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हाईकोर्ट के फैसले की गलत व्याख्या कर मनमानी कर रहे हैं प्राइवेट स्कूल: मंच

Sat, 05 Dec 2020 04:52 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Sat, 05 Dec 2020 04:52 PM IST
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Private schools are arbitrary by misinterpreting the High Court's decision: Manch
मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा

छात्र अभिभावक मंच ने निजी स्कूलों से पूरी फीस और सभी चार्ज की वसूली को लेकर अभिभावकों को भेजे जा रहे मेसेज को मानसिक प्रताड़ना करार दिया है। मंच ने ऐसे स्कूलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। चेताया कि अगर सरकार ने इस मसले पर तुरंत हस्तक्षेप कर निजी स्कूलों की लूट व मनमानी पर रोक न लगाई तो मंच आंदोलन करेगा। 

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मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा, सह संयोजक बिंदु जोशी, सदस्य फालमा चौहान व विवेक कश्यप ने उच्च न्यायालय से फीस वसूली के मुद्दे पर हस्तक्षेप की मांग की है। कहा कि निजी स्कूल हाईकोर्ट के निर्णय की गलत व्याख्या कर मनमानी लूट कर रहे हैं। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहीं भी जिक्र नहीं किया है कि निजी स्कूल ट्रांसपोर्टेशन चार्ज सहित सभी तरह के चार्ज वसूल सकते हैं।
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उच्च शिक्षा निदेशक ने भी किसी भी अधिसूचना में पूर्ण फीस वसूली का आदेश नहीं दिया है। एक आरटीआई के जवाब में शिक्षा निदेशालय ने साफ किया है कि निजी स्कूल केवल ट्यूशन फीस ले सकते हैं। पूरी फीस जमा न करने वाले छात्रों को ऑनलाइन कक्षाओं से बाहर किया जा रहा है। मेहरा ने कहा है कि अभिभावकों को सरकार और निजी स्कूल हर तरह से लूट रहे हैं। 
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निजी स्कूलों ने एक भी दिन कक्षाएं नहीं चलाईं, फिर भी छात्रों से स्मार्ट क्लास रूम, कंप्यूटर फीस, केयर, मिसलेनियस, एनुअल चार्ज वसूले जा रहे हैं। छात्र एक भी दिन स्कूल बसों में नहीं बैठे, लेकिन सत्र के शुरू में ट्रांसपोर्टेशन चार्ज के नाम पर वसूले हजारों रुपये न तो फीस में समाहित किए गए और न ही उन्हें लौटाया गया। उन्होंने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे निजी स्कूलों की लूट को चुनौती दें व पूर्ण फीस वसूली का बहिष्कार करें।

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