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कोर्ट जाने की तैयारी में ग्राम रोजगार सेवक, विभाग का करेंगे घेराव

Mon, 29 May 2017 12:34 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Mon, 29 May 2017 12:34 PM IST
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Protest by gram rozgar sevak in Shimla
बिझड़ी में हड़ताल पर बैठे ग्राम रोजगार सेवक।

नौकरी से बर्खास्त किए जाने के बाद ग्रामीण रोजगार सेवक गुस्से में हैं। संघ ने 6 जून को ग्रामीण विकास विभाग का घेराव करने का फैसला लिया है। संघ का आरोप है कि जिस समय सेवकों को अनुबंध पर लाया गया था। शर्त ये थी कि अगर ग्रामीण रोजगार सेवकों को नौकरी से हटाना है तो विभाग एक महीने पहले उन्हें नोटिस देगा।

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लेकिन, ऐसा नहीं किया गया। संघ सरकार के फैसले के खिलाफ  सोमवार को कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगा। ग्राम रोजगार सेवक संघ के अध्यक्ष शिव राज ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार की धमकियों से ग्राम रोजगार सेवक डरने वाले नहीं हैं।
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उन्होंने दावा किया कि किसी भी ग्राम सेवक ने नौकरी ज्वाइन नहीं की। सब एकजुट हैं। विभाग यूनियन को तोड़ने का प्रयास कर रहा है। इसके चलते ग्रामीण रोजगार सेवकों के नौकरी पर आने का बात की जा रही है। 

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पांच दिन पहले जारी किया था चेतावनी पत्र

Protest by gram rozgar sevak in Shimla
हिमाचल प्रदेश सरकार

बता दें कि ग्राम रोजगार सेवकों को 7000 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है, जबकि वे समान काम, समान वेतन की मांग उठा रहे हैं। इधर, ग्रामीण रोजगार सेवक ने अपनी लड़ाई को और मजबूत करने के लिए पंचायत प्रधान, बीडीसी और जिला परिषदों से भी सहयोग मांगा है। 

ग्रामीण विकास विभाग ने चार दिन पहले ही ग्राम रोजगार सेवकों को चेतावनी पत्र जारी करते हुए हड़ताल पर न जाने के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके ये कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। इन्हें शनिवार 12.00 बजे तक काम पर लौटने का अल्टीमेटम दिया गया था। 

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