'अपनी नाकामयाबी का ठीकरा केंद्र पर फोड़ती है वीरभद्र सरकार'
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पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि प्रदेश सरकार अपनी विफलताओं का ठीकरा केंद्र के सिर पर फोड़ती रहती है। केंद्र से रिकॉर्ड बजट मिलने के बावजूद विकास करवाने की बजाय सरकार अपनी जिम्मेवारी से भाग रही है।
पत्रकार वार्ता में धूमल ने कहा कि चंडीगढ़ में केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई उत्तर क्षेत्रीय राज्यों की बैठक में प्रदेश सरकार ने ऐसे अधिकारियों को भेजा जो बीबीएमबी का पक्ष सही तरीके से नहीं रख पाए।
इसके चलते पंजाब और हरियाणा ने उल्टा हिमाचल पर 1600 करोड़ रुपये देने का दावा कर दिया। बैठक में हिमाचल के मंत्रियों ने बीबीएमबी में प्रदेश को 7.19 प्रतिशत हिस्सा देने की मांग की है।
इससे बड़ी नालायकी कांग्रेस सरकार की कोई नहीं हो सकती है कि सितंबर 2011 में उच्चतम न्यायालय के हिमाचल के पक्ष में सुनाए फैसले को ही भूल गई। फैसले को लागू करवाने के लिए उच्चतम न्यायालय ने प्रदेश सरकार को केंद्र के साथ बैठकर अपने दावे प्रस्तुत करने को कहा था।
धूमल बोले, कोशिश करे सरकार तो साथ देगा विपक्ष
प्रदेश सरकार को अपना हिस्सा लेने के लिए केंद्र सरकार पर जिम्मेवारी डालने की बजाय उच्चतम न्यायालय में जाकर प्रयास करना चाहिए था। दलगत राजनीति से ऊपर उठकर प्रदेश हित में प्रदेश का हिस्सा प्राप्त करने को सरकार कोई कदम उठाती है तो विपक्ष सरकार का साथ देगा।
उन्होंने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि केंद्र सरकार से हजारों करोड़ की आर्थिक मदद मिलने के बावजूद प्रदेश सरकार कर्ज ले रही है। धूमल ने कहा कि 4 जून को हमीरपुर में त्रिदेव सम्मेलन होने जा रहा है। इसमें केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह आएंगे।
11 जून को मंडी के त्रिदेव सम्मेलन में केंद्रीय भूतल एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी आएंगे। इनमें मतदान केंद्र के अध्यक्ष, पालक और बीएलए ही भाग ले सकेंगे। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष अनिल ठाकुर, प्रदेश सह मीडिया प्रभारी नरेंद्र अत्री, महामंत्री आजय शर्मा, जिला मिडिया प्रभारी अंकुश दत्त शर्मा उपस्थित रहे।