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Shimla News: क्षय रोगियों के परिवार की भी होगी स्क्रीनिंग, घरद्वार पर जांचे जाएंगे सैंपल
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क्षय रोग को फैलने से रोकने के लिए विभाग ने उठाया कदम
जिले के प्रत्येक गांव में चलेगा एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान
मरीजों के डायरेक्ट संपर्क में आने वाले लोगों को दी जाएगी प्रिवेंटिव मेडिसिन
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। क्षय रोग (टीबी) को रोकने के लिए क्षय रोगियों के परिवार की भी स्वास्थ्य विभाग स्क्रीनिंग करेगा। इसके लिए विभाग की टीम घरद्वार पर जाकर सैंपल लेगी। इनकी नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में जांच करवाई जाएगी। इससे यह पता चल जाएगा कि क्षय रोग पॉजिटिव मरीज की चपेट में आने से साथ रहने वाले लोगों को कोई दिक्कत तो नहीं आ रही है। इसी के साथ सीधे संपर्क में आने वाले लोगों को भी प्रिवेंटिव मेडिसिन दी जाएगी ताकि क्षय रोग को फैलने से रोका जा सके। जिलेभर में प्रत्येक गांव में एक्टिव केस अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए विभाग की टीम नए मामलों का पता लगाएगी। इसी के साथ पॉजिटिव मामलों के परिवारवालों के स्वास्थ्य की जांच करेगी। जांच के दौरान अगर पॉजिटिव मरीज के साथ रहने वाले परिजनों की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आती है तो विभाग उन्हें भी टीबी की दवाइयां शुरू करेगा। इसका फायदा यह होगा कि भविष्य में होने वाले टीबी के विकार की समय पर ही रोकथाम हो जाएगी। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि अब टीबी मरीजों का उपचार तक ही सीमित नहीं है बल्कि अब परिजनों के बारे में जानकारी ली जा रही है। इस अभियान से क्षय रोग मुक्त प्रदेश बनाने में काफी मदद मिलेगी। उधर, जिला कार्यक्रम अधिकारी क्षय रोग डॉ. विनीत ने बताया कि क्षय रोगियों परिवार की भी स्क्रीनिंग होगी। साथ ही प्रिवेंटिव मेडिसिन भी दी जाएगी।
इनसेट
स्वास्थ्य विभाग लगा रहा शिविर
जिलेभर में स्वास्थ्य विभाग शिविर लगा रहा है। मौके पर ही एक्सरे भी किए जा रहे हैं। अगर कोई संदिग्ध मरीज शिविर में की गई प्रारंभिक जांच में सामने आता है तो उसका नमूना लेकर आगामी उपचार शुरू किया जाता है। जिला स्वास्थ्य विभाग के पास अब पर्याप्त हैंड एक्सरे मशीन हैं। इससे मरीजों की जांच करने में आसानी हुई है।
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जिले के प्रत्येक गांव में चलेगा एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान
मरीजों के डायरेक्ट संपर्क में आने वाले लोगों को दी जाएगी प्रिवेंटिव मेडिसिन
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। क्षय रोग (टीबी) को रोकने के लिए क्षय रोगियों के परिवार की भी स्वास्थ्य विभाग स्क्रीनिंग करेगा। इसके लिए विभाग की टीम घरद्वार पर जाकर सैंपल लेगी। इनकी नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में जांच करवाई जाएगी। इससे यह पता चल जाएगा कि क्षय रोग पॉजिटिव मरीज की चपेट में आने से साथ रहने वाले लोगों को कोई दिक्कत तो नहीं आ रही है। इसी के साथ सीधे संपर्क में आने वाले लोगों को भी प्रिवेंटिव मेडिसिन दी जाएगी ताकि क्षय रोग को फैलने से रोका जा सके। जिलेभर में प्रत्येक गांव में एक्टिव केस अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए विभाग की टीम नए मामलों का पता लगाएगी। इसी के साथ पॉजिटिव मामलों के परिवारवालों के स्वास्थ्य की जांच करेगी। जांच के दौरान अगर पॉजिटिव मरीज के साथ रहने वाले परिजनों की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आती है तो विभाग उन्हें भी टीबी की दवाइयां शुरू करेगा। इसका फायदा यह होगा कि भविष्य में होने वाले टीबी के विकार की समय पर ही रोकथाम हो जाएगी। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि अब टीबी मरीजों का उपचार तक ही सीमित नहीं है बल्कि अब परिजनों के बारे में जानकारी ली जा रही है। इस अभियान से क्षय रोग मुक्त प्रदेश बनाने में काफी मदद मिलेगी। उधर, जिला कार्यक्रम अधिकारी क्षय रोग डॉ. विनीत ने बताया कि क्षय रोगियों परिवार की भी स्क्रीनिंग होगी। साथ ही प्रिवेंटिव मेडिसिन भी दी जाएगी।
इनसेट
स्वास्थ्य विभाग लगा रहा शिविर
जिलेभर में स्वास्थ्य विभाग शिविर लगा रहा है। मौके पर ही एक्सरे भी किए जा रहे हैं। अगर कोई संदिग्ध मरीज शिविर में की गई प्रारंभिक जांच में सामने आता है तो उसका नमूना लेकर आगामी उपचार शुरू किया जाता है। जिला स्वास्थ्य विभाग के पास अब पर्याप्त हैंड एक्सरे मशीन हैं। इससे मरीजों की जांच करने में आसानी हुई है।
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