हिमाचली टोपी पहन राजपथ पहुंचे रामनाथ कोविंद, फिर झलका राष्ट्रपति का देवभूमि से प्रेम
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हिमाचल देवभूमि होने के साथ-साथ अपनी कला, संस्कृति और खूबसूरत पहनावे के लिए भी जाना जाता है। हिमाचली टोपी भी इसमें से एक है। हालांकि प्रदेश में हरी और लाल टोपी की सियासत भी किसी से छिपी नहीं है।
लेकिन इस टोपी का हर कोई दिवाना है। चाहे हिमाचल घूमने आने वाले पर्यटक हो या फिर स्थानीय लोग। सभी को हिमाचली टोपी पसंद आती है। इस लिस्ट में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का नाम भी शामिल है जो एक बार फिर हिमाचली टोपी पहने नजर आए।
हिमाचली टोपी का सम्मान उस वक्त और बढ़ गया जब देश के सर्वोच्च पद पर बैठे महामहिम राष्ट्रपति गणतंत्र दिवस के मौके पर राजपथ पर हिमाचली टोपी पहनकर पहुंचे।
हिमाचली टोपी पहल राष्ट्रपति ने दिया वीरता सम्मान
गणतंत्र दिवस समारोह के अलावा, बीते 19 जनवरी को भी राष्ट्रपति भवन में गणतंत्र दिवस के लिए डाइनेमिक लाइटिंग के उद्घाटन के समय भी राष्ट्रपति ने हिमाचली टोपी को सिर पर सजाया था।
कुछ माह पहले कुल्लू के भुट्टिको के कारीगर और प्रबंधकों ने राष्ट्रपति भवन जाकर रामनाथ कोविंद को कुल्लवी टोपी भेंट की थी लेकिन कुल्लू से बनाकर लाई गई यह टोपी उनके साइज में फिट नहीं बैठी।
सांसद अनुराग ठाकुर ने जताई खुशी
सांसद अनुराग ठाकुर ने 69 वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हिमाचली टोपी पहन कर तिरंगे की सलामी लेने पर खुशी जताई है। उन्होंने इसे पूरे हिमाचल के लिए एक गौरवशाली क्षण बताया है।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने इजरायल दौरे पर हिमाचली टोपी पहन कर हिमाचल का मान अंतरराष्ट्रीय मंच पर बढ़ाया था, उसी तरह महामहिम रामनाथ कोविंद ने 69वें गणतंत्र दिवस पर हिमाचली टोपी में तिरंगे को सलामी देकर पूरे हिमाचल को गौरवान्वित किया है।