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नवरात्र पर भी आउटसोर्स कर्मचारियों के हाथ खाली
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Outsources employees not recived a slary of september
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केएनएच में तैनात कर्मियों को अभी तक नहीं मिला है सितंबर माह का वेतन
एमएस न होने से नहीं हो रहा वेतन का भुगतान
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। कमला नेहरू अस्पताल में आउटसोर्स कर्मचारियों को सितंबर माह का वेतन अभी तक नहीं मिल पाया है। नवरात्र पर्व पर कर्मचारियों की जेबें खाली हैं। वेतन न मिलने से अस्पताल में काम करने वाले कर्मी परेशान हैं।
अस्पताल प्रबंधन की ढील इन कर्मचारियों पर भारी पड़ रही है। वित्तीय कागजों पर एमएस के हस्ताक्षर न होने से उनकी पेमेंट कंपनी को नहीं मिल पा रही। इस कारण कंपनी अभी तक आउटसोर्स पर रखे कर्मचारियों को भुगतान नहीं कर पाई है। सरकार ने पिछले माह नए एमएस की तैनाती के आर्डर जारी किए हैं लेकिन उन्होंने अभी तक अस्पताल में ज्वाइनिंग नहीं दी है। लिहाजा अस्पताल प्रबंधन की लेटलतीफी करने के कारण कर्मचारियों को दिक्कतें झेलने को मजबूर होना पड़ रहा है। आलम यह है कि इन लोगों को उधार मांगकर परिवार का पालन पोषण करना पड़ रहा है।
मातृ एवं शिशु अस्पताल केएनएच (कमला नेहरू अस्पताल) में आउटसोर्स के तहत करीब 40 कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। इनमें डाटा एंट्री, कंप्यूटर ऑपरेटर सहित कुछ सफाई कर्मी शामिल हैं। समय पर वेतन न मिलने से वह अपने बच्चों की फीस तक नहीं भर पा रहे। अस्पताल में एमएस न होने से कई कार्य प्रभावित हो रहे हैं। अस्पताल में डिप्टी एमएस हैं लेकिन उनके पास इस तरह की वित्तीय शक्तियां नहीं हैं। इस वजह से आउटसोर्स कर्मचारियों को अभी तक वेतन का भुगतान नहीं हो पाया है। कमला नेहरू अस्पताल के डिप्टी एमएस डॉ. सुभाष ने बताया कि फाइनेंशियल कागजों पर साइन करने की पावर एमएस के पास है। हालांकि अगर आउटसोर्स कर्मियों को वेतन देने में देरी हो जाती है तो कंपनी उन्हें वेतन देती है।
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अस्पताल में ठप हो सकता है काम
अस्पताल में कर्मियों को महीने के आठ दिन बीतने के बाद भी वेतन नहीं मिला है। ऐसे में अब कर्मियों ने अस्पताल प्रबंधन को अल्टीमेटम दिया है अगर जल्द भुगतान नहीं हुआ तो काम ठप कर दिया जाएगा।
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एमएस न होने से नहीं हो रहा वेतन का भुगतान
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। कमला नेहरू अस्पताल में आउटसोर्स कर्मचारियों को सितंबर माह का वेतन अभी तक नहीं मिल पाया है। नवरात्र पर्व पर कर्मचारियों की जेबें खाली हैं। वेतन न मिलने से अस्पताल में काम करने वाले कर्मी परेशान हैं।
अस्पताल प्रबंधन की ढील इन कर्मचारियों पर भारी पड़ रही है। वित्तीय कागजों पर एमएस के हस्ताक्षर न होने से उनकी पेमेंट कंपनी को नहीं मिल पा रही। इस कारण कंपनी अभी तक आउटसोर्स पर रखे कर्मचारियों को भुगतान नहीं कर पाई है। सरकार ने पिछले माह नए एमएस की तैनाती के आर्डर जारी किए हैं लेकिन उन्होंने अभी तक अस्पताल में ज्वाइनिंग नहीं दी है। लिहाजा अस्पताल प्रबंधन की लेटलतीफी करने के कारण कर्मचारियों को दिक्कतें झेलने को मजबूर होना पड़ रहा है। आलम यह है कि इन लोगों को उधार मांगकर परिवार का पालन पोषण करना पड़ रहा है।
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मातृ एवं शिशु अस्पताल केएनएच (कमला नेहरू अस्पताल) में आउटसोर्स के तहत करीब 40 कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। इनमें डाटा एंट्री, कंप्यूटर ऑपरेटर सहित कुछ सफाई कर्मी शामिल हैं। समय पर वेतन न मिलने से वह अपने बच्चों की फीस तक नहीं भर पा रहे। अस्पताल में एमएस न होने से कई कार्य प्रभावित हो रहे हैं। अस्पताल में डिप्टी एमएस हैं लेकिन उनके पास इस तरह की वित्तीय शक्तियां नहीं हैं। इस वजह से आउटसोर्स कर्मचारियों को अभी तक वेतन का भुगतान नहीं हो पाया है। कमला नेहरू अस्पताल के डिप्टी एमएस डॉ. सुभाष ने बताया कि फाइनेंशियल कागजों पर साइन करने की पावर एमएस के पास है। हालांकि अगर आउटसोर्स कर्मियों को वेतन देने में देरी हो जाती है तो कंपनी उन्हें वेतन देती है।
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अस्पताल में ठप हो सकता है काम
अस्पताल में कर्मियों को महीने के आठ दिन बीतने के बाद भी वेतन नहीं मिला है। ऐसे में अब कर्मियों ने अस्पताल प्रबंधन को अल्टीमेटम दिया है अगर जल्द भुगतान नहीं हुआ तो काम ठप कर दिया जाएगा।