क्या बात! 2 घंटे में तय होगा शिमला-चंडीगढ़ का सफर
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सब कुछ ठीक रहा तो 4 साल बाद शिमला-चंडीगढ़ का सफर महज 2 घंटे में तय हो सकेगा। बलखाते अंधे मोड़, जाम और यातायात असुविधाओं वाला यह सफर सपाट, तेज रफ्तार, बेहद आरामदेह और रोमांच से भरा होने वाला है। बहुप्रतीक्षित सामरिक महत्व वाले परवाणू-शिमला फोरलेन का कार्य युद्धस्तर पर शुरू हो गया है।
2019 के अंत तक 80 किमी फोरलेन का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य है। निर्माण तीन चरणों में होगा। जिसमें लगभग 2700 करोड़ खर्च होगा। पहले चरण में टीटीआर से सोलन तक पेड़ों की मार्किंग के बाद कटाई शुरू हो चुकी है। पूरे प्रोजेक्ट में करीब 25000 छोटे बड़े पेड़ कटने की संभावना है। वर्तमान में सोलन तक ही मार्किंग हुई है।
कटे पेड़ वन विकास निगम के पास रहेंगे। जिससे दोगुने पेड़ प्राधिकरण को उगाने होंगे। वहीं बड़े पैमाने पर सड़क को चौड़ा करने का काम शुरू हो चुका है। भारी मशीनरी से काम शुरू हो चुका है। सोलन से कैथलीघाट और कैथलीघाट से शिमला तक फोरलेन जुड़ेगा। शिमला वाला फोरलेन मार्ग नया बनेगा। पुराने से छेड़छाड़ नहीं होगी। पंचकूला से टीटीआर परवाणू पहले ही फोरलेन से जुड़ चुका है।
22 मीटर तक चौड़ी होगी सड़क- परवाणू से शिमला तक मार्ग फोरलेन में विभाजित होगा। शिमला जाने और वापस आने के लिए अलग अलग लेन होगी। 22 मीटर चौड़ी सड़क में 11 मीटर शिमला से आने वाले और 11 मीटर शिमला जाने वाले वाहनों के लिए होगी। वर्तमान में 10-12 मीटर सड़क की चौड़ाई है।
टीटीआर परवाणू से शिमला फोरलेन का काम शुरू
पहला चरण: टीटआर परवाणू से सोलन
लागत: 861.83 करोड़
लंबाई: 39.139 किमी
समय: 2.5 वर्ष
पहले चरण में टीटीआर परवाणू से सोलन तक कार्य होगा। कुल 39.139 किमी काम 861.83 करोड़ में पूरा होगा। इसके लिए 748 करोड़ अवार्ड हो चुका है। इसे 2.5 साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें वर्तमान मार्ग को चौड़ा किया जाएगा।
इस प्रोजेक्ट की खास बातें
-इस प्रोजेक्ट में करीब 10000 छोटे बड़े पेड़ कटेंगे। जिसका मुआवजा प्राधिकरण की ओर से दिया जा चुका है।
- 600 मीटर का एक फ्लाईओवर: कुमारहट्टी के पास 600 मीटर लंबा फ्लाईओवर बनेगा। इससे पूरी मार्केट बचेगी।
- 06 ओवरहेड ब्रिज : छह ओवर हेड मेजर और माइनर ब्रिज प्रस्तावित हैं। जाबली, बड़ोग, कथेड़, सनवार, रबौण में यह ब्रिज प्रस्तावित हैं।
- 825 मीटर सुरंग: बड़ोग शमलेच बाईपास पर 820 मीटर सुरंग बनाए जाने की योजना है।
- दो मंजिला अपडाउन ट्रैक: सपरुण गुरुद्वारा प्वाइंट पर दो मंजिला एंटर और एग्जिट प्वाइंट खास रहेगा। एक तरफ से गाड़ियां शिमला के लिए दाखिल होंगी तो निचली तरफ से बाहर होंगी।
- 263 कल्वर्ट: 20.975 किमी सर्विस रोड
बस बे: 38 स्थान जहां बसें खड़ी होंगी
ट्रक पार्किंग: 03 स्थानों पर ट्रक पार्किंग
ओपनिंग रोड: 18 संपर्क मार्ग को जोड़ने वाले
क्रैश बैरियर: 26 किमी तक दुर्घटनों से बचाएंगे
मेजर जंक्शन: 12 मेजर जंक्शन पर रुकेंगे सभी वाहन
माइनर जंक्शन: 16 माइनर जंक्शन की भी रहेगी सुविधा
दूसरा चरण सोलन से कैथलीघाट
02 चरण: सोलन से कैथलीघाट
लागत: 579.02 करोड़
लंबाई: 13.05 किमी
समय: 30 माह
दूसरे चरण में सोलन से कैथलीघाट तक सड़क फोर लेन बनेगी। कुल 13.05 किमी काम 579.02 करोड़ में पूरा होगा। इसे भी 30 माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें वर्तमान मार्ग को चौड़ा किया जाएगा। यहां अभी पेड़ों की मार्किंग की जानी है। भूमि अधिग्रहण अंतिम चरण पर है।
- 04 हजार पेड़ कटेंगे: इस प्रोजेक्ट में करीब 4000 छोटे बड़े पेड़ कटने की संभावना है। जिसका मुआवजा प्राधिकरण द्वारा दिया जा चुका है। लेकिन अभी तक मार्किंग का कार्य शुरू नहीं हो सका है। जल्द ही यह कार्य शुरू होगा।
- 03 रेलवे क्रासिंग ब्रिज- रेलवे क्रासिंग पर तीन ब्रिज बनेंगे। पहला ब्रिज चंबाघाट, दूसरा कंडाघाट और तीसरा ब्रिज कैथलीघाट में प्रस्तावित है। रेल गुजरने के वक्त फोर लेन बाधित नहीं होगा।
- 06 ओवरहेड ब्रिज : छह ओवर हेड मेजर और माइनर ब्रिज प्रस्तावित हैं। ब्रुअरी, कंडाघाट के अलावा सलोगड़ा समेत कई जगहों पर यह ब्रिज बनेंगे।
- 460 मीटर सुरंग: कंडाघाट के पास 460 मीटर सुरंग भी प्रस्तावित है। यह सुरंग कंडाघाट बाजार को बचाते हुए आगे तक जुड़ेगी।
- 164 कल्वर्ट: 10.875 किमी सर्विस रोड
बस बे: 16 स्थान जहां बसें खड़ी होंगी
ट्रक लीबे: 01 स्थान पर ट्रक पार्किंग
ओपनिंग रोड: 10 संपर्क मार्ग को जोड़ने वाले
क्रैश बैरियर: 12 किमी तक दुर्घटनों से बचाएंगे
मेजर जंक्शन: 07 मेजर जंक्शन पर रुकेंगे सभी वाहन
माइनर जंक्शन: 5 माइनर जंक्शन की भी रहेगी सुविधा
बाईपास: 01 कंडाघाट सुरंग से बनेगा बाइपास
तीसरा चरण कैथलीघाट से राजधानी शिमला
03 चरण: कैथलीघाट से राजधानी शिमला
लागत: 1264.88 करोड़
लंबाई: 27.04 किमी
समय: 35 माह
अंतिम चरण कैथलीघाट से राजधानी शिमला को जोड़ेगा। खास बात यह है कि पुराने मार्ग में कोई छेड़छाड़ नहीं होगी। यह मार्ग महालक्ष्मी फर्नीचर से होते हुए ढली कुफरी के रोड जंक्शन से करीब पचास मीटर दूर जुड़ेगा। इस मार्ग की कुल लंबाई 27.04 किमी होगी। 1264.88 करोड़ में पूरा होगा। इसे 35 माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यहां अभी पेड़ों की मार्किंग की जानी है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अभी होनी है।
-11 हजार पेड़ कटेंगे: इस प्रोजेक्ट में करीब 11000 छोटे बड़े पेड़ कटने की संभावना है। जिसका मुआवजा प्राधिकरण द्वारा तय किया जा चुका है। अभी तक मार्किंग का कार्य शुरू होना है। जल्द ही यह कार्य शुरू होगा।
- 09 मेजर ब्रिज बनेंगे: यहां महालक्ष्मी फर्नीचर से लेकर ढली बाइपास जंक्शन तक बनेंगे। यह सभी ब्रिज नए मार्ग पर ही बनाए जाएंगे। जबकि 3.2 किमी लंबी सुरंग भी बनाने की योजना है।
तीसरे चरण में ये भी
- 89 कल्वर्ट: 14.86 किमी सर्विस रोड
बस बे: 14 स्थान जहां बसें खड़ी होंगी
ट्रक लीबे: 10 स्थान पर ट्रक पार्किंग
ओपनिंग रोड: 12 संपर्क मार्ग को जोड़ने वाले
क्रैश बैरियर: 20.6 किमी तक दुर्घटनों से बचाएंगे
मेजर जंक्शन: 10 मेजर जंक्शन पर रुकेंगे सभी वाहन
माइनर जंक्शन: 20 माइनर जंक्शन की भी रहेगी सुविधा