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कॉलेजों में पीटीए की भर्ती प्रक्रिया में फंसा पेंच

Sat, 02 Aug 2014 05:49 PM IST
Updated Sat, 02 Aug 2014 05:49 PM IST
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PTA shock, screw implicated in the recruitment process

प्रदेश के कॉलेजों में पीटीए शिक्षकों की भर्ती रुक सकती है। प्रिंसिपलों में सरकार के उन आदेशों को लेकर विरोध है, जिनमें कहा है कि 18 जुलाई से पहले से नियुक्त शिक्षकों को न हटाया जाए।

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पीटीए रूल 2006 के तहत पीटीए शिक्षकों की सिर्फ एक शैक्षणिक सत्र (एक साल) के लिए ही अस्थायी नियुक्ति कर सकते हैं। यदि इन शिक्षकों की सेवाएं जारी की जाती हैं तो यह गैर कानूनी होगा।
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इसके आधार पर शिक्षक कभी भी नियमित करने की मांग को लेकर कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं। ऐसे में सीधे तौर पर प्रिंसिपल और पीटीए अध्यक्ष ही कोर्ट में पार्टी बनते हैं।
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प्रिंसिपलों ने भर्ती से किया इंकार

PTA shock, screw implicated in the recruitment process

कुछ प्रिंसिपलों ने कोर्ट के इसी डर से पीटीए शिक्षकों की भर्तियां करने से ही इनकार कर दिया है। कुछ कॉलेजों ने साक्षात्कार के लिए तय तारीख भी स्थगित कर दी है।

अब कॉलेज प्रबंधन दुविधा में फंसे हैं। प्रिंसिपल सरकार के आदेशों मानते हैं तो कोर्ट की अवमानना और नियमों का उल्लंघन होगा। नहीं मानते हैं तो पढ़ाई प्रभावित होगी।

शनिवार को निदेशालय में होने वाली प्रिंसिपलों की कांफ्रेंस में इस पर स्थिति स्पष्ट हो सकती है। यदि इस संबंध में कोई फैसला नहीं होता है तो शिक्षकों की भर्तियों पर फिर रोक लग सकती है।

प्रदेश राजकीय महाविद्यालय प्राध्यापक संघ के अध्यक्ष डा. आरके कायस्था ने कहा कि सभी प्रिंसिपल ऐसा फैसला लेते हैं तो हम उनका सहयोग करेंगे। वैसे भी संघ पीटीए के तहत होने वाली भर्तियों का विरोध कर रहा है। जो भी नियुक्तियां होंगी वे गैरकानूनी होंगी।

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