DA केस: वीरभद्र की याचिका पर फैसला सुरक्षित, CBI बोली- नहीं मिलनी चाहिए जमानत
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आय से अधिक संपत्ति मामले में घिरे हिमाचल के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की जमानत याचिका पर पटियाला हाउस कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। सोमवार सुबह सीबीआई की विशेष अदालत में इस मामले पर सुनवाई हुई।
वहीं, सीबीआई ने अपना जवाब देते हुए कहा कि वीरभद्र सिंह को जमानत नहीं मिलनी चाहिए। सीबीआई ने कहा कि वीरभद्र सिंह राज्य के मुखिया है और वह भ्रष्टाचार के मामले में संलिप्त है। उन्हें मेडिकल ग्राउंड पर रियायत देते हुए जमानत नहीं मिलनी चाहिए।
सीबीआई ने वीरभद्र सिंह के खिलाफ अदालत में कुछ और दलीलें भी रखीं। वहीं अदालत ने इस मामले पर फैसला अभी सुरक्षित रखा है। सीएम वीरभद्र सिंह को फिलहाल तो कोर्ट से राहत मिली है मगर फैसला कुछ भी हो सकता है।
मामले की सुनवाई को लेकर हिमाचल में चर्चाओं का माहौल गरम रहा। सीएम वीरभद्र सिंह और इस मामले से जुड़े कुछ अन्य लोग सुबह की सुनवाई के लिए पहुंच गए थे। उनके साथ हिमाचल के कई दिग्गज मंत्री, पार्टी के कई राष्ट्रीय नेता और कुछ लोग मौजूद थे। मामले पर फैसला सुरक्षित होने के साथ ही सीएम अब मंगलवार को हिमाचल लौट सकते हैं।
ANIVerified account @ANI_news
Patiala House Court reserves order on bail plea of all accused in HP CM Virbhadra Singh disproportionate assets case
यहां जानिए ये है पूरा मामला
पटियाला हाउस कोर्ट ने 22 मई को मुख्यमंत्री की दाखिल जमानत याचिका पर सीबीआई को जवाब देने के लिए एक सप्ताह का समय दिया था। अदालत ने सीबीआई को नोटिस जारी कर यह पूछा है कि क्यों न वीरभद्र सिंह, उनकी पत्नी प्रतिभा सहित अन्य आरोपियों को जमानत दे दी जाए।
सीबीआई ने वीरभद्र सिंह पर पर बतौर केंद्रीय मंत्री रहते हुए 10 करोड़ की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में चार्जशीट दाखिल की थी। यह राशि उनकी घोषित आय से 192 प्रतिशत अधिक पाई गई।
मामले में मुख्यमंत्री उनकी पत्नी प्रतिभा, एलआईसी एजेंट आनंद चौहान, सहयोगी चुन्नी लाल, जोगिंद्र सिंह, प्रेमराज, लवन कुमार रोच, वाकामुल्ला चंद्रशेखर और राम प्रकाश भाटिया को नामजद हैं।