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हिमाचल में भी दी जाए धारा 118 में छूट : साहनी

Fri, 09 Aug 2019 07:16 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Fri, 09 Aug 2019 07:16 PM IST
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Public wants relaxation in Section 118 of the H.P. Tenancy and Land Reforms Act, 1972
लैंड टेनेंसी एक्ट 1974 की धारा 118

हिमाचल प्रदेश गैर कृषक एकता मंच ने केंद्र सरकार से मांग की है कि जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 35 ए की तर्ज पर हिमाचल में भी लैंड टेनेंसी एक्ट 1974 की धारा 118 में छूट दी जाए। जेएंडके में अनुच्छेद 35 ए में वर्ष 1944 से पहले के रहने वाले लोगों को छूट दी गई थी, जबकि हिमाचल में धारा 118 में सभी गैर हिमाचलियों के कृषक हक छीन लिए गए हैं।

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इन लोगों की छह-छह पुश्तें हिमाचल में ही रही हैं। आज तक इन्हें कृषक हितों से वंचित रखा गया है। सरकार लंबे समय से रह रहे लोगों को हिमाचल में कृषक का दर्जा नहीं देगी तो यह मामला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उठाया जाएगा।
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मंच के अध्यक्ष गिरीश साहनी ने प्रेस सम्मेलन में कहा कि इस मांग को लेकर प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिला है। उन्होंने कहा कि हिमाचल बनने से पहले उनके  परिवार के लोगों को नौकरी और छोटे व्यवसाय के लिए प्रदेश में बुलाया गया था।
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इसके बाद हिमाचल में धारा 118 लागू कर दी गई। सभी को गैर कृषकों का दर्जा देकर उनके हकों को छीना गया है। धारा 118 में कई बार संशोधन किए गए और यह कांग्रेस शासनकाल में ज्यादा हुआ है। यह संशोधन बड़े पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए किए जाते रहे हैं। कहा कि उनके परिवार की कई पुश्तें सन 1800 से रह रही हैं, लेकिन उनके परिवारों को कृषक के दर्जे से वंचित रखकर उनके साथ अन्याय हुआ है।

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