OMG! सहकारी समिति में 2039 करोड़ का गबन, जब्त होगी जमीन
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हिमाचल के जिला सोलन के नालागढ़ की राजपुरा सहकारी समिति में 2039 करोड़ का गबन हुआ है। समिति के स्पेशल ऑडिट में यह खुलासा हुआ है। यह गबन 2004 से 2008 के बीच हुआ है। मामले की रिकवरी सोसाइटी के पूर्व प्रबंधक राजेंद्र कुमार, सहायक प्रबंधक नजीब सिंह से की जा रही है। यह जानकारी सहकारिता मंत्री कर्ण सिंह ने नालागढ़ के विधायक कृष्ण लाल ठाकुर के प्रश्न के उत्तर में दी।
बताया कि 2.39 करोड़ में से 35.39 लाख की रिकवरी कर ली गई है। गड़बड़ी करने वाले की 46 बीघा भूमि जब्त कर शेष रिकवरी भी की जाएगी। बताया कि प्रदेश में वर्तमान में कुल 5097 पंजीकृत सहकारी सभाएं हैं। इनमें 179 सभाएं बंद होने की कगार पर हैं। 311 सभाएं डिफाल्टर घोषित की गई हैं। नालागढ़ में राजपुरा सहकारी समिति के स्पेशल ऑडिट में 2.39 करोड़ के गबन का मामला सामने आया है। मामले में सरकार उचित कदम उठा रही है। भाजपा विधायक रविंद्र रवि और रिखीराम कौंडल ने भी मामले से संबंधित अनुपूरक प्रश्न पूछे।
जिला अस्पतालों में मिलेंगे बहरापन, बधिरपन के प्रमाण पत्र
हिमाचल के जिला अस्पतालों में अब बहरापन और बधिरपन के प्रमाणपत्र मिलेंगे। अभी यह व्यवस्था आईजीएमसी शिमला और टांडा अस्पताल में उपलब्ध है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ऑडियोलॉजिस्ट को ट्रेनिंग की व्यवस्था पीजीआई में करेगा। स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ने कहा कि अंधेपन के प्रमाणपत्र जारी करने की सुविधा सभी जिला अस्पतालों में उपलब्ध है। केवल उन्हीं मामलों को आईजीएमसी और टांडा भेजा जाता है, जिनमें जिला अस्पतालों में डॉक्टरों को संदेह होता है।
मंत्री महेश्वर सिंह के प्रश्न के उत्तर में बोल रहे थे। कहा कि प्रदेश में प्रशिक्षित बीएससी ऑडियोलॉजिस्ट की कमी से वर्तमान में यह सुविधा आईजीएमसी और टांडा में दी जा रही है। बहरापन और बधिरपन को जांचने की सुविधा जिलों में न होने से लोगों को आईजीएमसी और टांडा भेजा जाता है।
रिपोर्ट के आधार पर अपंगता का प्रमाण पत्र जिला चिकित्सालयों की तरफ से जारी किया जाता है। महेश्वर सिंह ने सवाल किया कि प्रदेश के केवल 2 अस्पतालों में ही बहरेपन और बधिरपन के टेस्ट होने से लोगों को भारी असुविधा हो रही है। अस्पताल प्रशासन से टेस्ट के लिए 9 से 11 महीने बाद की तारीख दी जा रही है। मंत्री ने कहा कि दोनों मेडिकल कॉलेजों में 1-1 अतिरिक्त मशीन लगाई जाएगी।
बरड कॉलोनी बनाने पर होगा विचार
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डा. धनीराम शांडिल ने कहा है कि दून विस क्षेत्र में बरड कॉलोनी बनाने पर विचार किया जाएगा। विधायक राम कुमार के प्रश्न पर मंत्री शांडिल ने कहा कि दून विस क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत जाडला और चंडी (भंडी) में बरड कॉलोनी निर्माण को भूमि हस्तांतरित करने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
चंबा मेडिकल कॉलेज को 120 बीघा जमीन फाइनल
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि चंबा मेडिकल कॉलेज को शुरू करने का सारा मामला 29 जून, 2016 को एमसीआई को भेजा है। जैसे ही मंजूरी मिलती है, इसे शुरू किया जाएगा।
उन्होंने यह जानकारी चंबा के विधायक बीके चौहान के प्रश्न पर दी। कहा कि पूर्व की यूपीए सरकार ने उनके आग्रह पर जनवरी 2014 को तीन मेडिकल कॉलेज स्वीकृत किए।
ये चंबा, हमीरपुर और नाहन को मिले हैं। नाहन मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस कक्षाएं शुरू हो गई हैं। चंबा में सरोल में 120 बीघा भूमि का चयन किया है। वर्तमान में कॉलेज चलाने को चंबा के महल को किराये पर लिया है।
उसकी मरम्मत पर लाखों रुपये खर्चे हैं। चंबा मेडिकल कॉलेज में प्रधानाचार्य तैनात कर दिया है। जल्द अन्य पद भरे जाएंगे। विधायक हंसराज ने भी अनुपूरक सवाल किया तथा सरकार से यह कॉलेज चलाने को गंभीरता से प्रयास करने का आग्रह किया।
हेरिटेज विश्रामगृह में पट्टिका लगाने पर हंगामा
हेरिटेज विश्रामगृह में वन विभाग के उपाध्यक्ष की ओर से लगाई गई पट्टिका मामले में वीरवार को सदन में खूब हंगामा हुआ। प्रश्नकाल के दौरान मामले ने उस वक्त तूल पकड़ा, जब वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी ने कहा कि उन्हें शाहपुर विश्राम गृह में पट्टिका लगाने की सूचना नहीं है। इस पर भाजपा विधायक बोले- मौके पर उद्घाटन पट्टिका लगी है।
क्या मंत्री मामले की छानबीन करेंगे और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी? मंत्री से संतोषजनक जवाब न मिलने पर विपक्ष ने हंगामा कर दिया। विधायिका सरवीण चौधरी ने कहा कि शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के विश्रामगृह लपियाणा में वन निगम के उपाध्यक्ष के नाम की तीन पट्टिकाएं लगी हैं।
विश्रामगृह की मरम्मत समय-समय पर की जाती है। भाजपा सरकार ने भी रेस्टहाउस की मरम्मत की। अब भी इसकी मरम्मत की गई है। अंग्रेजों के समय में बने इन भवनों में पट्टिकाएं नहीं लग सकती हैं। गेयटी थियेटर स्थित हेरिटेज भवन में भी सीएम के नाम की पट्टिका लगी है।
इस पर वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी बोले- उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। पुराने विश्राम गृहों की मरम्मत की जाती है। शाहपुर विस क्षेत्र में वन मंडल धर्मशाला के अंतर्गत दो वन विश्रामगृह और दो निरीक्षण हट हैं। विश्राम गृहों और निरीक्षण हटों से विभाग को गत तीन सालों में 46330 रुपये प्राप्त हुए।
जमीन लोगों की, लेकिन नहीं काट सकते पेड़
वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी ने कहा कि खुदरो-दर तान पर पेड़ काटने की अनुमति नहीं है। जमीन लोगों की है, लेकिन पेड़ों की मालिक सरकार है। कहा कि बंगाणा में 2427.18 हेक्टेयर भूमि को इससे हटा दिया है। वन मंत्री ने यह जानकारी विधायक वीरेंद्र कंवर और बिक्रम सिंह के प्रश्न के उत्तर में दी। वीरेंद्र कंवर ने कहा कि पंजाब सरकार ने इस समस्या का हल निकाला है।
इसे राज्य में भी लागू किया जाना चाहिए। बिक्रम सिंह ने कहा कि अपनी भूमि पर दो महीने बाद बांस और 10 साल बाद खैर के पेड़ों को काटने की अनुमति दी जाती है, लेकिन यहां के लोगों को ये अधिकार नहीं दिए हैं। इस पर वन मंत्री बोले - पंजाब सरकार के निर्णय की जानकारी नहीं है। विधायक इससे संबंधित आदेशों की प्रति सरकार को उपलब्ध करवाएं। 20 मार्च को यह मामला कोर्ट में भी लगा था। सप्ताह के भीतर इसकी सुनवाई होनी है।
जयसिंहपुर में 19 आयुर्वेदिक औषधालयों में विभिन्न श्रेणी के 27 पद रिक्त
आयुर्वेद और सहकारिता मंत्री कर्ण सिंह ने बताया कि जयसिंहपुर निर्वाचन क्षेत्र में 19 आयुर्वेदिक औषधालय हैं। इनमें विभिन्न श्रेणियों के 27 पद खाली हैं। आयुर्वेद मंत्री कर्ण सिंह ने यह जानकारी जयसिंहपुर के विधायक यादविंद्र गोमा के सवाल पर दी। कहा कि इन आयुर्वेदिक औषधालयों में चिकित्सा अधिकारियों के 19 पद स्वीकृत हैं।
इनमें एक पद रिक्त है। आयुर्वेदिक फार्मसिस्ट के 19 स्वीकृत पदों में से 15 पद रिक्त हैं। चतुर्थ श्रेणी के 23 स्वीकृत पदों में से 11 पद रिक्त हैं। विभाग में 187 पद भरे जाने हैं। वर्तमान में कुल 19 आयुर्वेदिक औषधालयों में से 10 औषधालय सरकारी भवन में, 8 पंचायत द्वारा उपलब्ध करवाए गए भवनों में तथा 1 दान दिए गए भवन में संचालित हैं।
एससी, एसटी और ओबीसी भवन निर्माण के 12, 896 मामले लंबित
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल ने कहा कि प्रदेश में गृह निर्माण के 12 हजार 896 मामले लंबित हैं। इनमें एससी के 8312, एसटी के 1957 तथा ओबीसी के 2627 मामले शामिल हैं। उन्होंने यह जानकारी मनाली के विधायक गोविंद सिंह के प्रश्न के उत्तर में दी।
बताया कि जिला कुल्लू में 2014-15 में ओबीसी के गृह निर्माण के 39, 2015-16 में 49 और 2016-17 में 61 मामले लंबित हैं। इन सालों में ओबीसी के लिए क्रमश: 3 लाख, 2 लाख 25 हजार तथा 2 लाख 25 हजार रुपये बजट का प्रावधान किया गया।
खाद्य आपूर्ति मंत्री से उठाया जाएगा कमीशन का मामला
सहकारी मंत्री कर्ण सिंह ने कहा कि सहकारी सभाओं के माध्यम से हिमाचल में चलाए जा रहे राशन के डिपो संचालकों की कमीशन बढ़ाने का मामला खाद्य आपूर्ति मंत्री जीएस बाली से उठाया जाएगा। सहकारिता मंत्री कर्ण सिंह ने यह जानकारी
विधायक नरेंद्र ठाकुर के सवाल के जवाब में दी। सेल्समैन को एक समान पारिश्रमिक देना संभव नहीं है। इन्हें सहकारी सभाओं की प्रबंध समितियों की ओर से अपने स्तर पर अपनी- अपनी आर्थिक स्थिति के आधार पर पारिश्रमिक दिया जाता है।