फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Poor results in himachal govt schools No action against Teachers

खराब रिजल्ट पर शिक्षकों की जवाबदेही से पीछे हटी सरकार

Sat, 24 Nov 2018 12:08 PM IST
अनिमेष कौशल, अमर उजाला, शिमला
अनिमेष कौशल, अमर उजाला, शिमला Updated Sat, 24 Nov 2018 12:08 PM IST
विज्ञापन
Poor results in himachal govt schools No action against Teachers

पूर्व की सरकारों की तरह जयराम सरकार ने भी शिक्षक संगठनों के दबाव में आकर आखिरकार यू टर्न ले लिया। दसवीं और जमा दो कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं में 25 फीसदी से कम परिणाम देने वाले शिक्षकों की जवाबदेही तय करने से सरकार कतरा गई है। पूअर रिजल्ट पॉलिसी में किए गए कार्रवाई के प्रावधान भी फाइलों तक ही सिमट कर रख दिए हैं। ऐसे में गुणात्मक शिक्षा देने के दावे करने वाली राज्य सरकार की कार्रवाई करने की घोषणाएं खोखली साबित हो गई हैं।

विज्ञापन


कम परिणाम देने वाले शिक्षकों के खिलाफ हुई शिक्षा निदेशालय की कार्रवाई का अधिकांश शिक्षक संगठनों ने विरोध किया है। मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव से लेकर निदेशकों तक संगठनों के पदाधिकारियों ने ज्ञापन सौंप कर कम परिणाम के लिए शिक्षकों को जिम्मेवार नहीं ठहराने की मांग की।
विज्ञापन


संगठनों ने साल भर शिक्षकों से करवाए जाने वाले गैर शिक्षण कार्यों, और शिक्षकों की कमी को कम परिणाम के लिए दोषी बताया। शिक्षक संगठन बीते कई महीनों से इस कार्रवाई का लगातार विरोध करते आए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

ऐसा नहीं है कि शिक्षकों ने इस कार्रवाई का पहली बार विरोध किया है।

396 स्कूलों का परीक्षा परिणाम 25 फीसदी से कम

Poor results in himachal govt schools No action against Teachers

हर साल बोर्ड परीक्षाओं की परिणाम घोषित होते ही जैसे ही सरकार कम परिणाम देने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करती है तो शिक्षक संगठन विरोध में लामबंद हो जाते हैं। शिक्षकों के विरोध के आगे सरकारें भी हर साल नतमस्तक होकर फैसला वापस लेती रही हैं।

चेतावनी देकर शिक्षकों को अगले साल कार्रवाई के प्रति चेता कर अपना फर्ज निभाती आई हैं। अब प्रदेश की सत्ता पर काबिज नई सरकार ने भी पुरानी सरकारों के नक्शे कदम पर चलते हुए कम परिणाम देने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई करने का फैसला वापस ले लिया है। 

उच्च शिक्षा निदेशालय के पास पहुंचे आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश के 396 स्कूलों का इस साल 25 फीसदी से कम परिणाम रहा है। इनमें बारहवीं के 91 और दसवीं के 305 स्कूल शामिल हैं। इसके अलावा 55 स्कूलों में एक भी विद्यार्थी पास नहीं हुआ है।

बारहवीं के 16 और दसवीं के 39 स्कूलों का परीक्षा परिणाम शून्य रहा है। बारहवीं में कांगड़ा और मंडी से 4-4, बिलासपुर और लाहौल-स्पीति से 3-3, चंबा और सिरमौर से 1-1 स्कूल ऐसा है, जहां एक भी बच्चा पास नहीं हुआ है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed