Shimla News: रेलवे के इतिहास 117 साल पुराने हेरिटेज स्टीम इंजन की बुकिंग बंद
छुक-छुक की आवाज के साथ शान से ट्रैक पर निकलने वाला स्टीम इंजन रेलवे स्टेशन शिमला के सीएनडब्ल्यू कोच यार्ड के बाहर खुले आसमान के नीचे खड़ा है।
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अंग्रेजों के जमाने में कालका और शिमला के बीच चलाए गए रेलवे के इतिहास कहे जाने वाले व 117 साल पुराने हेरिटेज स्टीम इंजन केसी 520 की बुकिंग बंद कर दी है। इंजन में तकनीकी खराबी के कारण इसकी चार्टर्ड बुकिंग नहीं की जा रही। इससे विदेशी सैलानियों को निराश होना पड़ रहा है। इंग्लैड, अमेरिका, आस्ट्रेलिया, जर्मनी के सैलानी इसके साथ सफर के लिए उत्साहित रहते हैं। छुक-छुक की आवाज के साथ शान से ट्रैक पर निकलने वाला स्टीम इंजन रेलवे स्टेशन शिमला के सीएनडब्ल्यू कोच यार्ड के बाहर खुले आसमान के नीचे खड़ा है। इसके नीचे घास उग आई है और पेंट उखड़ने से इसका लोहा खराब होने लगा है। बारिश से स्टीम बॉयलर के खराब होने का खतरा है। शिमला वॉक्स कंपनी के संचालक सुमित राज का कहना है कि स्टीम इंजन में सफर के लिए विदेशी सैलानी उत्साहित रहते हैं, इसके बावजूद उत्तर रेलवे इसे ठीक नहीं करवा पा रहा।
41 साल बाद 2001 में लौटा था ट्रैक पर
स्टीम इंजन नॉर्थ ब्रिटिश लोकोमोटिव कंपनी इंग्लैंड ने 1906 में केसी 520 स्टीम इंजन बनाया था। बाद में डीजल इंजन आने से 1971 में इसे सेवाओं से हटा दिया गया, लेकिन विदेशी सैलानियों की मांग और ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए 2001 में इसे दोबारा पटरी पर उतारा।
21 किलोमीटर के लिए ढाई लाख में बुकिंग
शिमला और कैथलीघाट के बीच 21 किलोमीटर के लिए स्टीम इंजन की दो लग्जरी कोच के साथ ढाई लाख रुपये में बुकिंग होती है। बुकिंग बंद होने से उत्तर रेलवे को आर्थिक नुकसान भी हो रहा है।
इंग्लैंड और अमेरिका सहित अन्य देशों के सैलानी स्टीम इंजन के साथ सफर के लिए बुकिंग के इच्छुक हैं, लेकिन उत्तर रेलवे इसकी बुकिंग नहीं कर रहा। जनवरी और मार्च में बुकिंग के लिए आवेदन आए थे, जिन्हेंं स्वीकर नहीं किया गया। फरवरी 2020 के बाद से बुकिंग बंद है। - अमित चोपड़ा, संचालक, ट्रैवल पॉल इंडिया