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जोगिंद्रनगर, चौंतड़ा सीडीपीओ कार्यालय समेत आरोपी के घर पुलिस की दबिश
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जोगिंद्रनगर पुलिस थाने में दर्ज धोखाधड़ी के मामले की तफ्तीश करते जांच अधिकारी।
- फोटो : Mandi
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जोगिंद्रनगर (मंडी)। सामाजिक सुरक्षा पेंशन और अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन राशि समेत विभिन्न योजनाओं के फर्जीवाड़े के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। मामले में आरोपी सीडीपीओ चौंतड़ा पहले से ही निलंबित हैं। शनिवार को पुलिस टीम ने जोगिंद्रनगर और चौंतड़ा के सीडीपीओ आफिस में दबिश देकर मामले से जुड़े कुछ अहम दस्तावेज कब्जे में लिए हैं।
आरोपी के बैजनाथ स्थित घर में भी पुलिस ने दबिश दी। इसके अलावा विभिन्न बैंकों का रिकार्ड भी खंगाला गया। पुलिस ने राज्य सहकारी बैंक, एचडीएफसी बैंक, पोस्ट आफिस जोगिंद्रनगर में दबिश देते हुए काफी संख्या में आरोपी के हस्ताक्षरयुक्त चेक भी बरामद किए हैं। अधिकांश चेक आरोपी के व्यक्तिगत निकासी के पाए गए हैं। इसके बाद आरोपी पर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है। वह वर्तमान में अंतरिम बेल पर हैं जबकि पुलिस मामले को विजिलेंस के सपुर्द करने पर भी विचार कर रही है। इसकी पुष्टि थाना प्रभारी जोगिंद्रनगर संदीप शर्मा ने की है।
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यह है मामला
वर्ष 2012 से 17 तक जोगिंद्रनगर के सामाजिक कल्याण विभाग में विभिन्न कल्याणकारी और पेंशन योजनाओं के फर्जीवाड़ा की जांच चल रही है। मामला तब सामने आया जब एक अंतरजातीय विवाहित जोड़े ने प्रोत्साहन राशि के लिए आवेदन किया। बाद में पता चला कि राशि कागजों में दे दी गई है लेकिन उसे मिली नहीं। मामले में विभाग ने जांच शुरू की और अब तक की जांच में करीब 1.39 करोड़ के घोटाले का पर्दाफाश हो चुका है। मामले में 9 अगस्त को एफआईआर दर्ज करवाई जा चुकी है। प्रारंभिक जांच के बाद कार्रवाई करते हुए सीडीपीओ चौंतड़ा को निलंबित किया जा चुका है। आरोपी के वेतन पर रोक लगाकर जिला मुख्यालय भेजा जा चुका है।
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आरोपी के बैजनाथ स्थित घर में भी पुलिस ने दबिश दी। इसके अलावा विभिन्न बैंकों का रिकार्ड भी खंगाला गया। पुलिस ने राज्य सहकारी बैंक, एचडीएफसी बैंक, पोस्ट आफिस जोगिंद्रनगर में दबिश देते हुए काफी संख्या में आरोपी के हस्ताक्षरयुक्त चेक भी बरामद किए हैं। अधिकांश चेक आरोपी के व्यक्तिगत निकासी के पाए गए हैं। इसके बाद आरोपी पर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है। वह वर्तमान में अंतरिम बेल पर हैं जबकि पुलिस मामले को विजिलेंस के सपुर्द करने पर भी विचार कर रही है। इसकी पुष्टि थाना प्रभारी जोगिंद्रनगर संदीप शर्मा ने की है।
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यह है मामला
वर्ष 2012 से 17 तक जोगिंद्रनगर के सामाजिक कल्याण विभाग में विभिन्न कल्याणकारी और पेंशन योजनाओं के फर्जीवाड़ा की जांच चल रही है। मामला तब सामने आया जब एक अंतरजातीय विवाहित जोड़े ने प्रोत्साहन राशि के लिए आवेदन किया। बाद में पता चला कि राशि कागजों में दे दी गई है लेकिन उसे मिली नहीं। मामले में विभाग ने जांच शुरू की और अब तक की जांच में करीब 1.39 करोड़ के घोटाले का पर्दाफाश हो चुका है। मामले में 9 अगस्त को एफआईआर दर्ज करवाई जा चुकी है। प्रारंभिक जांच के बाद कार्रवाई करते हुए सीडीपीओ चौंतड़ा को निलंबित किया जा चुका है। आरोपी के वेतन पर रोक लगाकर जिला मुख्यालय भेजा जा चुका है।
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