पेंशन लेते हैं तो आपके लिए बड़े काम की है ये खबर
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बुजुर्गों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन लेने के लिए अब एजेंटों के पास चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। जल्द ही सरकार सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारकों को मनीआर्डर के जरिये पेंशन बांटेगी। सरकार ने इस दिशा में आदेश जारी कर दिए हैं और जल्द अमल शुरू हो जाएगा। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री धनीराम शांडिल ने इस बात का खुलासा किया।
स्थानीय बाबू जगजीवन राम संस्थान का दौरा करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में शांडिल ने कहा कि प्रदेश में फर्जी पेंशनधारकों के खिलाफ शिकंजा कसा जाएगा। सामाजिक पेंशन के लिए प्रदेश सरकार ने 500 करोड़ का प्रावधान किया है। शांडिल ने कहा कि वह प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों का दौरा करके वृद्धावस्था, विधवा तथा अपंग लोगों को मिलने वाली पेंशन की बाबत जानकारी एकत्र करते रहते हैं।
कई जगहों पर कई समस्याएं भी हैं, जिसे सुधारने की जरूरत है। मंत्री ने ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों को आगाह करते हुए कहा कि पंचायत स्तर पर किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति को सामाजिक सुरक्षा पेंशन से वंचित नहीं रखा जाना चाहिए। अगर ऐसा कोई मामला पंचायत स्तर की अनदेखी का सामने आता है, तो ऐसे प्रतिनिधियों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई से गुरेज नहीं करेगी।
बोले, बैंक से पेंशन योजना भाजपा सरकार की देन
धनीराम शांडिल ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के समय सामाजिक सुरक्षा पेंशन मनीआर्डर से हटाकर बैंकों के जरिए दी जा रही थी। पायलट प्रोजेक्ट के तौर ऊना जिला को चुना गया था। इससे लोगों को वक्त पर पेंशन नहीं मिल पाती और छह छह माह बाद मिलती है।
बाबू जगजीवन राम संस्थान मैहतपुर के चेयरमैन डा. केआर आर्य ने मंत्री से गुहार लगाई कि यह संस्थान पूरी तरह से मूक बधिर बच्चों की सेवा में समर्पित है। सरकार से कोई आर्थिक सहयोग नहीं मिल रहा है। मंत्री ने भरोसा दिलाया कि वह इस विषय पर जल्द गौर करेंगे।