ट्यूशन फीस वसूली के आदेश जारी नहीं होने पर अभिभावकों ने बोला हल्ला, निदेशालय के बाहर प्रदर्शन
हिमाचल प्रदेश के निजी स्कूलों में सिर्फ ट्यूशन फीस वसूली के आदेश जारी नहीं होने पर अभिभावकों ने सोमवार को उच्च शिक्षा निदेशालय के बाहर हल्ला बोला। शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर पर अभिभावकों को गुमराह करने के लिए बयान देने का आरोप लगाते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। छात्र-अभिभावक मंच के बैनर तले हुए प्रदर्शन में अभिभावकों ने शिक्षा विभाग के मंत्री और अफसरों में तालमेल नहीं होने का आरोप लगाया। कहा, मंत्री ने निर्देशों की अनदेखी हो रही है। मंत्री के बयान देने के बाद भी अफसर लिखित आदेश जारी नहीं कर रहे हैं। अभिभावकों ने संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा को ज्ञापन सौंप कर ट्यूशन फीस के अलावा अन्य फंड वसूली पर रोक लगाने की मांग की।
छात्र-अभिभावक मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा, कमलेश वर्मा, अमित कुमार, राजकुमार, राजेश शर्मा, रमेश शर्मा, सुनील चन्देल, विक्रम ठाकुर, यशपाल शर्मा, बाबू राम, बालक राम, संगीता, रामप्रकाश, रमन थारटा, अनिल ठाकुर और रिम्पल चौहान सहित कई अन्य विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। 24 और 28 दिसंबर को भी प्रदर्शन किए जाएंगे। विजेंद्र मेहरा ने मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री पर अभिभावकों को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने मांग की है कि सभी तरह के चार्जेज पर रोक लगाने के लिए तुरंत अधिसूचना और आदेश जारी किए जाएं। उन्होंने शिक्षा निदेशक की 8 दिसंबर की अधिसूचना को निजी स्कूलों की मनमानी को बढ़ाने वाला कदम बताया है। उन्होंने कहा है कि इस अधिसूचना में स्कूल पीटीए और प्रबंधन को फीसों के संदर्भ में निर्णय लेने के लिए अधिकृत किया गया है। जब स्कूल ही नहीं चले व जनरल हाउस का आयोजन नहीं हुआ तो फिर पीटीए कब,कैसे और कहां बन गई। उन्होंने उच्च न्यायालय से अपील की है कि वह निजी स्कूलों की ओर से पूर्ण फीस वसूली के मामले पर हस्तक्षेप करे।
अब कैबिनेट में लिया जाएगा स्कूल फीस और शुल्क मामले पर फैसला
निजी स्कूलों द्वारा लिए जा रहे वार्षिक और अन्य शुल्कों का विरोध करने उतरे अभिभावक सोमवार को फिर से शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज तथा शिक्षा सचिव से मिले। शहरी विकास मंत्री ने अभिभावकों की मांग को सुनने के बाद इसे जायज बताया। कहा कि इस मामले को अगली होनी वाली मंत्रिमंडल की बैठक में ले जाया जाएगा। इसमें ही इस पर फैसला होगा। अभिभावकों की मांग पर निजी स्कूलों को सिर्फ ट्यूशन फीस लेने के आदेश जारी किए जाएंगे।
शहर के डीएवी न्यू शिमला, तारा हाल, डीएवी लक्कड़ बाजार और दयानंद आदि स्कूलों के बच्चों के अभिभावकों ने शिक्षा सचिव से भी मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में चिरंजी लाल शर्मा, कुलदीप, होमेंद्र धौटा और हरी शंकर तिवारी सहित बारह अभिभावक शामिल रहे। अभिभावकों ने कहा कि शिक्षा मंत्री के आश्वासन के बावजूद आज तक निजी स्कूलों को सिर्फ ट्यूशन फीस लिए जाने के लिखित आदेश जारी नहीं हुए। अभिभावकों को भरोसा है कि सरकार लाखों अभिभावकों की समस्या का समाधान करेगी। अभिभावकों ने कहा कि शहरी विकास मंत्री और शिमला शहर के विधायक सुरेश भारद्वाज ने मंत्रिमंडल में इस मामले को पर फैसला होने का आश्वासन दिया है।
मुख्यमंत्री से भी मिल चुके हैं अभिभावक
अभिभावकों का प्रतिनिधिमंडल इस मांग को लेकर एक बार मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और सोमवार को शहरी विकास मंत्री से दो बार मिल चुका है। शिक्षा मंत्री ने सिर्फ ट्यूशन फीस लेने के निजी स्कूलों को आदेश जारी कर रखे हैं लेकिन अभिभावकों का कहना है कि इस पर अभी तक लिखित आदेश जारी नहीं हुए हैं।
सरकार की मुश्किल बढ़ा सकता है फीस मामला
प्रदेशभर के लाखों अभिभावकों से सीधे जुड़ा फीस का यह मामला सरकार की मुश्किल बढ़ा सकता है। पंचायत और नगर निकाय चुनाव की घोषणा हो चुकी है। छात्र-अभिभावक मंच फीस के इस मामले में राहत की बार-बार मांग उठा रहा है। इससे साफ है कि मामला शांत होने वाला नहीं। सरकार को इसमें कुछ राहत देनी ही पड़ेगी।