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Panchayat Decision: नशे में धुत रहने पर बीपीएल सूची से बाहर किया परिवार, ग्रामसभा में लिया फैसला
Wed, 03 Aug 2022 08:02 PM IST
Krishan Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, सरकाघाट/बलद्वाड़ा (मंडी)
संवाद न्यूज एजेंसी, सरकाघाट/बलद्वाड़ा (मंडी)
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 03 Aug 2022 08:02 PM IST
सार
पंचायत प्रधान सुनीता शर्मा ने बताया कि उन्होंने नवंबर 2021 को ग्रामसभा में यह फैसला लिया था कि यदि कोई भी व्यक्ति शराब या नशे का सेवन करता है तो उसे बीपीएल सूची से बाहर कर दिया जाएगा।
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पंचायत
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के सरकाघाट की ग्राम पंचायत भांबला ने बैठक कर नशे में धुत रहने वाले व्यक्ति को परिवार समेत बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) सूची से बाहर कर दिया है। यह परिवार दस साल से बीपीएल सूची में शामिल था। पंचायत की इस कार्रवाई से नशाबंदी के अभियान को मजबूती मिली है। पंचायत के इस फैसले की सराहना हो रही है। पंचायत प्रधान सुनीता शर्मा ने बताया कि उन्होंने नवंबर 2021 को ग्रामसभा में यह फैसला लिया था कि यदि कोई भी व्यक्ति शराब या नशे का सेवन करता है तो उसे बीपीएल सूची से बाहर कर दिया जाएगा।
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पंचायत के सामने यह मामला सामने आया तो पहले परिवार के मुखिया को बुलाया और उसकी काउंसलिंग की गई। बार-बार आग्रह करने पर भी वह नशा करने से नहीं माना तो विशेष पंचायत बुलाई गई। सर्वसहमति से प्रस्ताव पारित करते हुए बीपीएल सूची में शामिल नशे में धुत रहने वाले मुखिया समेत परिवार को बीपीएल सूची से बाहर कर दिया। पंचायत प्रधान ने बताया कि नशा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
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पंचायत का यह अपने स्तर का फैसला है। नशाबंदी के लिए कड़े कदम उठाने होंगे। इस तरह के उदाहरण नशे के खिलाफ छेड़े अभियान में सार्थक साबित होंगे। जिले में ऐसी दर्जनों पंचायतें हैं, जहां नशाबंदी के प्रस्ताव पारित किए गए हैं। ऐसी पंचायतों में मामले सामने आने पर कार्रवाई भी होनी चाहिए।
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- अरिंदम चौधरी, उपायुक्त मंडी