स्वाइन फ्लू: सूअरों को खुले में न छोड़ें, शहरी निकाय करें निगरानी
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सूबे में स्वाइन फ्लू का प्रकोप बढ़ने के बाद अब प्रदेश सरकार हरकत में आ गई है। प्रदेश सरकार के आला अधिकारियों ने स्वास्थ्य, पशुपालन और शहरी विकास विभाग को सतर्क रहने की हिदायत दी है। साथ ही सूअर पालकों को सूअरों को खुले में न छोड़ने की हिदायत दी है।
वहीं, सभी शहरी निकायों को भी शहरों में सूअरों को छोड़ने वालों पर निगरानी बनाने के निर्देश दिए हैं। अगर कोई सूअर पालक बाड़े से सूअरों को खुले में छोड़ रहा है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाएं।
उधर, वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव ने सभी सीएमओ को अलर्ट जारी किया है। अस्पतालों में स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए अलग से वार्ड की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला कांगड़ा के सीएमओ डॉ. गुरदर्शन गुप्ता ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए सभी स्वास्थ्य संस्थानों में उचित प्रबंधन किए हैं। इस बीमारी की चपेट में आए मरीजों का प्राथमिकता से उपचार किया जा रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री ने टांडा में ली अधिकारियों की क्लास
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री विपिन सिंह परमार ने स्वाइन फ्लू को लेकर अधिकारियों की क्लास लेते हुए लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए हैं। परमार ने टांडा मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य विभाग कांगड़ा के अधिकारियों के साथ स्वाइन फ्लू से निपटने को लेकर बैठक की।
उन्होंने कहा प्रदेश के सभी अस्पतालों में स्वाइन फ्लू की दवाई उपलब्ध करवा दी गई हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों सहित मुख्य चिकित्सा संस्थानों में आइसोलेशन वार्ड स्थापित किए गए हैं, ताकि इस संक्रमण को रोका जा सके।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सजग है और अधिकारियों से लोगों को जागरूक करने को कहा गया है। इस अवसर पर नगरोटा बगवां के विधायक अरुण मेहरा, एडीसी केके सरोच, टांडा मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.भानू शर्मा, सीएमओ कांगड़ा गुरदर्शन गुप्ता, संयुक्त निदेशक टांडा मेडिकल कॉलेज सुनयना शर्मा, एमएस डॉ. सुरेंद्र भारद्वाज सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद थे।