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Shimla News: एक्सरे करवाने के लिए लाइनों में घंटों इंतजार, मरीज लाचार
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क्षेत्रीय अस्पताल डीडीयू में एक ही मशीन पर हो रहे एक्सरे, दूसरी छह माह से पड़ी है खराब
हर रोज लाइनों में परेशान हो रहे हैं मरीज
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। दीनदयाल उपाध्याय क्षेत्रीय अस्पताल (डीडीयू) में एक्सरे करवाने के लिए सैकड़ों मरीजों को रोजाना घंटों कतारों में खड़े होना पड़ रहा है। अस्पताल में हर रोज तीन से साढ़े तीन सौ एक्सरे होते हैं।
एक्सरे के लिए अस्पताल में सुविधा है, लेकिन एक ही मशीन होने से लोगों को घंटों तक लाइनों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है, दूसरी मशीन छह माह से खराब पड़ी है। पीपीपी मोड पर निजी लैब की इस मशीन को ठीक नहीं करवाया जा रहा है। पूरे सप्ताह एक्सरे के लिए लंबी कतारें लगती हैं। टेस्ट करवाने में लंबा समय लगने और उसकी रिपोर्ट आने में लगने वाले समय से मरीजों और उनके तीमारदारों को चिकित्सकों को दिखाने के लिए कई चक्कर लगाने पड़ते हैं।
दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल शहर के बीच में स्थित होने से यहां ऑर्थोपेडिक्स विभाग में मरीजों की संख्या अधिक रहती है। स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रबंधन छह माह से मरीजों को पेश आ रही इस समस्या का स्थायी समाधान करवाने में नाकाम रहा है।
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मशीन बदलने का किया है आग्रह : डॉ. लोकिंद्र
डीडीयू के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. लोकिंद्र शर्मा ने माना कि एक्सरे के लिए मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। छह माह से अस्पताल में पीपीपी मोड पर लगी एक्सरे मशीन खराब पड़ी है। इस कारण रोजाना होने वाले सैकड़ों टेस्ट एक ही मशीन से करवाने पड़ रहे हैं। मशीन को ठीक करवाने या इसे बदल कर नई मशीन लगाने को कहा गया है, इसके बावजूद अभी तक मशीन नहीं बदली है। प्रदेश स्तर पर एक ही लैब की मशीनें लगी हैं, इसका करार विभाग के स्तर पर हुआ है। मशीन खराब होने और इससे मरीजों को पेश आ रही परेशानी से विभाग को भी सूचित किया है।
अल्ट्रासाउंड भी नहीं हो रहे
डीडीयू अस्पताल में इन दिनों एक मात्र रेडियोलॉजिस्ट के अवकाश पर होने से अल्ट्रासाउंड भी नहीं रहे हैं। मरीजों को निजी लैब में आठ सौ रुपये देकर यह टेस्ट करवाने पड़ रहे हैं। अस्पताल की कई बार मशीन खराब रहने और कभी रेडियोग्राफर के अवकाश पर चले जाने से टेस्ट बंद हो जाते हैं। इसकी सीधी मार यहां आने वाले मरीजों पर पड़ रही है। एमएस डाॅ. लोकिंद्र शर्मा ने कहा कि रेडियोलाॅजिस्ट एक ही है, वह छुट्टी पर है। इस कारण टेस्ट अस्पताल में नहीं हो पा रहे हैं।
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हर रोज लाइनों में परेशान हो रहे हैं मरीज
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। दीनदयाल उपाध्याय क्षेत्रीय अस्पताल (डीडीयू) में एक्सरे करवाने के लिए सैकड़ों मरीजों को रोजाना घंटों कतारों में खड़े होना पड़ रहा है। अस्पताल में हर रोज तीन से साढ़े तीन सौ एक्सरे होते हैं।
एक्सरे के लिए अस्पताल में सुविधा है, लेकिन एक ही मशीन होने से लोगों को घंटों तक लाइनों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है, दूसरी मशीन छह माह से खराब पड़ी है। पीपीपी मोड पर निजी लैब की इस मशीन को ठीक नहीं करवाया जा रहा है। पूरे सप्ताह एक्सरे के लिए लंबी कतारें लगती हैं। टेस्ट करवाने में लंबा समय लगने और उसकी रिपोर्ट आने में लगने वाले समय से मरीजों और उनके तीमारदारों को चिकित्सकों को दिखाने के लिए कई चक्कर लगाने पड़ते हैं।
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दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल शहर के बीच में स्थित होने से यहां ऑर्थोपेडिक्स विभाग में मरीजों की संख्या अधिक रहती है। स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रबंधन छह माह से मरीजों को पेश आ रही इस समस्या का स्थायी समाधान करवाने में नाकाम रहा है।
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मशीन बदलने का किया है आग्रह : डॉ. लोकिंद्र
डीडीयू के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. लोकिंद्र शर्मा ने माना कि एक्सरे के लिए मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। छह माह से अस्पताल में पीपीपी मोड पर लगी एक्सरे मशीन खराब पड़ी है। इस कारण रोजाना होने वाले सैकड़ों टेस्ट एक ही मशीन से करवाने पड़ रहे हैं। मशीन को ठीक करवाने या इसे बदल कर नई मशीन लगाने को कहा गया है, इसके बावजूद अभी तक मशीन नहीं बदली है। प्रदेश स्तर पर एक ही लैब की मशीनें लगी हैं, इसका करार विभाग के स्तर पर हुआ है। मशीन खराब होने और इससे मरीजों को पेश आ रही परेशानी से विभाग को भी सूचित किया है।
अल्ट्रासाउंड भी नहीं हो रहे
डीडीयू अस्पताल में इन दिनों एक मात्र रेडियोलॉजिस्ट के अवकाश पर होने से अल्ट्रासाउंड भी नहीं रहे हैं। मरीजों को निजी लैब में आठ सौ रुपये देकर यह टेस्ट करवाने पड़ रहे हैं। अस्पताल की कई बार मशीन खराब रहने और कभी रेडियोग्राफर के अवकाश पर चले जाने से टेस्ट बंद हो जाते हैं। इसकी सीधी मार यहां आने वाले मरीजों पर पड़ रही है। एमएस डाॅ. लोकिंद्र शर्मा ने कहा कि रेडियोलाॅजिस्ट एक ही है, वह छुट्टी पर है। इस कारण टेस्ट अस्पताल में नहीं हो पा रहे हैं।