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एचआरटीसी की टैक्सियों में ओवरलोडिंग
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संजौली-आईजीएमसी-लक्कड़ बाजार रूट पर हो रही ओवरलोडिंग
क्रॉसर
50 फीसदी क्षमता के साथ वाहन चलान के हैं निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। कोरोना की तीसरी लहर ने दस्तक दे दी है और संक्रमण के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। सरकार की ओर से सार्वजनिक यात्री वाहनों को 50 फीसदी क्षमता के साथ संचालन की निर्देश दिए हैं लेकिन राजधानी शिमला में संजौली-आईजीएमसी-लक्कड़ बाजार रूट की एचआरटीसी टैक्सियों और बसों में भारी ओवरलोडिंग चल रही है। इस रूट पर टैंपो ट्रेवलरों को सौ फीसदी सीटों पर ही नहीं बल्कि ओवरलोड कर चलाया जा रहा है। इस रूट पर चलने वाले वाहनों में आईजीएमसी जाने वाले मरीज और कर्मचारी सफर करते हैं, ऐसे में संक्रमण का खतरा अधिक है। बावजूद इसके यहां परिवहन निगम और प्रशासन लापरवाह बना हुआ है।
संजौली आईजीएमसी रूट पर चलने वाली इलेक्ट्रिक बसों में भी यात्री खड़े होकर सफर कर रहे हैं। मंगलवार को दोपहर करीब डेढ़ बजे संजौली आईजीएमसी लक्कड़ बाजार रूट पर दोनों ओर टैंपो ट्रेवलर और इलेक्ट्रिक बसें ओवरलोड संचालित हो रही थीं। बस के कंडक्टर ने बताया कि इंकार करने के बावजूद लोग नहीं मानते। किसी से लड़ाई तो नहीं कर सकते। संजौली से आईजीएमसी जा रहे सूरतराम ठाकुर ने बताया कि लोगों की भीड़ अधिक है और गाड़ियां कम। अस्पताल जाने वाले लोगों को सुविधा दी है तो गाड़ियों की संख्या भी बढ़ानी चाहिए।
एचआरटीसी शिमला लोकल डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक जितेंद्र प्रकाश शर्मा ने बताया कि स्टाफ को सरकार के निर्देशानुसार गाड़ियों के संचालन के निर्देश दिए हैं, स्टाफ लोगों से 50 फीसदी क्षमता से अधिक गाड़ी में सवार न होने का आग्रह भी कर रहा है लेकिन लोग नहीं मानते। 50 फीसदी क्षमता का पालन सुनिश्चित करवाने के लिए पुलिस का सहयोग मिलना चाहिए।
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50 फीसदी क्षमता के साथ वाहन चलान के हैं निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। कोरोना की तीसरी लहर ने दस्तक दे दी है और संक्रमण के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। सरकार की ओर से सार्वजनिक यात्री वाहनों को 50 फीसदी क्षमता के साथ संचालन की निर्देश दिए हैं लेकिन राजधानी शिमला में संजौली-आईजीएमसी-लक्कड़ बाजार रूट की एचआरटीसी टैक्सियों और बसों में भारी ओवरलोडिंग चल रही है। इस रूट पर टैंपो ट्रेवलरों को सौ फीसदी सीटों पर ही नहीं बल्कि ओवरलोड कर चलाया जा रहा है। इस रूट पर चलने वाले वाहनों में आईजीएमसी जाने वाले मरीज और कर्मचारी सफर करते हैं, ऐसे में संक्रमण का खतरा अधिक है। बावजूद इसके यहां परिवहन निगम और प्रशासन लापरवाह बना हुआ है।
संजौली आईजीएमसी रूट पर चलने वाली इलेक्ट्रिक बसों में भी यात्री खड़े होकर सफर कर रहे हैं। मंगलवार को दोपहर करीब डेढ़ बजे संजौली आईजीएमसी लक्कड़ बाजार रूट पर दोनों ओर टैंपो ट्रेवलर और इलेक्ट्रिक बसें ओवरलोड संचालित हो रही थीं। बस के कंडक्टर ने बताया कि इंकार करने के बावजूद लोग नहीं मानते। किसी से लड़ाई तो नहीं कर सकते। संजौली से आईजीएमसी जा रहे सूरतराम ठाकुर ने बताया कि लोगों की भीड़ अधिक है और गाड़ियां कम। अस्पताल जाने वाले लोगों को सुविधा दी है तो गाड़ियों की संख्या भी बढ़ानी चाहिए।
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एचआरटीसी शिमला लोकल डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक जितेंद्र प्रकाश शर्मा ने बताया कि स्टाफ को सरकार के निर्देशानुसार गाड़ियों के संचालन के निर्देश दिए हैं, स्टाफ लोगों से 50 फीसदी क्षमता से अधिक गाड़ी में सवार न होने का आग्रह भी कर रहा है लेकिन लोग नहीं मानते। 50 फीसदी क्षमता का पालन सुनिश्चित करवाने के लिए पुलिस का सहयोग मिलना चाहिए।
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