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1965 की लड़ाई में प्रदेश के इतने जवानों ने दी थी शहादत, 50 दिन लड़ा गया था युद्ध
ब्यूरो/अमर उजाला, बिलासपुर
Updated Sun, 24 Sep 2017 12:36 PM IST
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पूर्व सैनिक कल्याण समिति ने भारत-पाकिस्तान युद्ध के 52 वर्ष पूरे होने पर युद्ध स्मारक बिलासपुर में वीर सैनिकों के सम्मान के लिए समारोह का आयोजन किया। सबसे पहले युद्ध में प्रदेश के शहीद हए सैनिकों को श्रद्धांजलि देकर दो मिनट का मौन रखा गया।
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इस मौके पर ईसीएचएस कमान अधिकारी कर्नल अशोक कुमार, सैनिक कल्याण विभाग उपनिदेशक मेजर सुशील कुमार कौंडल, सैनिक कल्याण विभाग के पूर्व उपनिदेशक कैप्टन जगननाथ ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की।
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वीर सैनिक सम्मान समारोह की अध्यक्षता प्रदेशाध्यक्ष सूबेदार प्रकाश चंद ने की। उन्होंने कहा कि पांच अगस्त 1965 को भारत-पाकिस्तान युद्ध शुरू हुआ और 23 सितंबर 1965 को मध्य रात्रि भारत सरकार ने युद्ध विराम की घोषणा की थी।
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युद्ध 50 दिनों तक लड़ा गया था। पांच अगस्त 1965 को पाकिस्तानी सेना के 33,000 सैनिक लाइन ऑफ कंट्रोल को पार कर चुके थे। भारतीय सैनिकों ने पाकिस्तान सैनिकों को पीछे धकेल दिया था। इस युद्ध में प्रदेश के 130 जबकि जिला बिलासपुर के 31 जवानों सहित भारतीय सेना के 3000 सैनिक शहीद हुए।
इस युद्ध में प्रदेश के कैप्टन प्रेम सिंह गुलेरिया, मंडी से कैप्टन बालम, बिलासपुर के सिपाही सुखराम, कांगड़ा से कैप्टन जगदीश सिंह, खिंडराम, ग्रुप कैप्टन विरेंद्र सिंह पठानिया, कर्नल रविंद्र सिंह सम्याल, लांस नायक लखा सिंह, चंबा के मेजर विजय कुमार जबकि सूबेदार रघुनाथ सिंह, हवलदार कांसी राम ऊना को वीर चक्र सहित प्रदेश के सैन्य अधिकारियों एवं वीर सैनिकों को अनेकों युद्ध पदकों से सम्मानित किया गया था।
इस मौके पर हंस राज, सुभाष चंद, रामलाल, अमरनाथ धीमान, जोगेंद्र सेन, धनीराम धीमान, संजय चौधरी, सूबेदार सरबजीत, रामानंद, जगजीत, हरीचंद बिंद्रा, ज्ञान चंद शर्मा, हरि सिंह, अनिल कुमार, नानक चंद, कुलवंत पटयाल, बालक राम, लसकरी राम, अंबा प्रसाद, रत्न सिंह, हवलदार सुरेंद्र शर्मा, सुरेश नड्डा, देशराज, संतराम, लच्छूराम, बलदेव सिंह, कर्म सिंह, शिव सिंह सहित अन्य उपस्थित थे।