हिमाचल में क्यूआर कोड दिखाएगा सैलानियों को पर्यटन स्थलों की राह
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देश-विदेश से घूमने आने वाले लाखों पर्यटक क्यूआर कोड स्कैन करके हिमाचल के पर्यटन स्थलों को करीब से जान सकेंगे। प्रदेश सरकार पर्यटकों की सुविधा के लिए हिमाचल में अपूर्से पट्टिकाएं लगाने जा रही है। प्रदेश भर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में 1147 आज पुरानी राहों से (अपूर्से) पट्टियां लगाई जाएंगी। पहली क्यूआर कोड पट्टिका राज्य संग्रहालय में लगाई गई है।
इसमें महात्मा गांधी के शिमला दौरों की जानकारी दी गई है। चंडीगढ़ के रॉक गार्डन के बाद हिमाचल में ही इस तरह की पट्टिकाएं लगेंगी। अब इसे महात्मा गांधी की प्रतिमा के आसपास रिज मैदान पर लगाया जाना है। इन पट्टिकाओं में क्यूआर कोड भी लगाया जा रहा है। पर्यटक इसे अपने मोबाइल से स्कैन कर तत्काल पर्यटन स्थल और आसपास की जानकारी हासिल कर सकेंगे।
यह है पट्टिकाओं की खासियत
एक कंपनी क्यूआर कोड पट्टिकाओं में मुफ्त लगा रही है। इनमें लगे क्यूआर कोड को मोबाइल फोन से स्कैन करते ही संबंधित क्षेत्र और आसपास के बारे में विस्तृत जानकारी 70 भाषाओं में अनुवाद होकर मिल सकेगी। ये पट्टिकाएं ऐसे स्थानों पर भी लगाई जाएंगी, जहां देश के प्रसिद्ध नेता, कलाकार, लेखक और संगीतकार रहे हैं या रहते हैं।
उनके निवास स्थानों के बाहर भी क्यूआर कोड की पट्टिकाएं लगाई जाएंगी। शिमला में केआर सहगल, मास्टर मदन, महात्मा गांधी के निवास स्थानों पर भी पट्टिकाएं लगाई जानी हैं। इन पट्टिकाओं में सूबे के पर्यटन स्थलों की भी जानकारी होगी।
भाषा एवं संस्कृति विभाग की सचिव पूर्णिमा चौहान ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों के उपायुक्तों से उन स्थानों की सूची मांगी गई थी, जहां ये क्यूआर कोड पट्टिकाएं लगाई जानी हैं। पूरे प्रदेश में 1147 कोड युक्त पट्टिकाएं लगेंगी।