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फोन टैपिंग मामला: फोरेंसिक ब्यूरो की उप निदेशक समेत तीन से घंटों पूछताछ

Tue, 21 Jul 2020 05:00 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Tue, 21 Jul 2020 05:00 AM IST
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Phone tapping case: Interrogation for three hours including Deputy Director of Forensic Bureau
सांकेतिक तस्वीर

पूर्व डीजीपी आईडी भंडारी से जुड़े फोन टैपिंग मामले की जांच कर रही सीआईडी ने फोरेंसिक ब्यूरो की एक उप निदेशक और वैज्ञानिक अधिकारी समेत तीन लोगों से घंटों पूछताछ की। जांच अधिकारियों ने पहले से तैयार प्रश्नावली से एक-एक कर करीब दर्जन भर सवाल पूछे। इन सवालों के जवाब से निकले सवालों पर टीम फिर तीनों से पूछताछ कर सकती है। सोमवार को फोरेंसिक ब्यूरो धर्मशाला की उप निदेशक मीनाक्षी, जुन्गा स्थित लैब के वैज्ञानिक अधिकारी सुधीर और टेक्निकल सेल के एक कर्मचारी से यह पूछताछ की गई।

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सूत्रों का कहना है कि तीनों कथित फोन टैपिंग मामले के दौरान सीआईडी मुख्यालय में दी गई दबिश के समय मौजूद थे। इन्होंने ही फोरेंसिक रिपोर्ट तैयार की थी। अभी तक की जांच में यह बात सामने आई है कि दबिश से पहले तत्कालीन मुख्य सचिव के कमरे में एक गोपनीय बैठक भी हुई थी, जिसमें मीनाक्षी भी मौजूद थीं।
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बताया जाता है कि इसी बैठक में दबिश के दौरान और उसके बाद के सभी अपडेट मुख्य सचिव कार्यालय को देने के लिए कहा गया था। डीआईजी बिमल गुप्ता की अध्यक्षता में गठित सीआईडी की जो एसआईटी मामले की जांच कर रही है, उसे जांच देने से पहले शिमला पुलिस ने इसे बंद करने की तैयारी कर ली थी। बेहद गोपनीय तरीके से एसपी शिमला को जानकारी दिए बिना स्थानीय पुलिस और पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों ने कैंसलेशन रिपोर्ट तैयार कराई और कोर्ट भेज दी। संजय कुंडू के डीजीपी का पदभार संभालने के बाद भंडारी ने मामले में जांच तेज करने की गुजारिश की तो रिव्यू के दौरान अधिकारियों के खेल का पता चला। कुंडू ने मामले की जांच सीआईडी को सौंप दी। मामले में पूर्व मुख्य सचिव के अलावा कई पूर्व व वर्तमान आईपीएस अधिकारी भी जांच के दायरे में हैं, जिनमें पूर्व डीजीपी बी कमल कुमार और सीताराम मरडी भी शामिल हैं।

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