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एमआरआई मशीन में घुस गया चूहा, चार घंटे तक परेशान हुए मरीज
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Updated Tue, 09 Jan 2018 02:56 PM IST
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आईजीएमसी में एमआरआई मशीन में चूहा घुस गया। इससे करीब चार घंटे तक मरीजों की एमआरआई नहीं हो सकी। मशीन को खोला गया और चूहे को निकाला गया। मरे चूहे की दुर्गंध पूरे वार्ड में फैल गई।
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सुबह अस्पताल में मरीज एमआरआई करवाने के लिए आईजीएमसी के रेडियोलॉजी विभाग में पहुंचना शुरू हो गए। इसी बीच सूचना मिली कि मशीन में चूहा घुस गया है। इस दौरान यहां पर काफी दुर्गंध भी फैल चुकी थी। तुरंत मशीन को खोलकर चूहे निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
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मशीन के पार्ट को भी खोला गया। बीस मिनट के काम को पूरा करने के लिए महकमे को दोपहर डेढ़ बजे तक का समय लग गया। सुबह नौ बजे से एमआरआई करवाने आए मरीज बेहद परेशान दिखे। शकुंतला, नागेंद्र, सरिता, ऊषा ने कहा कि बड़ी मुश्किल से एमआरआई की तिथि मिली है।
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सुबह से आए हैं। दोपहर तक नंबर नहीं आया है। हालांकि, दोपहर दो बजे तक मशीन ठीक कर दी गई। इधर, इसके बाद कई मरीजों ने आरोप लगाया कि अब सिफारिश रखने वाले मरीजों की एमआरआई पहले की जा रही है।
पांच मिनट के लिए काम हुआ प्रभावित
रेडियोलॉजी विभाग में विभागाध्यक्ष का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रही डॉ. अनुपम जोबटा ने बताया कि मशीन में किसी तरह की खराबी नहीं थी। चूहे के मरे होने की दुर्गंध कमरे में फैली थी, इसलिए पांच मिनट के लिए कार्य प्रभावित हुआ होगा।
औसतन 25 से 30 केस
अस्पताल में सुबह से लेकर शाम आठ बजे तक मरीजों कीएमआरआई की जाती है। औसतन 25 से 30 मरीज इसके लिए अस्पताल आते हैं।
बिजली जाने के बाद ब्लैंक हो गया सिस्टम
अस्पताल के रेडियोलॉजी विभाग में स्थापित एक्सरे मशीन को ऑपरेट करने वाला सिस्टम भी ब्लैंक हो गया था। सिस्टम के क्रप्ट होने के बाद मरीजों के एक्सरे नहीं हो पाए। इसके बाद इमरजेंसी विभाग स्थित एक्सरे मशीन पर मरीजों के एक्सरे किए गए।
रेडियोलॉजी विभाग में विभागाध्यक्ष का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रही डॉ. अनुपम जोबटा ने बताया कि मशीन में किसी तरह की खराबी नहीं थी। चूहे के मरे होने की दुर्गंध कमरे में फैली थी, इसलिए पांच मिनट के लिए कार्य प्रभावित हुआ होगा।
औसतन 25 से 30 केस
अस्पताल में सुबह से लेकर शाम आठ बजे तक मरीजों कीएमआरआई की जाती है। औसतन 25 से 30 मरीज इसके लिए अस्पताल आते हैं।
बिजली जाने के बाद ब्लैंक हो गया सिस्टम
अस्पताल के रेडियोलॉजी विभाग में स्थापित एक्सरे मशीन को ऑपरेट करने वाला सिस्टम भी ब्लैंक हो गया था। सिस्टम के क्रप्ट होने के बाद मरीजों के एक्सरे नहीं हो पाए। इसके बाद इमरजेंसी विभाग स्थित एक्सरे मशीन पर मरीजों के एक्सरे किए गए।