हिमाचल में मेधावियों को लैपटॉप के लिए करना होगा इंतजार, ये है बड़ी वजह
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10वीं और 12वीं स्कूल शिक्षा बोर्ड के 8800 और कॉलेजों के 900 मेधावियों को सरकारी लैपटॉप के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा। डेढ़ साल से इनके लिए लैपटॉप ले रही सरकार अब खरीद टेंडर को ही रद्द करने की तैयारी में है।
दो कंपनियों को टेंडर देने और खरीद के लिए बजट 18 से बढ़कर 23 करोड़ होने से मामला और उलझ गया है। मंगलवार दोपहर इस मामले पर राज्य सचिवालय में शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज, आईटी मंत्री रामलाल मारकंडा और प्रधान सचिव शिक्षा केके पंत ने चर्चा की लेकिन बातचीत बेनतीजा ही रही।
शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बताया कि निर्धारित बजट से अधिक का खर्च आने को लेकर निदेशालय से जवाब तलब किया गया है। निदेशालय से रिपोर्ट आते ही इस बाबत आगामी कार्रवाई की जाएगी।
उधर, आईटी मंत्री रामलाल मारकंडा ने बताया कि इलेक्ट्रानिक कारपोरेशन ने शिक्षा विभाग की जरूरतों के मुताबिक लैपटॉप के टेंडर किए हैं। खरीद को लेकर अंतिम फैसला शिक्षा विभाग को लेना है।
उल्लेखनीय है कि शिक्षा विभाग ने बीते दिनों इलेक्ट्रानिक कारपोरेशन से दो कंपनियों के चयन को लेकर सवाल पूछे थे। इसका जवाब आने के बाद निदेशालय ने मामले की पूरी रिपोर्ट बनाकर सरकार को भेज दी है।
लैपटॉप खरीद के लिए पहली बार दो कंपनियों का भी चयन किया गया है। एल वन कंपनी को 60 फीसदी और एल टू कंपनी को 40 फीसदी सप्लाई ऑर्डर देने की बात कही गई है। राज्य इलेक्ट्रानिक कारपोरेशन ने टेक्निकल और फाइनेंशियल बिड के बाद दो कंपनियों का चयन किया है।
बजट बढ़ने से शिक्षा निदेशालय की मुश्किलें बढ़ गई हैं। वित्त महकमे से अतिरिक्त बजट मिलने की उम्मीद कम होने के चलते टेंडर को रद्द कर नए सिरे से टेंडर करने की तैयारी की जा रही है।