बसपा नेता की हत्या पर उबाल, आईजीएमसी में हुआ पोस्टमार्टम, रिमांड पर हत्यारोपी
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बसपा नेता केदार सिंह जिंदान की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को अदालत ने चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है। मृतक के शव का पोस्टमार्टम चिकित्सकों की विशेष टीम की निगरानी में आईजीएमसी शिमला में किया गया।
सबूत जुटाने के लिए एफएसएल की टीम भी आज मौके पर पहुंची। शनिवार को एसपी रोहित मालपानी भी मामले की जांच को शिलाई पहुंचे।
गौरतलब है कि शुक्रवार को शिलाई के बकरास में केदार सिंह जिंदान निवासी क्यारी गुंडाह (शिलाई) का शव खून से लथपथ हालत में बरामद हुआ था।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की तो मामला हत्या का प्रतीत हुआ। जांच पड़ताल एवं बयानों के आधार पर पुलिस ने देर शाम भादंसं की धारा 302, 34 और एससी एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया ।
एएसपी वीरेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि इस मामले में पुलिस ने शुक्रवार देर शाम बकरास पंचायत के उपप्रधान जय प्रकाश और गोपाल सिंह को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। शनिवार शाम दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया।
जहां से उन्हें चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। उन्होंने बताया कि हालांकि मृतक के शव का पोस्टमार्टम मेडिकल कॉलेज नाहन में भी किया जा सकता था।
लेकिन, मृतक की पत्नी के आग्रह पर चिकित्सकों की स्पेशल टीम की निगरानी में शिमला आईजीएमसी में शव का पोस्टमार्टम किया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस मामले की गहनता एवं निष्पक्षता से छानबीन कर रही है।
एएसपी ने कहा कि एफएसएल की टीम भी आज मौके पर पहुंची है। उन्होंने कहा कि पीड़ित और आरोपी अलग-अलग जाति से संबंधित होने के कारण इस मामले में कानूनी प्रावधानों के अनुसार एससी एससी एक्ट की धारा भी जोड़ी गई है।
राजपूत सभा ने पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल
उपमंडल शिलाई की बकरास पंचायत में बसपा नेता केदार सिंह जिंदान की मृत्यु के मामले में नवगठित राजपूत सभा लाल हो गई है। राजपूत सभा ने पुलिस कार्रवाई पर असंतुष्टि जताते हुए हत्या की धारा को हटाकर, दुर्घटना के तहत मामला दर्ज कर छानबीन करने की मांग की है।
शनिवार को शिलाई विश्रामगृह में सर्वदलीय बैठक का आयोजन किया गया। सर्वप्रथम केदार सिंह जिंदान की मृत्यु पर दो मिनट का मौन रखकर शोक प्रकट किया गया।
बैठक में उपस्थित दर्जनों गांवों से आए करीब 300 लोगों ने एक स्वर में प्रशासन व सरकार से मांग की कि जिंदान की मृत्यु के मामले की जांच निष्पक्षता से की जाए। बैठक में पुलिस पर दुर्घटना के मामले को हत्या करार देने पर रोष जताया गया।
सभा में चर्चा की गई कि चंद असामाजिक तत्व जातिवाद का जहर घोलकर क्षेत्र में जातिवाद को बढ़ावा दे रहे हैं। सभा ने पुलिस कार्रवाई पर प्रश्नचिह्न लगाते हुए कहा कि अभी तक न तो पोस्टमार्टम हुआ है और न मौका पर फोरेंसिक टीम पहुंची है।
पुलिस इस मामले में हत्या की धारा हटाकर दुर्घटना की धारा लगाए
बिना जांच के ही शुक्रवार रात पुलिस ने दो लोगों के विरुद्ध हत्या का मामला दर्ज कर दिया है। सभा ने एसडीएम शिलाई के माध्यम से राज्यपाल व प्रदेश सरकार को ज्ञापन भेजकर मांग की है कि पुलिस इस मामले में हत्या की धारा हटाकर दुर्घटना की धारा लगाए।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट व एफएसएल की रिपोर्ट आने के बाद यदि हत्या पाई जाती है, तो उसके बाद इस धारा को लगाया जाए। सभा ने थाने में एसपी सिरमौर रोहित मालपानी से भी मुलाकात की और ज्ञापन सौंपा। उन्होंने सभा को आश्वासन दिया कि पुलिस इस मामले की निष्पक्षता से जांच कर रही है।
बैठक में बकरास पंचायत की प्रधान श्याम कला, जिला परिषद सदस्य प्रताप सिंह तोमर, पूर्व प्रधान बहादुर सिंह शणक्वाण, पूर्व प्रधान रमेश नेगी, लाल सिंह शर्मा, सीताराम शर्मा, कोटापाब के पूर्व प्रधान फौजी इंद्र सिंह, दीपचंद तोमर, गुलाब सिंह, रतन शर्मा, कुंदन सिंह, जयंती देवी प्रधान टिटियाणा, पूर्व