पैराग्लाइडिंग वर्ल्ड कप: जीत के लिए पायलटों ने भरी ऊंची उड़ान
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भारत में पहली बार हो रहे पैराग्लाइडिंग वर्ल्ड कप में मौसम साफ रहने पर दूसरी बार प्रतिभागियों को टास्क दिया गया। बुधवार को प्रतिभागियों को 75.68 किलोमीटर दूरी की क्रॉस कंट्री का टास्क दिया गया। प्रतिभागियों को बिलिंग से उड़ान भर कर जोगिंद्रनगर एंटीना से पालमपुर के कसोटी से चामुंडा होते हुए वापस अंद्रेटा-मंगरोली होते हुए क्योर स्थित लैंडिंग साइट पर पांच बजे से पूर्व लैंड करना था।
सुबह 9 बजे तक बिलिंग स्थित टेक आफ प्वाइंट के बादलों से ढके होने तथा आसमान में घने बादल होने के कारण बुधवार को टास्क मिलने की उम्मीद कम नजर आ रही थी। लेकिन, 10 बजे के उपरांत मौसम ने करवट बदली और धूप के खिलने से बादल छंटने शुरू हो गए। मौसम की जानकारी लेने के बाद करीब साढ़े 11 बजे प्रतिभागियों के लिए विंडो ओपन की गई। साढ़े 12 बजे के बाद से रेस टू गोल शुरू हुआ।
माइकल केफर पहले स्थान पर
एक घंटे के दौरान 117 प्रतिभागियों ने उड़ान भर कर प्रतियोगिता के दूसरे दिन के टास्क की शुरूआत की। 117 प्रतिभागियों में से 13 महिला पायलट तथा आठ भारतीय पायलटों ने उड़ान भरी। प्रतियोगिता में भाग ले रहे 117 प्रतिभागियों के अतिरिक्त करीब 100 पायलटों ने फ्री फ्लायर के तौर पर उड़ानें भरीं। प्रतियोगिता के आब्जर्वर कर्नल डीके रथ ने बताया कि अब तक दो दिन का टास्क पूरा कर लिया गया है। 31 अक्तूबर तक चलने वाली प्रतियोगिता के लिए अब एक दिन का टास्क करना आवश्यक रह गया है।
वर्ल्ड कप में मिले दूसरे दिन के टास्क में स्विटजरलैंड के माइकल कूफर पहले स्थान पर रहे हैं। स्पेन के वोनेट दालमेउ दूसरे तथा जर्मनी के मलैकी तीसरे स्थान पर रहे हैं। पहले दिन के टास्क में फ्रांस के मेक्सिम पाईनाट पहले, स्लोविनिया के ज्यूरिज विदिक दूसरे तथा स्पेन के एक्सीवी वोनेट तीसरे स्थान पर रहे थे।
मंजिल से भटके एक दर्जन पायलट
बीड़ बिलिंग में चल रहे पैराग्लाइडिंग वर्ल्ड कप में प्रतियोगिता के दूसरे दिन मिले टास्क के दौरान सभी प्रतिभागी सुरक्षित रहे। एक दर्जन से अधिक प्रतिभागी लक्ष्य से भटक गए। पायलट क्योर स्थित लैंडिंग साइट में न उतर करके अन्य स्थानों पर लैंड करने को मजबूर हो गए।
बिलिंग पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा सुबह 12 बजे के बाद से शाम तक क्योर स्थित लैंडिंग साइट पर मौजूद रहकर प्रतियोगिता का अपडेट लेते रहे। सुधीर शर्मा ने कहा कि प्रतियोगिता के लिए तैयार किए गए नए टेक ऑफ प्वाइंट पूरी तरह से उपयोगी साबित हुए हैं।
पैराग्लाइडिंग विश्व कप का आनंद लेने आएंगे ब्रिटिश उप उच्चायुक्त
भारत में ब्रिटेन के उप उच्चायुक्त डेविड लेलिऑट पैराग्लाइडिंग के रोमांच को नजदीक से महसूस करने के लिए बीड़ बिलिंग पहुंचेंगे। उनका 30 अक्तूबर को बीड़-बिलिंग पहुंचने का कार्यक्रम है। इसी दिन गोवा राज्य के विधायक माइकल लोबो भी पैराग्लाइडिंग विश्व कप का लुत्फ उठाने के लिए बीड़-बिलिंग आएंगे।
बीड़ में हिमाचली संस्कृति की झलक- बीड़ स्थित खेल गांव में पर्यटकों और विभिन्न देशों से जआए मेहमानों और प्रतिभागियों को हिमाचली संस्कृति से रूबरू करवाने के लिए सांस्कृतिक संध्या करवाई जा रही है।
हिमाचल का गबरू वर्ल्ड कप में मीट डायरेक्टर
मानवीय परिंदों के साहसिक खेल पैराग्लाइडिंग के पहले वर्ल्ड कप में पीडब्लयूसीए की तरफ से नियुक्त किए गए मीट डायरेक्टर 32 वर्षीय देवु चौधरी हिमाचल के मनाली से संबंध रखते हैं। 1994 में 14 वर्ष की उम्र में देवू चौधरी ने जोखिम तथा साहस से परिपूर्ण पैराग्लाइडिंग खेल में हाथ आजमाना शुरू किया था।
देवू वर्ष 2000 में विदेशी पायलट एंडी हारलैंड के साथ बिलिंग से मनाली के लिए उड़ान भर चुके हैं। भारत के नंबर एक पायलट देवु चौधरी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर 49वें स्थान पर हैं। वह इंडियन नेशनल चैंपियनशिप के विजेता रहने के साथ साथ वर्ल्ड एंकरों के नंबर एक पायलट हैं।
वर्तमान में जर्मन में रह रहे देवु चौधरी का कहना है कि उनके प्रदर्शन में निखार आया है। देवु चौधरी का कहना है कि 16 वर्ष से उनकी इच्छा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करते हुए पहले 20 स्थानों में आने की थी। हाल ही में टर्की में हुई प्रतियोगिता में उनका 16वां स्थान रहा है। वर्ल्ड कप के मीट डायरेक्टर की भूमिका निभा रहे देवु चौधरी वर्ल्ड में भाग नहीं ले रहे हैं।