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Shimla News: आईजीएमसी में ड्यूटी नहीं देना चाहते ओटीए, रद्द करवाए ऑर्डर
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अब दस में से नौ टेबलों पर ही होंगे ऑपरेशन
ऑपरेशनों के लंबित मामलों की बढ़ेगी संख्या
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में ऑपरेशन थियेटर असिस्टेंट (ओटीए) ड्यूटी नहीं देना चाहते। अस्पताल में ओटीए की भारी कमी है। अस्पताल प्रबंधन ने हाल ही में दो ओटीए को यहां भिजवाया था लेकिन इन्होंने स्वास्थ्य निदेशालय से अपने आर्डर रद्द करवा दिए।
आईजीएमसी में ओटीए की कमी के चलते एनेस्थीसिया विभाग ने बुधवार से 10 में से 9 ओटी टेबल पर ही ऑपरेशन करने की बात कही है। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) शिमला में औसतन 55 के करीब विभिन्न बीमारियों के ऑपरेशन होते हैं लेकिन एक ओटी टेबल कम होने से दो से तीन मरीजों के ऑपरेशन अब तय तिथि पर नहीं होंगे। इससे लंबित मामलों की संख्या बढ़ेगी। यह मामला अस्पताल प्रबंधन ने सरकार के समक्ष उठाया है लेकिन अभी तक इसका हल नहीं निकल पाया है। आईजीएमसी में 46 ओटीए के पद स्वीकृत हैं लेकिन अभी 13 ही सेवाएं दे रहे हैं। इस वजह से इन पर कार्य का अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है।
सरकार के ध्यान में लाया है मामला
ओटीए की कमी का मामला सरकार के ध्यान में लाया है। इससे खाली पदों को तुरंत भरा जाए और मरीजों को दिक्कतें पेश न आए।
-डॉ. सीता ठाकुर, आईजीएमसी प्राचार्य शिमला
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ऑपरेशनों के लंबित मामलों की बढ़ेगी संख्या
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में ऑपरेशन थियेटर असिस्टेंट (ओटीए) ड्यूटी नहीं देना चाहते। अस्पताल में ओटीए की भारी कमी है। अस्पताल प्रबंधन ने हाल ही में दो ओटीए को यहां भिजवाया था लेकिन इन्होंने स्वास्थ्य निदेशालय से अपने आर्डर रद्द करवा दिए।
आईजीएमसी में ओटीए की कमी के चलते एनेस्थीसिया विभाग ने बुधवार से 10 में से 9 ओटी टेबल पर ही ऑपरेशन करने की बात कही है। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) शिमला में औसतन 55 के करीब विभिन्न बीमारियों के ऑपरेशन होते हैं लेकिन एक ओटी टेबल कम होने से दो से तीन मरीजों के ऑपरेशन अब तय तिथि पर नहीं होंगे। इससे लंबित मामलों की संख्या बढ़ेगी। यह मामला अस्पताल प्रबंधन ने सरकार के समक्ष उठाया है लेकिन अभी तक इसका हल नहीं निकल पाया है। आईजीएमसी में 46 ओटीए के पद स्वीकृत हैं लेकिन अभी 13 ही सेवाएं दे रहे हैं। इस वजह से इन पर कार्य का अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है।
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सरकार के ध्यान में लाया है मामला
ओटीए की कमी का मामला सरकार के ध्यान में लाया है। इससे खाली पदों को तुरंत भरा जाए और मरीजों को दिक्कतें पेश न आए।
-डॉ. सीता ठाकुर, आईजीएमसी प्राचार्य शिमला