भांग की खेती के लिए बनेगी नीति, जीएसटी और आबकारी विंग का होगा पुनर्गठन
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हिमाचल प्रदेश के राज्य कर एवं आबकारी विभाग की तस्वीर बदली जाएगी। सीएम ने विभाग के जीएसटी और आबकारी विंग के पुनर्गठन का प्रस्ताव किया है। सीएम ने विश्व के कई देशों और कई राज्यों की तर्ज पर हिमाचल प्रदेश में भांग की व्यवसायिक खेती के लिए नीति बनाने का भी एलान किया है। हालांकि, यह भी स्पष्ट किया कि इस खेती को प्रभावी नियामक व्यवस्था के अंतर्गत शुरू किया जाएगा, जिससे निवेश और रोजगार सृजित हो सकें। वहीं, कराधान एवं आबकारी हितधारकों, विशेषकर व्यवसायिक समुदाय से सीधा संवाद करने के लिए टैक्स हाट कार्यक्रम शुरू करेगी। इसके अलावा व्यापारियों की समस्याओं के निराकरण के लिए ट्रेडर्स फैसिलिटेशन सेल की भी स्थापना की जाएगी।
पुलिस थानों में लगाए जाएंगे 757 नए सीसीटीवी
अपराध की रोकथाम और बेहतर निगरानी के लिए सभी पुलिस थानों में 757 नए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। साथ ही पहले से लगे 651 सीसीटीवी कैमरों को अपग्रेड किया जाएगा। जिला मुख्यालयों में बने नियंत्रण कक्षों को आधुनिक बनाने और आपस में व राज्य मुख्यालय से जोड़ने पर नौ करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
दस करोड़ से होगा कृषि सहकारी सभाओं का होगा कंप्यूटरीकरण
हिमाचल प्रदेश में प्राथमिक कृषि सहकारी सभाओं की कार्यप्रणाली का 10 करोड़ रुपये की लागत से कंप्यूटरीकरण किया जाएगा। पायलट आधार पर पहले 50 सहकारी सभाओं का कंप्यूटरीकरण नाबार्ड के सहयोग से किया जाएगा। आगे के सालों में इस योजना का विस्तार किया जाएगा। सभाओं को बहु सेवा केंद्रों में परिवर्तित करने के लिए सहकारी बैंकों के माध्यम से महज चार प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इससे 50 प्राथमिक कृषि सहकारी सभाओं को लाभ मिलेगा। इसके बाद इस परियोजना का चरणबद्ध तरीके से विस्तार किया जाएगा।