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Shimla News: शहर के राशन डिपुओं से अब दालें भी गायब, उपभोक्ता परेशान
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रविवार को राशन लेने आए कई लोग डिपो संचालकों पर भड़के
कहा, पिछले महीने भी नहीं मिला राशन
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के राशन डिपुओं में दालों का स्टॉक खत्म होने के कारण रविवार को लोग परेशान रहे। डिपुओं में उपभोक्ताओं को जब पता चला कि दाल उपलब्ध नहीं है, तो उन्होंने डिपो संचालकों पर अपनी नाराजगी जताई। लोगों ने कहा कि जो राशन उपलब्ध करवाया जा रहा है वह अधूरा है। इस वजह से उन्हें बाकी के जरूरत के खाद्य पदार्थों को बाजारों से महंगी दरों पर खरीदना पड़ रहा है। इस वजह से महंगाई के दौर में बजट गड़बड़ा गया है।
शिमला शहर में एपीएल, एपीएलटी, बीपीएल, एएवाई और पीएच के तहत करीब 25,778 राशन कार्ड धारक हैं। इनमें 88,083 लोगों को 40 से अधिक राशन डिपो में उचित मूल्य पर राशन उपलब्ध करवाया जाता है। रविवार को राशन लेने आए लोगों को आटा, चावल, चीनी और नमक ही मिल पाया। लोगों ने जब संचालकों से मलका और माश की दाल देने की बात कही तो संचालकों ने कहा कि यह खत्म हो गई है। ऐसे में जब सप्लाई आएंगी तब ही इसे दिया जाएगा। उधर, संचालकों की इस बात काे सुनने के बाद विभिन्न जगहों पर लोग भड़क गए। शिमला की रहने वाली मीना, रिट्ज की अनीता, लक्कड़ बाजार के रूप सिंह और संजौली के अमीचंद ने कहा कि पिछले महीने भी उन्हें दालें और तेल नहीं मिला था। वहीं दिसंबर में तो स्थिति और भी खराब हो गई है। उन्होंने बताया कि पता किया तो मालूम पड़ा कि कुछ डिपो में ही दालों का स्टॉक बचा है। उन्होंने विभाग से मांग की है कि जल्द राशन की उपलब्धता करवाई जाए। इससे लोगों को बार-बार डिपुओं के चक्कर न काटने पड़े।
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कहा, पिछले महीने भी नहीं मिला राशन
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के राशन डिपुओं में दालों का स्टॉक खत्म होने के कारण रविवार को लोग परेशान रहे। डिपुओं में उपभोक्ताओं को जब पता चला कि दाल उपलब्ध नहीं है, तो उन्होंने डिपो संचालकों पर अपनी नाराजगी जताई। लोगों ने कहा कि जो राशन उपलब्ध करवाया जा रहा है वह अधूरा है। इस वजह से उन्हें बाकी के जरूरत के खाद्य पदार्थों को बाजारों से महंगी दरों पर खरीदना पड़ रहा है। इस वजह से महंगाई के दौर में बजट गड़बड़ा गया है।
शिमला शहर में एपीएल, एपीएलटी, बीपीएल, एएवाई और पीएच के तहत करीब 25,778 राशन कार्ड धारक हैं। इनमें 88,083 लोगों को 40 से अधिक राशन डिपो में उचित मूल्य पर राशन उपलब्ध करवाया जाता है। रविवार को राशन लेने आए लोगों को आटा, चावल, चीनी और नमक ही मिल पाया। लोगों ने जब संचालकों से मलका और माश की दाल देने की बात कही तो संचालकों ने कहा कि यह खत्म हो गई है। ऐसे में जब सप्लाई आएंगी तब ही इसे दिया जाएगा। उधर, संचालकों की इस बात काे सुनने के बाद विभिन्न जगहों पर लोग भड़क गए। शिमला की रहने वाली मीना, रिट्ज की अनीता, लक्कड़ बाजार के रूप सिंह और संजौली के अमीचंद ने कहा कि पिछले महीने भी उन्हें दालें और तेल नहीं मिला था। वहीं दिसंबर में तो स्थिति और भी खराब हो गई है। उन्होंने बताया कि पता किया तो मालूम पड़ा कि कुछ डिपो में ही दालों का स्टॉक बचा है। उन्होंने विभाग से मांग की है कि जल्द राशन की उपलब्धता करवाई जाए। इससे लोगों को बार-बार डिपुओं के चक्कर न काटने पड़े।
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