पैट ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, सचिवालय के बाहर गरजे
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कैबिनेट बैठक से निराश प्राथमिक सहायक शिक्षकों ने शुक्रवार को राज्य सचिवालय तक रोष निकाली। वेतन बढ़ोतरी नहीं होने पर भड़के शिक्षकों ने सरकार पर उनके साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया।
शुक्रवार को प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले सैकड़ों शिक्षकों ने टॉलैंड से लेकर छोटा शिमला तक रैली निकाली। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज की ओर से मांग जल्द पूरी करने का आश्वासन देने के बाद शिक्षक शांत हुए। 11 मार्च को शिक्षकों को मुख्यमंत्री से वार्ता के लिए शिमला बुलाया गया है।
प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष गुरचरण सिंह बेदी की अगुवाई में रोष रैली निकाली गई। बेदी ने आरोप लगाया कि सरकार ने पीटीए, पैरा की मांग को पूरा किया लेकिन पैट की अनदेखी की।
बजट भाषण के जवाब में मुख्यमंत्री ने विधानसभा में पैट को वेतन बढ़ोतरी देने का एलान किया था लेकिन कैबिनेट में इसको लेकर फैसला नहीं लिया गया।
उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री ने 11 मार्च को मुख्यमंत्री से साथ बैठक करवाने का आश्वासन दिया है। मंत्री ने वेतन बढ़ोतरी की मांग पूरी करने का आश्वासन दिया है। शिक्षा मंत्री के आश्वासन के बाद हड़ताल समाप्त की गई है।
छोटा शिमला तक लगा ट्रैफिक जाम, बेबस दिखी पुलिस
उन्होंने कहा कि अगर जल्द ही वेतन बढ़ोतरी की मांग पूरी नहीं हुई तो प्रदेश भर के पैट कक्षाओं का बहिष्कार करेंगे। उधर, प्राथमिक सहायक शिक्षकों की हड़ताल के चलते शुक्रवार को प्रदेश के कई सरकारी प्राइमरी स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हुई।
बता दें कि प्राथमिक सहायक शिक्षकों को सरकार नियमित शिक्षकों के न्यूनतम पे बैंड के बराबर वेतन दे रही है। पैट बीते लंबे समय से नियमित शिक्षकों को दिए जाने वाले हायर पे बैंड के बराबर वेतन देने की मांग कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बजट के दौरान वेतन बढ़ोतरी करने की घोषणा की थी लेकिन पे बैंड क्या होगा। इसको लेकर जानकारी नहीं दी थी। ऐसे में अब वित्त विभाग ने इस बाबत पेच फंसा दिया है।
प्राथमिक सहायक शिक्षकों की रैली के कारण शुक्रवार को टॉलैंड से लेकर छोटा शिमला तक दोपहर सवा बारह बजे से तीन बजे तक ट्रैफिक जाम लगा। टॉलैंड से लेकर छोटा शिमला तक हुई रैली के दौरान नाममात्र के लिए पुलिस बल तैनात किया गया था।
इस कारण वाहनों की लंबी कतारें लग गई। हड़ताली शिक्षकों को पुलिस ने छोटा शिमला पार्किंग के पास सड़क पर ही रोक दिया। इस कारण लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। पुलिस की सुस्त कार्य प्रणाली के चलते लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।