राजगढ़ हादसा: घायलों की चीखों से गूंज उठा सोलन अस्पताल
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हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के नेईनेटी में हुए बस हादसे की चीखें रविवार को 30 किलोमीटर दूर सोलन अस्पताल तक सुनाई दीं। एक के बाद एक अस्पताल ला जा रहे घायलों से अस्पताल भर गया। अपनों का हाल जानने वालों की भीड़ लग गई। जिसे भी खबर मिली, वो अस्पताल पहुंच गया। घायलों की मदद के लिए शहरवासी भी पहुंच गए।
सोलन अस्पताल में करीब दस बजे से दोपहर तक अफरातफरी भरे माहौल में डॉक्टर घायलों को उपचार देने में जुटे रहे। सोलन अस्पताल पहुंचने से पहले ही एक बच्चे की मौत हो चुकी थी। एक महिला ने अस्पताल में दम तोड़ा। यहां से परिचालक समेत एक अन्य को आईजीएमसी शिमला, जबकि एक अन्य को पीजीआई रेफर किया गया।
ये हैं अस्पताल में भर्ती
सिरमौर के नेईनेटी के पास हुए हादसे में घायल 13 लोगों को सोलन अस्पताल लाया गया। रविवार को अवकाश के चलते डाक्टर नहीं थे, लेकिन दुर्घटना की मिलते ही सभी डॉक्टर पहुंच गए थे।
बस दुर्घटना के बाद क्षेत्रीय अस्पताल में भर्ती पप्पू गांव बखोर जिला बदायूं (उत्तर प्रदेश), कर्मचंद गांव पैणकुफर जिला सिरमौर, विनोद गांव नेईनेटी, कविता गांव शहाड़ पजेवगा, वीरेंद्र (बस कंडक्टर) गांव धामला चंदोल, देशराज गांव ठंडीधार, धर्मवीर गांव जाबल असलतपुर (यूपी), बलवीर गांव पुन्नरधार तहसील नौहराधार, विजेंद्र सिंह गांव नेई नेटी (सिरमौर)
पांच डॉक्टरों की टीम ने संभाले घायल
पांच डॉक्टरों ने आपातकालीन कक्ष को संभाला और घायलों के इलाज में जुट गए। जिन लोगों के उपचार का प्रबंध अस्पताल में नहीं हो सकता था, उन्हें समय पर रेफर कर दिया गया।
डॉ. आरके शर्मा ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही सभी डॉक्टरों ने आपस में मंत्रणा कर ली थी और उसके बाद अस्पताल पहुंच गए। नर्सिंग स्टाफ ने भी स्थिति को संभालने में अहम योगदान निभाया।