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धार्मिक बनने के लिए मन का शुद्ध होना जरूरी: दलाईलामा
Fri, 05 Jun 2020 10:19 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, धर्मशाला
अमर उजाला नेटवर्क, धर्मशाला
Published by: Krishan Singh
Updated Fri, 05 Jun 2020 10:19 PM IST
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तिब्बती धर्मगुरु दलाईलामा
- फोटो : अमर उजाला
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तिब्बती धर्मगुरु दलाईलामा ने कहा कि धार्मिक बनने के लिए मन को शुद्ध करने की आवश्यकता है। मन तभी शुद्ध होगा, जब हम अपने अंदर के गलत विचारों को नष्ट कर बोधित्व को प्राप्त करें। शुक्रवार को धर्मगुरु दलाईलामा की उपस्थिति में मैक्लोडगंज में बोधिचित समारोह का आयोजन किया गया। कोरोना के चलते उन्होंने अपने निवास से पूर्णिमा के अवसर पर गौतम बुद्ध की शिक्षाएं दीं।
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बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर धर्मगुरु दलाईलामा ने मैक्लोडगंज स्थित अपने निवास स्थान पर दुनियाभर में अपने अनुयायियों को ऑनलाइन प्रवचन दिए। उन्होंने बोधिसत्व प्राप्ति के सात अभ्यास के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भौतिक विकास से शारीरिक सुख मिलता है। लेकिन मानसिक सुख करुणा, प्रेम और मैत्री से प्राप्त होता है।
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