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Shimla News: एचपीयू में विधायक जनारथा का विरोध गो बैक के लगाए नारे, धक्का-मुक्की हुई

Sun, 28 Sep 2025 01:41 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 28 Sep 2025 01:41 AM IST
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Protest against MLA Janartha in HPU, slogans of 'Go Back' were raised, there was pushing and shoving.
हिमाचल विवि में हुई कार्यकारिणी परिषद की बैठक में भाग लेने आए थे विधायक, एसएफआई ने घेराव कर लगाए मुर्दाबाद के नारे
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पुलिस ने किया बल प्रयोग, एसएफआई ने लगाया लाठियां बरसाने का आरोप

अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) शिमला की कार्यकारिणी परिषद (ईसी) की बैठक में भाग लेने आए शिमला शहरी विधायक हरीश जनारथा का एसएफआई कार्यकर्ताओं ने शनिवार को घेराव किया।
कार्यकर्ताओं ने हरीश जनारथा गो बैक.. मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। एसएफआई कार्यकर्ताओं ने इस दौरान विधायक को घेर लिया। विधायक को घेरे से बाहर निकालने में पुलिस जवानों और कार्यकर्ताओं के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। पुलिस जवानों और क्यूआरटी ने बल प्रयोग भी किया। इससे एसएफआई के कार्यकर्ता चोटिल हुए हैं। इनमें एक छात्र को आंख के पास चोट आई है। जवानों और कार्यकर्ताओं के बीच हुई धक्का-मुक्की और खींचतान में छात्राओं को घसीट कर किनारे किया गया। बल प्रयोग के समय महिला पुलिस कर्मियों की संख्या नाममात्र नजर आई। पुलिस को धक्का-मुक्की के बीच विधायक को बाहर निकालकर कुलपति कार्यालय तक पहुंचाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। एसएफआई ने पुलिस पर छात्र-छात्राओं पर लाठियां बरसाने और छात्राओं को पुरुष जवानों द्वारा घसीटने के आरोप लगाए हैं।
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एसएफआई ने कहा कि पुलिस के साथ हुई झड़प और लाठियां बरसाने में उनके तीन कार्यकर्ता चोटिल हुए हैं। गुस्साए कार्यकर्ताओं ने विधायक के पुलिस की सुरक्षा में चले जाने के बाद पुस्तकालय के बाहर मुख्य सड़क पर बैठकर धरना दिया। इसमें प्रदेश सरकार, विधायक, विवि प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने पुलिस के कड़े पहरे के बीच धरना दिया। इससे वाहनों की आवाजाही कुछ समय के लिए बंद रही।
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एससीए चुनाव बहाल करे सरकार : आशीष
एसएफआई कार्यकर्ताओं ने एससीए चुनाव बहाल करने और मनोनयन से डम्मी एससीए गठन की प्रक्रिया का विरोध किया। एसएफआई के राज्य सह सचिव आशीष ने कहा कि 2013 के बाद से एससीए चुनाव पर लगे प्रतिबंध से छात्रों को उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिल रहा है। छात्र राजनीति का स्वरूप बदला है। मनोनयन से गुंगी एससीए बनाई जा रही है। सरकारों ने जानबूझ कर छात्रों के जनवादी अधिकार छात्र संघ चुनाव पर प्रतिबंध लगाया है। जिला अध्यक्ष विवेक नेहरा ने कहा कि 2019 में संविधान में 103वां संशोधन किया गया जिसमें आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को उच्च शिक्षा में 10 फीसदी आरक्षण दिया था लेकिन हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय द्वारा अभी तक छात्रों को यहां आरक्षण नहीं दिया। उन्होंने कहा कि 4000 हजार से अधिक विवि के विद्यार्थियों में से सिर्फ 1200 को ही छात्रावास सुविधा मिल रही है।



70 फीसदी भर्तियों में हुई गड़बड़ी : योगी

इकाई अध्यक्ष योगी ने कहा कि विवि में 70 फीसदी भर्तियों में गड़बड़ियां पाई गई हैं। भर्ती हुए शिक्षक पढ़ाने की जगह विवि में सिर्फ राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने विवि में हुई भर्तियों की न्यायिक जांच करवाने और परिसर में राजनीतिक गतिविधियों में संलिप्त शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग उठाई है। 2019 में विज्ञापित किए गैर शिक्षकों के पदों के लिए फीस के नाम पर 4.50 करोड़ रुपये एकत्र किए लेकिन आज तक भर्ती नहीं हुई है। यह बेरोजगार युवाओं से लूट है। उन्होंने जल्द गैर शिक्षक पदों की भर्ती करवाने की मांग की।
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