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Hamirpur (Himachal) News: मेडिकल कॉलेज में ढाई साल से डिजिटल टोकन सुविधा बंद, कतारों में खड़े मरीज
Tue, 06 Oct 2026 01:06 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Tue, 06 Oct 2026 01:06 AM IST
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मेडिकल कॉलेज की मेडिसिन विभाग के बाहर कतारों में मरीज। संवाद
अस्पताल में रोजाना एक हजार से अधिक ओपीडी, फंड के इंतजार में ठप पड़ी व्यवस्था
मेडिसिन, ऑर्थो और गायनी समेत कई ओपीडी के बोर्ड खराब, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर में डिजिटल टोकन व्यवस्था करीब ढाई साल से ठप पड़ी है। अस्पताल की कई ओपीडी में लगे डिजिटल टोकन डिस्प्ले बोर्ड खराब होने के कारण मरीजों को अपनी बारी के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है। इन्हें दुरुस्त करवाने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से फंड मिलने का इंतजार है।
मेडिसिन, ऑर्थो, गायनी समेत कई ओपीडी में डिजिटल टोकन डिस्प्ले बोर्ड काम नहीं कर रहे हैं। ऐसे में मरीजों को लगातार कतार में खड़े रहकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। बुजुर्गों, महिलाओं और दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को इससे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई बार मरीजों को घंटों इंतजार के बाद डॉक्टर तक पहुंचने का मौका मिलता है।
मेडिकल कॉलेज में रोजाना एक हजार से अधिक मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं। टोकन बोर्ड खराब होने से मरीजों को अपनी बारी का पता लगाने में परेशानी होती है। इसके चलते ओपीडी के बाहर भीड़ बढ़ने के साथ अव्यवस्था की स्थिति भी बन रही है।
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मरीज पंकज, सतीश आदि ने बताया कि बीमारी की हालत में अस्पताल पहुंचने के बाद इलाज के लिए भी लंबे समय तक कतार में खड़ा रहना पड़ता है। डिजिटल टोकन बोर्ड चालू होने पर मरीजों को अपनी बारी का पता आसानी से चल जाता था और लगातार कतार में खड़े रहने की जरूरत नहीं पड़ती थी। उन्होंने मांग की कि फंड की प्रक्रिया में तेजी लाकर डिजिटल टोकन व्यवस्था जल्द बहाल की जाए।
कोट
-अभी तक एनएचएम से फंड नहीं मिला है। फंड मिलते ही समस्या का समाधान करवाया जाएगा। - डॉ. देशराज शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक, मेडिकल कॉलेज हमीरपुर
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मेडिसिन, ऑर्थो और गायनी समेत कई ओपीडी के बोर्ड खराब, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर में डिजिटल टोकन व्यवस्था करीब ढाई साल से ठप पड़ी है। अस्पताल की कई ओपीडी में लगे डिजिटल टोकन डिस्प्ले बोर्ड खराब होने के कारण मरीजों को अपनी बारी के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है। इन्हें दुरुस्त करवाने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से फंड मिलने का इंतजार है।
मेडिसिन, ऑर्थो, गायनी समेत कई ओपीडी में डिजिटल टोकन डिस्प्ले बोर्ड काम नहीं कर रहे हैं। ऐसे में मरीजों को लगातार कतार में खड़े रहकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। बुजुर्गों, महिलाओं और दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को इससे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई बार मरीजों को घंटों इंतजार के बाद डॉक्टर तक पहुंचने का मौका मिलता है।
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मेडिकल कॉलेज में रोजाना एक हजार से अधिक मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं। टोकन बोर्ड खराब होने से मरीजों को अपनी बारी का पता लगाने में परेशानी होती है। इसके चलते ओपीडी के बाहर भीड़ बढ़ने के साथ अव्यवस्था की स्थिति भी बन रही है।
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मरीज पंकज, सतीश आदि ने बताया कि बीमारी की हालत में अस्पताल पहुंचने के बाद इलाज के लिए भी लंबे समय तक कतार में खड़ा रहना पड़ता है। डिजिटल टोकन बोर्ड चालू होने पर मरीजों को अपनी बारी का पता आसानी से चल जाता था और लगातार कतार में खड़े रहने की जरूरत नहीं पड़ती थी। उन्होंने मांग की कि फंड की प्रक्रिया में तेजी लाकर डिजिटल टोकन व्यवस्था जल्द बहाल की जाए।
कोट
-अभी तक एनएचएम से फंड नहीं मिला है। फंड मिलते ही समस्या का समाधान करवाया जाएगा। - डॉ. देशराज शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक, मेडिकल कॉलेज हमीरपुर