विधानसभा सत्रः खिलाड़ियों की डाइट मनी बढे़गी, परिवहन सुविधा भी देगी सरकार
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि राज्य सरकार खिलाड़ियों की डाइट को बढ़ाने के अलावा परिवहन सुविधा भी उपलब्ध कराएगी। हिमाचल में बरसात व परीक्षाओं के समय खेल प्रतियोगिताएं आयोजित नहीं की जाएंगी।
खेल कैलेंडर को बदलने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने यह जानकारी विधानसभा में विधायक नरेंद्र बरागटा, सुरेश कश्यप, राजेंद्र गर्ग, नरेंद्र ठाकुर और राकेश की ओर से पूछे गए प्रश्न के उत्तर में दी। उन्होंने खेल और शिक्षा मंत्री को इसका समाधान निकालने के निर्देश भी जारी किए।
इससे पहले युवा खेल एंव सेवाएं मंत्री गोविंद ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने ओलंपिक व राष्ट्र मंडल खेलों के पदक विजेताओं की राशि बढ़ाई है। ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने पर दी जाने वाली राशि को 1 करोड़ से बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये किया है।
रजत पदक की राशि 75 लाख से बढ़ाकर 1 करोड़ और कांस्य पदक विजेता की राशि को 25 लाख से बढ़ाकर 50 लाख की है। राष्ट्रमंडल खेलों में अब स्वर्ण पदक जीतने पर 20 लाख, रजत पदक जीतने पर 10 लाख और कांस्य पदक जीते पर 6 लाख रुपये देने की घोषणा की है।
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सीएम बोले - खिलाड़ियों की डाइट के लिए स्टाफ, स्थानीय लोग एकत्र करते राशि
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलकूद प्रतियोगिता में राशि कम है। स्टाफ और स्थानीय लोगों को खिलाड़ियों के भोजन की व्यवस्था करनी पड़ती है। शिक्षा और खेल विभाग तालमेल स्थापित कर इस समस्या का समाधान करे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों के लिए परिवहन सुविधा की परेशानी रहती है, जिसके लिए शिक्षक अपने स्तर पर वाहनों की सुविधा उपलब्ध करवाते हैं। बच्चों को बसों एवं अन्य वाहनों में ओवरलोड होकर जाना पड़ता है।
इससे हादसे की आशंका रहती है। कई बार तो जीत दर्ज करने के बाद खिलाड़ी छात्र बसों की छतों पर सफर करते देखे गए हैं। सरकार एचआरटीसी बसों के अलावा अन्य तरह की व्यवस्था उपलब्ध करवाने का प्रयास करेगी।
2 साल में बनेगा सिंथेटिक ट्रैक
युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने विधायक नरेंद्र बरागटा के प्रश्न के जवाब में कहा कि जुब्बल-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र के सरस्वती नगर में दो साल के भीतर सिंथेटिक ट्रैक बनकर तैयार होगा।
इसके लिए 1 करोड़ की राशि उपलब्ध करवा दी गई है, जबकि 7 करोड़ रुपये केंद्र सरकार से मांगे हैं। सरकार ने 57 बहुउद्देश्यीय आउटडोर तथा 3200 छोटे खेल मैदान बनाए हैं। 70 खिलाड़ी प्रति छात्रावास खेल सुविधा देने के अलावा 3 फीसदी खेल कोटे के तहत 500 खिलाड़ियों को रोजगार प्रदान किया है।
पंजीकृत खेल क्लबों को खेल प्रतियोगिताएं आयोजित करने के लिए अधिकतम अनुदान 50 हजार और न्यूनतम 20 हजार अनुदान दिए जाने का प्रावधान है।युवा सेवाएं एंव खेलमंत्री गोविंद ठाकुर ने एशियन गेम्स कबड्डी में फाइनल में चूक और सिलवर मेडल जीतने वाली हिमाचल की तीनों बेटियाें रितू नेगी, प्रियंका और कविता ठाकुर को बधाई दी।
स्कूलों में नहीं हो सकतीं गैर शिक्षण गतिविधियां
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक और सह पाठ्यक्रम गतिविधियों के अलावा अन्य किसी भी प्रकार की गतिविधियां नहीं हो सकती हैं। शुक्रवार को विधायक अरुण कुमार के सवाल पर शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने स्थिति स्पष्ट की।
लिखित जवाब में शिक्षा मंत्री ने बताया कि हाईकोर्ट ने दिसंबर 2017 में एक जनहित याचिका का निपटारा करते हुए यह व्यवस्था की थी। उन्होंने बताया कि उच्च न्यायालय ने यह भी आदेश दिए हैं कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किए जाने वाले समारोह जो पहले से संबंधित स्कूल के प्रांगण में आयोजित किए जाते हों
या स्कूल प्रांगण का हिस्सा रहा हो, उस स्थिति में संबंधित जिले के उपायुक्त को इस तरह के आयोजन के लिए अनुमति देने के लिए अधिकृत किया गया है। कोर्ट ने इसमें शर्त लगाई है कि मेले, त्योहार के दौरान विद्यार्थियों के शैक्षणिक कार्य में किसी भी तरह की बाधा न पहुंचाई जाए। शिक्षण संस्थान की संपत्ति को किसी भी तरह का नुकसान न पहुंचाया जाए।
प्रदेश में 922 पेयजल और 245 सिंचाई योजनाएं सूखी
प्रदेश में सूखे के कारण 12185 में से 1167 पेयजल और सिंचाई योजनाएं 80 फीसदी से अधिक प्रभावित हुई हैं। इनमें 922 पेयजल और 245 सिंचाई योजनाएं हैं। सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने यह जानकारी चौपाल के विधायक बलवीर वर्मा के प्रश्न के उत्तर में दी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर सोमवार को 708.87 करोड़ की पानी की योजना को लेकर अपना वक्तव्य देंगे। महेंद्र सिंह ने बताया कि प्रदेश में 9516 पेयजल और 2269 सिंचाई योजनाएं हैं।
गर्मियों में चौपाल विधानसभा क्षेत्र की 12 बहाव योजनाओं के स्रोत 80 से 90 फीसदी तक सूख गए। पेयजल स्रोतों को पुनर्जीवित करने और पानी के संरक्षण के माध्यम से किसानों की आय दोगुना करने को सरकार ने रेन वाटरहार्वेस्टिंग और वाटर कंजरवेशन को लेकर 4751.24 करोड़ की प्रारंभिक परियोजना
रिपोर्ट मई में केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय को भेजी है। इसे वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग ने गत 17 जुलाई को 85वीं स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में एडीबी के माध्यम से वित्त पोषण की स्वीकृति दे दी है।
इस परियोजना के पहले चरण में मंडी के धर्मपुर, लडभड़ोल, थुनाग, हमीरपुर जिले के बमसन और सुजानपुर तथा बिलासपुर जिले का घुमारवीं क्षेत्र शामिल किया है। इसकी अनुमानित लागत 708.87 करोड़ है।