हिमाचल में मोदी और शाह की होंगी चार रैलियां: जयराम
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मंडी में सुखराम परिवार की ओर से बिछाए कूटनीतिक जाल में फंसे मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल में चारों सीटें जीतने के लिए उनका जमीनी स्तर पर चुनाव प्लान तैयार है।
धर्मशाला में ‘अमर उजाला’ के साथ विशेष बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस से निपटने के लिए हिमाचल के चारों संसदीय क्षेत्रों में भाजपा चार बड़ी रैलियां करेगी।
दो रैलियों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दो में राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को बुलाकर हिमाचल की जनता से वोट मांगे जाएंगे। जमीनी स्तर पर दो महीने में 256 रैलियां की जाएंगी। इनमें हिमाचल के नेता जनता को सरकार की उपलब्धियां बताने के साथ कांग्रेस की कारगुजारियां बताएंगे।
256 रैलियों में कोशिश करेंगे कि अधिकतर में वह भी जाएं। जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस के पास उम्मीदवारों का टोटा पड़ गया है इसलिए वह उधार के नेता ढूंढने में लगे हैं।
चंदेल को कांग्रेस में जाने का नहीं होगा लाभ
पूर्व भाजपा सांसद सुरेश चंदेल पर पूछे गए प्रश्न पर जयराम ठाकुर ने कहा संसद में प्रश्न पूछने के बदले पैसे लेने के मामले में सुरेश चंदेल को जनता जानती है। उन्हें कांग्रेस में जाने का कोई लाभ नहीं होगा।
उन्हें कांग्रेस टिकट भी नहीं देगी, इस बात के संकेत भी उन्हें मिल चुके हैं। भाजपा में रहकर उन्हें लाभ होना था। महेश्वर सिंह के कांग्रेस से संपर्क के प्रश्न पर जयराम ठाकुर ने कहा कि अब हम सब मिलकर पार्टी की एकजुटता और जीत के लिए काम कर रहे हैं।
खुद चुनाव न लड़ने की इच्छा के चलते शांता चुनावी मैदान में नहीं उतरे
पूरी चुनावी तैयारी के बावजूद शांता कुमार के चुनाव न लड़ने के प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि शांता कुमार शुरू से खुद चुनाव लड़ने के इच्छुक नहीं थे। हाईकमान का 75 वर्ष आयु वाला नियम भी इसके आड़े आया।
इसलिए, खुद शांता कुमार ने नए चेहरे को मौका देने की बात कही। शांता कुमार की सहमति के बाद कांगड़ा सीट से नए चेहरे को हाईकमान ने मौका दिया।
सुखराम के लिए वीरभद्र मुसीबत खड़ी करने दिल्ली हो गए हैं रवाना
पंडित सुखराम के कांग्रेस में शामिल होने के चलते मंडी में परेशानी में घिरने के प्रश्न पर जयराम ठाकुर ने कहा कि अब जनता सब जान गई है। एक वक्त पंडित सुखराम का मंडी में प्रभाव था, लेकिन अब जनता उनके पैंतरों को जान गई है।
अब पहले वाली बात नहीं रही। जनता इन्हें तवज्जो नहीं देती है। पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह भी पंडित सुखराम के लिए मुसीबत खड़ी करने को दिल्ली रवाना हो गए हैं।