 464 अभ्यर्थी उपस्थित रहे। साक्षात्कार के लिए कुल 84 अभ्यर्थी बुलाए गए थे। तोमर ने बताया कि अभ्यर्थियों को हिंदी और अंग्रेजी भाषा में साक्षात्कार के विकल्प की नवीनतम पद्धति से अत्यंत लाभ हुआ है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों से आए 80 से 90 प्रतिशत तक अभ्यर्थियों ने हिंदी भाषा में साक्षात्कार देने का विकल्प चुना है।

आयोग के अध्यक्ष के एस तोमर ने उक्त परीक्षा में चयन के समयबद्व परीक्षा परिणाम घोषित किए जाने पर संतोष व्यक्त किया हैं। साक्षात्कार के लिए बुलाए गए अभ्यर्थियों में अपनी योग्यता प्रदर्शित करने के लिए काफी जोश देखा गया।

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