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Shimla News: स्टोर से 30 क्विंटल कबाड़ चोरी पर सवाल
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कंपनी ने स्टोर में दो चौकीदार किए थे तैनात
28 सितंबर को नगर निगम सदन में रिपोर्ट तलब होने से कंपनी में हड़कंप
इतनी बड़ी चोरी के बावजूद कंपनी ने बनाई दिखावे की जांच कमेटी, आज तक नहीं आई रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी की सबसे बड़ी गुम्मा पेयजल परियोजना के स्टोर से 30 क्विंटल से ज्यादा कबाड़ चोरी हो गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि दो चौकीदारों की तैनाती होने के बावजूद स्टोर से इतना भारी भरकम स्क्रैप गायब हुआ।
आरटीआई से मिली सूचना के बाद हुए इस सनसनीखेज खुलासे से पेयजल कंपनी सवालों के घेरे में आ गई है। अब इस मामले पर नगर निगम सदन के लिए रिपोर्ट तलब होने पर कंपनी में हड़कंप मच गया है। कंपनी ने पहले तो इस घटना की जानकारी नगर निगम से छिपाई, दूसरा खुद इस मामले की विभागीय जांच तक नहीं करवाई। सूत्रों के अनुसार कंपनी ने इस मामले के सामने आने के बाद एजीएम सीवरेज संजय कौशल की अगुवाई में तीन सदस्यीय जांच कमेटी तो गठित की थी। कमेटी की आज तक कोई रिपोर्ट नहीं आई।
चोरी की वारदात जिस रात हुई, उस दौरान ड्यूटी पर तैनात दो चाैकीदारों को कंपनी ने कारण बताओ नोटिस तो जारी किए थे, लेकिन इसके बाद कोई कार्रवाई नहीं हुई। कंपनी का तर्क है कि इस मामले की पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाई थी। अब पुलिस ही इसकी जांच कर रही है। ऐसे में जो जांच कमेटी बनाई थी, उसने पुलिस जांच के चलते विभागीय जांच नहीं की।
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स्टोर से गायब हुआ है यह सामान
गुम्मा स्टोर से तार समेत तांबे का 1365 किलो स्क्रैप, कांसे का 1010 किलो, डिसमेंटल स्क्रैप 191 किलो और दूसरा करीब 500 किलो स्क्रैप गायब हुआ है। यह जानकारी खुद कंपनी ने आरटीआई में दी सूचना में दी है। गुम्मा शिमला की सबसे बड़ी परियोजना है।
कंपनी ने दिए जांच के निर्देश
पेयजल कंपनी ने पानी की योजनाओं, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के निरीक्षण के निर्देश भी अधिकारियों को दे दिए हैं। हर साल होने वाली इस जांच में सहायक अभियंता स्तर के अधिकारियों को अलग अलग योजना का जिम्मा दिया जाता है। इसमें योजनाओं के स्टोर में रखा सामान, फर्नीचर आदि चेक किया जाता है। रिकॉर्ड के मुताबिक कहीं सामान गायब तो नहीं हुआ है, इसकी जांच की जाती है।
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28 सितंबर को नगर निगम सदन में रिपोर्ट तलब होने से कंपनी में हड़कंप
इतनी बड़ी चोरी के बावजूद कंपनी ने बनाई दिखावे की जांच कमेटी, आज तक नहीं आई रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी की सबसे बड़ी गुम्मा पेयजल परियोजना के स्टोर से 30 क्विंटल से ज्यादा कबाड़ चोरी हो गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि दो चौकीदारों की तैनाती होने के बावजूद स्टोर से इतना भारी भरकम स्क्रैप गायब हुआ।
आरटीआई से मिली सूचना के बाद हुए इस सनसनीखेज खुलासे से पेयजल कंपनी सवालों के घेरे में आ गई है। अब इस मामले पर नगर निगम सदन के लिए रिपोर्ट तलब होने पर कंपनी में हड़कंप मच गया है। कंपनी ने पहले तो इस घटना की जानकारी नगर निगम से छिपाई, दूसरा खुद इस मामले की विभागीय जांच तक नहीं करवाई। सूत्रों के अनुसार कंपनी ने इस मामले के सामने आने के बाद एजीएम सीवरेज संजय कौशल की अगुवाई में तीन सदस्यीय जांच कमेटी तो गठित की थी। कमेटी की आज तक कोई रिपोर्ट नहीं आई।
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चोरी की वारदात जिस रात हुई, उस दौरान ड्यूटी पर तैनात दो चाैकीदारों को कंपनी ने कारण बताओ नोटिस तो जारी किए थे, लेकिन इसके बाद कोई कार्रवाई नहीं हुई। कंपनी का तर्क है कि इस मामले की पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाई थी। अब पुलिस ही इसकी जांच कर रही है। ऐसे में जो जांच कमेटी बनाई थी, उसने पुलिस जांच के चलते विभागीय जांच नहीं की।
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स्टोर से गायब हुआ है यह सामान
गुम्मा स्टोर से तार समेत तांबे का 1365 किलो स्क्रैप, कांसे का 1010 किलो, डिसमेंटल स्क्रैप 191 किलो और दूसरा करीब 500 किलो स्क्रैप गायब हुआ है। यह जानकारी खुद कंपनी ने आरटीआई में दी सूचना में दी है। गुम्मा शिमला की सबसे बड़ी परियोजना है।
कंपनी ने दिए जांच के निर्देश
पेयजल कंपनी ने पानी की योजनाओं, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के निरीक्षण के निर्देश भी अधिकारियों को दे दिए हैं। हर साल होने वाली इस जांच में सहायक अभियंता स्तर के अधिकारियों को अलग अलग योजना का जिम्मा दिया जाता है। इसमें योजनाओं के स्टोर में रखा सामान, फर्नीचर आदि चेक किया जाता है। रिकॉर्ड के मुताबिक कहीं सामान गायब तो नहीं हुआ है, इसकी जांच की जाती है।