अब फर्जी शिक्षक हो जाए सावधान, प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने लिया ये फैसला
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अब ड्यूटी सबलेट करने वाले शिक्षक हो जाए सावधान। शिक्षा विभाग ने बंक मारने वाले और ड्यूटी सबलेट करने वाले शिक्षकों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। इसके तहत हिमाचल के सरकारी स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा तक के सभी अध्यापकों की फोटो अब नोटिस बोर्डों पर लगाई जाएंगी।
हिमाचल के सरकारी स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा तक के सभी अध्यापकों की फोटो अब नोटिस बोर्डों पर लगाई जाएंगी। कई जगह नियमित शिक्षकों की ओर से अपनी जगह टीचर रखने की शिकायतों के बाद प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने यह फैसला लिया है।
शिक्षकों की फोटो कक्षा वार लगेंगी ताकि बच्चे और अभिभावक जान सकें कि कौन पढ़ा रहा है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक मनमोहन शर्मा ने बताया कि उन्होंने एक हफ्ते के भीतर सभी जिला उपनिदेशकों से फोटो लगाने की रिपोर्ट मांगी है। बता दें कि बीते वर्ष से 9वीं से 12वीं कक्षाओं में नोटिस बोर्ड पर शिक्षकों की फोटो लगाई जा रही हैं।
सूत्रों के अनुसार प्रदेश के कुछ दुर्गम क्षेत्रों से सबलेटिंग पर शिक्षक रखने की शिकायतें मिल रही हैं। घर बैठकर सरकार से मोटी पगार लेकर नियमित शिक्षक चंद रुपयों पर आगे शिक्षक रख रहे हैं। पहले भी इस तरह के मामले सामने आ चुके हैं।
इस फर्जीवाडे़ से जहां सूबे में शिक्षा का स्तर गिर रहा है, वहीं सरकारी नियमों की अवहेलना हो रही है। निदेशालय ने जिला उपनिदेशकों, जिला परियोजना अधिकारियों व खंड शिक्षा अधिकारियों को सोमवार इस बारे निर्देश जारी किए हैं।
इन आदेशों में स्पष्ट किया है कि नोटिस बोर्ड पर शिक्षकों की फोटो ऐसी होनी चाहिए कि बच्चे उन्हें पहचान सकें। कौन शिक्षक किस कक्षा में क्या विषय पढ़ाता है, इसकी भी जानकारी नोटिस बोर्ड पर दें। एक हफ्ते में आदेशों का पालन सुनिश्चित होना चाहिए।
9वीं से 12वीं के स्कूलों में पहले ही व्यवस्था
बीते साल जून महीने में तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव पीसी धीमान ने कुछ स्कूलों में सबलेटिंग पर शिक्षक रखे जाने के मामले में कड़ा संज्ञान लिया था। सरकार के ध्यान में मामला लाया गया और नौवीं से जमा दो तक के स्कूलों में शिक्षकों के फोटो नोटिस बोर्ड पर लगाने के आदेश हुए। उस समय की गई जांच में प्रारंभिक स्कूलों में ऐसे मामले सामने नहीं आए थे।
अब लर्निंग आउटकम चार्ट के आधार पर पढ़ाई
पहली से लेकर आठवीं कक्षा के सरकारी स्कूलों में अब लर्निंग आउटकम चार्ट के आधार पर पढ़ाई करवाई जाएगी। एनसीईआरटी के आदेशानुसार शिक्षा विभाग ने चार्ट तैयार किया है।
किस कक्षा के छात्र में पढ़ने और समझने की कितनी क्षमता है, इस बात का मूल्यांकन अब चार्ट से किया जाएगा। चार्ट में स्पष्ट किया गया है कि किस कक्षा में पढ़ने वाले छात्र को विषय से संबंधित कितनी जानकारी होनी जरूरी है।
इस चार्ट के माध्यम से बच्चों को दी जा रही शिक्षा पर अभिभावक भी सीधी नजर रख सकेंगे। हर विषय और चैप्टर वाइज स्कूल में दी गई शिक्षा की जानकारी चार्ट के माध्यम से हर कक्षा में सार्वजनिक की जाएगी।