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सीयू धर्मशाला: पीएचडी की डाक्यूमेंटेशन का आज आखिरी दिन, एचपीयू ने नहीं निकाला रिजल्ट

Mon, 25 Oct 2021 10:34 AM IST
अरविन्द ठाकुर प्रवीण कुमार, हमीरपुर
प्रवीण कुमार, हमीरपुर Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Mon, 25 Oct 2021 10:34 AM IST
सार

सीयू धर्मशाला के रजिस्ट्रार डॉ. विशाल सूद ने कहा कि पीएचडी के लिए दस्तावेजों की वेरिफिकेशन का सोमवार को आखिरी दिन है। वेरिफिकेशन की तिथि बढ़ाना मुश्किल है, क्योंकि प्रदेश विवि शिमला कब परीक्षा परिणाम घोषित करेगा यह अभी तक तय नहीं है।

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केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला में पीएचडी में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों के दस्तावेजों की वेरिफिकेशन का 25 अक्तूबर को आखिरी दिन है, लेकिन एचपीयू ने स्नातकोत्तर के अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाओं का परिणाम अभी घोषित नहीं किया है। केमिस्ट्री समेत कई विषयों की परीक्षाएं 27 सितंबर को खत्म हो चुकी हैं। 

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अंतिम सेमेस्टर के सैकड़ों विद्यार्थियों ने सीयू से पीएचडी करने के लिए शोध पात्रता परीक्षा दी है, लेकिन प्रदेश विवि की ओर से परिणाम घोषित न करने से विद्यार्थियों का सपना टूट सकता है। एचपीयू से केमिस्ट्री, फिजिक्स, हिंदी, इंग्लिश, मैनेजमेंट, पत्रकारिता और बॉटनी समेत अन्य विषयों में स्नातकोत्तर कर रहे सैकड़ों विद्यार्थी केंद्रीय विवि से बार-बार दस्तावेजों की वेरिफिकेशन की तिथि बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
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केंद्रीय विवि ने तीन सितंबर को शोध पात्रता परीक्षा ली थी। 10 सितंबर को इसका परिणाम घोषित किया। इसके बाद पात्रता परीक्षा पास करने वाले विद्यार्थियों को 11 सितंबर से 25 अक्तूबर तक स्नातकोत्तर, आरक्षित वर्ग और अन्य दस्तावेजों की वेरिफिकेशन करवाने का समय दिया गया। वेरिफिकेशन की यह तिथि अब सोमवार को खत्म हो रही है। 
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केंद्रीय विवि के अधिकारियों का तर्क है कि वेरिफिकेशन की तिथि बढ़ाना मुश्किल है। नवंबर 2019 में भी केंद्रीय विवि धर्मशाला शोध पात्रता प्रवेश परीक्षा ले चुका है। कोरोना के चलते पीएचडी में पूर्व के वर्षों में दाखिले नहीं हो पाए। शोध पात्रता परीक्षा की मान्यता दो वर्षों तक होती है।

ऐसे विद्यार्थी भी हैं, जिन्होंने जेआरएफ और नेट की परीक्षा पास की है। अगर दस्तावेजों की वेरिफिकेशन में देरी होती है तो दो वर्ष तक पात्रता परीक्षा की मान्यता से दर्जनों विद्यार्थी बाहर हो सकते हैं। शोध पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके प्रदेश विवि शिमला के विद्यार्थियों ने केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और सरकार से गुहार लगाई है कि इस समस्या का उचित समाधान निकाला जाए।


उधर, सीयू धर्मशाला के रजिस्ट्रार डॉ. विशाल सूद ने कहा कि पीएचडी के लिए दस्तावेजों की वेरिफिकेशन का सोमवार को आखिरी दिन है। जो विद्यार्थी पीजी की परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके हैं और सभी योग्यता पूरी करते हैं, वे ही पीएचडी में दाखिले के लिए पात्र हैं। 2019 में पात्रता परीक्षा पास कर चुके विद्यार्थियों के भविष्य की चिंता करते हुए दस्तावेजों की वेरिफिकेशन की तिथि बढ़ाना मुश्किल है, क्योंकि प्रदेश विवि शिमला कब परीक्षा परिणाम घोषित करेगा यह अभी तक तय नहीं है।

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