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Shimla News: प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सील किए दो हॉट मिक्सिंग प्लांट
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बिना अनुमति प्लांट चलाने और पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करने पर पुलिस की मौजूदगी में की कार्रवाई
दोनों प्लांट संचालकों को पूर्व में जारी किए थे नोटिस
खास खबर
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पुलिस के साथ कार्रवाई कर ठियोग में दो हॉट मिक्सिंग प्लांट सील कर दिए हैं। प्लांट संचालकों पर पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करने और प्रदूषण फैलाने के आरोप हैं।
एक प्लांट कियारू गांव के पास और दूसरा छैला में है। दोनों प्लांट संचालकों को नोटिस जारी किए हैं जिसमें वह अपना पक्ष रख सकते हैैं। पहला नोटिस चौधरी एसोसिएट्स के हॉट मिक्स प्लांट के खिलाफ जारी किया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार यह प्लांट बिना अनुमति के संचालित हो रहा था। जांच में पाया गया कि इस प्लांट ने एसीडी (एयर पॉल्यूशन कंट्रोल डिवाइस) के सैडिमेंटेशन टैंक से निकलने वाली धूल को बिना किसी सुरक्षा उपाय के सीधे गिरि नदी में डाल दिया था। यह धूल नदी के जल को प्रदूषित कर रही थी।
बोर्ड ने पहले भी 15 जून और 29 जून को शो-कॉज नोटिस जारी किए थे लेकिन प्लांट ने किसी भी नोटिस का जवाब नहीं दिया। इसके बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने प्लांट को तत्काल बंद करने और किसी भी ऊर्जा स्रोत से संचालन रोकने का आदेश दिया।अब इस प्लांट को सील कर दिया है। अवैध डंपिंग के लिए प्लांट पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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दूसरा नोटिस विकास शर्मा के हॉट मिक्स प्लांट के नाम जारी हुआ है। यह ठियोग के कियारी में है। यह प्लांट भी बिना अनुमति चलाने का आरोप हैै। क्षेत्रीय अधिकारी के निरीक्षण के दौरान पाया गया कि इस प्लांट में प्रदूषण नियंत्रण के लिए आवश्यक उपकरण नहीं थे। यह हवा तथा पानी दोनों के प्रदूषण मानकों का उल्लंघन कर रहा था। निरीक्षण के दौरान प्लांट से निकलने वाला धुंआ और अन्य प्रदूषक सामग्री आसपास के वातावरण में मिल रही थी। पहले 14 जून और 21 जून को प्लांट संचालक को शो-कॉज नोटिस जारी किए थे। लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर प्लांट को तत्काल बंद करने और किसी भी ऊर्जा स्रोत से उत्पादन रोकने का आदेश दिया गया। इसके बाद वीरवार को प्लांट को भी पुलिस की मौजूदगी में सील कर दिया।
बोर्ड में कार्यवाही को बताया अत्यंत आवश्यक
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इन दोनों हॉट मिक्सिंग प्लांटों के खिलाफ की गई कार्रवाई को अत्यंत आवश्यक बताया है। बोर्ड का कहना है कि इन प्लांटों के निकलने वाले प्रदूषण ने पर्यावरण और स्थानीय निवासियों के स्वास्थ्य को खतरे में डाल दिया था। अब इन प्लांटों का संचालन पूरी तरह से बंद कर दिया है। भविष्य में प्रदूषण नियंत्रण नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए इस पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
कोट
प्लांट संचालकों को पहले भी नोटिस दिए थे। नियमों के उल्लंघन पर जल (प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण) अधिनियम 1974 की धारा 24 और 25 में निहित प्रावधानों, वायु (प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण) अधिनियम, 1981 की धारा 21 और 22, धारा 41 के तहत यह दंडनीय अपराध है। जल अधिनियम 1974 के 43 और 44 और वायु (प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण) अधिनियम 1981 के 37, 38 और 39 के तहत यह कार्यवाही की है।
ललित ठाकुर, क्षेत्रिय अधिकारी, प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड शिमला
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दोनों प्लांट संचालकों को पूर्व में जारी किए थे नोटिस
खास खबर
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पुलिस के साथ कार्रवाई कर ठियोग में दो हॉट मिक्सिंग प्लांट सील कर दिए हैं। प्लांट संचालकों पर पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करने और प्रदूषण फैलाने के आरोप हैं।
एक प्लांट कियारू गांव के पास और दूसरा छैला में है। दोनों प्लांट संचालकों को नोटिस जारी किए हैं जिसमें वह अपना पक्ष रख सकते हैैं। पहला नोटिस चौधरी एसोसिएट्स के हॉट मिक्स प्लांट के खिलाफ जारी किया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार यह प्लांट बिना अनुमति के संचालित हो रहा था। जांच में पाया गया कि इस प्लांट ने एसीडी (एयर पॉल्यूशन कंट्रोल डिवाइस) के सैडिमेंटेशन टैंक से निकलने वाली धूल को बिना किसी सुरक्षा उपाय के सीधे गिरि नदी में डाल दिया था। यह धूल नदी के जल को प्रदूषित कर रही थी।
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बोर्ड ने पहले भी 15 जून और 29 जून को शो-कॉज नोटिस जारी किए थे लेकिन प्लांट ने किसी भी नोटिस का जवाब नहीं दिया। इसके बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने प्लांट को तत्काल बंद करने और किसी भी ऊर्जा स्रोत से संचालन रोकने का आदेश दिया।अब इस प्लांट को सील कर दिया है। अवैध डंपिंग के लिए प्लांट पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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दूसरा नोटिस विकास शर्मा के हॉट मिक्स प्लांट के नाम जारी हुआ है। यह ठियोग के कियारी में है। यह प्लांट भी बिना अनुमति चलाने का आरोप हैै। क्षेत्रीय अधिकारी के निरीक्षण के दौरान पाया गया कि इस प्लांट में प्रदूषण नियंत्रण के लिए आवश्यक उपकरण नहीं थे। यह हवा तथा पानी दोनों के प्रदूषण मानकों का उल्लंघन कर रहा था। निरीक्षण के दौरान प्लांट से निकलने वाला धुंआ और अन्य प्रदूषक सामग्री आसपास के वातावरण में मिल रही थी। पहले 14 जून और 21 जून को प्लांट संचालक को शो-कॉज नोटिस जारी किए थे। लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर प्लांट को तत्काल बंद करने और किसी भी ऊर्जा स्रोत से उत्पादन रोकने का आदेश दिया गया। इसके बाद वीरवार को प्लांट को भी पुलिस की मौजूदगी में सील कर दिया।
बोर्ड में कार्यवाही को बताया अत्यंत आवश्यक
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इन दोनों हॉट मिक्सिंग प्लांटों के खिलाफ की गई कार्रवाई को अत्यंत आवश्यक बताया है। बोर्ड का कहना है कि इन प्लांटों के निकलने वाले प्रदूषण ने पर्यावरण और स्थानीय निवासियों के स्वास्थ्य को खतरे में डाल दिया था। अब इन प्लांटों का संचालन पूरी तरह से बंद कर दिया है। भविष्य में प्रदूषण नियंत्रण नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए इस पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
कोट
प्लांट संचालकों को पहले भी नोटिस दिए थे। नियमों के उल्लंघन पर जल (प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण) अधिनियम 1974 की धारा 24 और 25 में निहित प्रावधानों, वायु (प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण) अधिनियम, 1981 की धारा 21 और 22, धारा 41 के तहत यह दंडनीय अपराध है। जल अधिनियम 1974 के 43 और 44 और वायु (प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण) अधिनियम 1981 के 37, 38 और 39 के तहत यह कार्यवाही की है।
ललित ठाकुर, क्षेत्रिय अधिकारी, प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड शिमला