इस फोरलेन में गड़बड़ी की होगी जांच, राष्ट्रपति कार्यालय ने दिए आदेश
किरतपुर-नेरचौक फोरलेन के निर्माण में हो रही तमाम गड़बडि़यों की अब केंद्र सरकार जांच करेगी। फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति की शिकायत पर राष्ट्रपति भवन दिल्ली ने कड़ा संज्ञान लिया है। राष्ट्रपति भवन ने भारत सरकार के भूमि संसाधन विभाग के सचिव को पत्र लिखकर मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
जांच के बाद इसकी तत्काल जानकारी देने के आदेश दिए हैं। राष्ट्रपति भवन के अंडर सेक्रेटरी अशोक कुमार ने पत्र संख्या पी1/सी/1904180829 के तहत पत्र भारत सरकार के भूमि संसाधन विभाग के सचिव को जांच के लिए कहा है।
किरतपुर-नेरचौक फोरलेन विस्थापित और प्रभावित परिवारों की समस्याओं के बारे में समिति ने राष्ट्रपति को शिकायत भेजी थी। इसमें कहा गया था कि विस्थापित और प्रभावित लोगों के अधिकारों का हनन हो रहा है। नियम ताक पर रखकर काम हो रहा है।
आवाज उठाने पर झूठे केस दर्ज
लोगों को यह भी पता नहीं चल रहा है कि कौन सी जमीन सड़क में अधीन है और कौन शेष भूमि बची है। सड़क से निकलने वाली मिट्टी गोबिंदसागर झील में डंप की जा रही है। इसके खिलाफ आवाज उठाने पर झूठे केस दर्ज किए जा रहे हैं।
रोड अलाइनमेंट में आए मकानों को छोड़ कंपनी रोड अलाइनमेंट से बाहर के मकानों को जबरन गिरा रही है। बिजली, पानी के कनेक्शन काटकर लोगों को अंधेरे में रहने को मजबूर किया जा रहा है। प्रशासन और सरकार से बार-बार शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
शिकायत मिलने के बाद राष्ट्रपति भवन से इस संबंध में भारत सरकार के भूमि संसाधन विभाग के सचिव को पत्र लिख कर मामले की जांच करने को कहा गया है। जांच रिपोर्ट भी राष्ट्रपति भवन को देने के लिए कहा है।