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हिमाचल विस सत्रः इस मामले पर सदन में विपक्ष ने किया हंगामा, वाकआउट

Fri, 16 Mar 2018 10:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Updated Fri, 16 Mar 2018 10:43 AM IST
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opposition party walk out in himachal assembly budget session

हिमाचल विधानसभा बजट सत्र में विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया। करसोग और दलाश में बहुतकनीकी कॉलेजों को खोलने से पहले ही बंद करने पर वीरवार को विपक्ष ने सदन में जोरदार हंगामे के बाद वाकआउट किया। 

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प्रश्नकाल के बाद कांग्रेस विधायक दल के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने सदन में अमर उजाला में छपी खबर को लहराते हुए मामला उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने करसोग और दलाश बहुतकनीकी कॉलेजों की अधिसूचनाएं रद्द कर दी हैं। 
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ऐसा करना गलत है। इस पर स्पीकर राजीव बिंदल ने कहा कि विपक्ष पहले नोटिस दे तभी इस पर चर्चा की जा सकती है। नहीं तो ये मामला रिकॉर्ड में नहीं लाया जाएगा। स्पीकर के रोकने पर भी विपक्षी नेता हंगामा करते हुए सदन से वाकआउट कर गए। 

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वीरभद्र बोले, अदालत में देंगे चुनौती 

opposition party walk out in himachal assembly budget session

वाकआउट के बाद विधानसभा परिसर में मुकेश अग्निहोत्री ने पत्रकारों से कहा कि  पूर्व सरकार के लगातार फैसले पलटने का सिलसिला जनभावनाओं से खिलवाड़ है।

अग्निहोत्री ने कहा कि पहले यही काम जंजैहली में और अब करसोग और दलाश में किया गया है। वहीं, संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि इस बारे में चर्चा को कोई नोटिस नहीं आया। कांग्रेस के विधायकों का इस तरह से सदन से बाहर जाना जनता के पैसे का दुरुपयोग है।

विधानसभा परिसर में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने चुटकी ली कि इसका मतलब है कि मामला मुख्यमंत्री के नियंत्रण से बाहर है। उन्होंने कहा कि संस्थान बंद करने के मामले में अदालत में भी चुनौती दी जाएगी।
 

कांग्रेस ने राजनीतिक लाभ पाने को लिए फै सले : सीएम 

opposition party walk out in himachal assembly budget session

कांग्रेस विधायक रामलाल ठाकुर ने कहा कि एक ओर मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में अधिसूचित संस्थानों का वह शिलान्यास करेंगे और दूसरी ओर इन्हें बंद करने की अधिसूचनाएं हो रही हैं। 

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने विपक्ष के वाकआउट के बाद सदन में कहा कि ये लोग कहते-कहते बाहर गए, सुनते-सुनते जाते तो अच्छा होता। कांग्रेस सरकार ने चुनाव से पहले अपने अंतिम दौर में राजनीतिक लाभ लेने के लिए ये फैसले लिए थे। जयराम ठाकुर ने कहा-हमने शुरू में ही कहा था कि पिछली सरकार के छह महीने के फैसलों की समीक्षा होगी। जो गलत होगा उसे दुरुस्त किया जाएगा।

डीसी शक्ल देखकर बांट रहे विकास का पैसा : सिंघा

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राज्य विधानसभा में वीरवार को प्रश्नकाल के दौरान ठियोग के माकपा विधायक राकेश सिंघा ने विकेंद्रीयकृत योजना के पैसे के बंटवारे पर कई सवाल खड़े किए। उन्होंने सदन में कहा कि जो पैसा डीसी के माध्यम से विकास योजनाओं को दिया जाता है, उसे शक्लें देखकर दिया जा रहा है।

शक्ल पसंद आई तो पैसा दे दिया जाता है, नहीं आई तो नहीं दिया जाता है। सड़कों आदि के निर्माण के लिए इस मद में लोगों को खंड विकास अधिकारियों के माध्यम से पैसा बांटा जाता है, मगर इसे जारी करने का कोई पारदर्शी प्रावधान नहीं है।

सिंघा ने कहा कि इसे जारी करने के लिए साल के शुरू में बैठकें होनी चाहिए, मगर ये वर्ष के अंत में की जाती हैं, जिनका कोई मतलब नहीं है। इसके लिए वैधानिक प्रावधान किए जाने चाहिए। सिंघा ने यह भी पूछा कि विकेंद्रीयकृत योजना का पैसा मंजूर करने का क्या प्रावधान है? 

राकेश सिंघा के प्रश्न का सीएम ने दिया ये जवाब

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जवाब में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि जिलों के उपायुक्तों के माध्यम से विकेंद्रीयकृत योजना के पैसे का बंटवारा सही तरीके से किया जाएगा। इस फंड के युक्तिसंगत आवंटन के लिए साल के शुरू में बैठकें की जा सकती हैं।

इसके लिए कानूनी प्रावधान भी किए जा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये फंड जिलों को 60 फीसदी जनसंख्या और 40 फीसदी भौगोलिक क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए जारी किया जाता है। इसे डीसी बीडीओ से मिली शेल्फ , जनप्रतिनिधियों और लोगों से मिले प्रस्ताव के अनुसार बांटा जाता है।

बाद में इन कार्यों को 20 सूत्रीय कार्यक्रम और जिला प्लानिंग की बैठकोें में ही मंजूरी दी जाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में शामिल योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए यह जरूरी है कि इसके लिए जिला स्तरीय बैठकें वित्तीय वर्ष के शुरू में ही आयोजित हों।

राज्य सरकार इस पर विचार करेगी। सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने माना कि ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग में इंजीनियरिंग विभाग सुदृढ़ नहीं है। इसे सुदृढ़ किए जाने की आवश्यकता है।

एनएच घोषित हुए हैं तो नंबर भी बताओ : सुक्खू 

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नादौन से कांग्रेस के विधायक सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बजट पर चर्चा में सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर एनएच घोषित किए गए हैं तो उनके नंबर भी बताओ। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 69 एनएच की घोषणा करने का झूठ बोलकर भाजपा सत्ता में आई है। 

सुक्खू बोले कि गुड़िया मामले में छात्रा को न्याय दिलाने के बजाय भाजपा ने इस पर राजनीतिक रोटियां सेंकीं। भाजपा के 13 विधायक अनुसूचित जाति से चुनकर आए हैं, मगर इसके बावजूद भाजपा सरकार में अनुसूचित जाति के बच्चों से स्कूलों में भेदभाव हो रहा है।

धारा 118 के साथ छेड़खानी की गई तो प्रदेश भर में आंदोलन किया जाएगा। सुक्खू ने कहा - भ्रष्टाचार पर जयराम सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने की बात की, लेकिन बजट में इस पर चुप हैं। 

सुक्खू ने जब कहा कि झूठ कै से बोलना है, ये भाजपा के लोग आरएसएस से सीखकर आते हैं। इस पर स्पीकर राजीव बिंदल ने कहा कि ऐसे शब्दों का इस्तेमाल न किया जाए।

आरएसएस से संबंधित चर्चा सदन में पहले भी हो चुकी है और अगर सदस्य चाहते हैं तो ये दोबारा भी हो सकती है। इस पर सुक्खू बोले कि वे अपने शब्द वापस लेते हैं और आरएसएस की जगह भाजपा बोलते हैं। 

पकौड़ानॉमी की व्यवस्था ज्यादा नहीं टिकेगी : विक्रमादित्य

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शिमला ग्रामीण के विधायक विक्रमादित्य सिंह ने बजट चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि हिमाचल की अर्थव्यवस्था केंद्र पर निर्भर करती है। प्रदेश में 8 लाख बेरोजगार हैं। सरकार ने अपने बजट भाषण में इनका जिक्र तक नहीं किया।

मोदी सरकार ने दस लाख युवाओं को रोजगार देने की बात कही थी, लेकिन मिला नहीं। पकौड़ानॉमी की जो व्यवस्था लाई जा रही है, वह ज्यादा दिन टिकने वाली नहीं है।

उन्होंने कहा कि भाजपा ने चुनावों में अनुबंध कर्मियों को नियमित करने की अवधि दो साल करने की बात कही थी, लेकिन बजट में इसका प्रावधान नहीं किया। योजनाओं का नाम बदलने को लेकर भी उन्होंने सरकार पर निशाना साधा।

सीएम बनाने में सुजानपुर की जनता का बड़ा योगदान: राजेंद्र

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 विधायक राजेंद्र राणा ने बजट चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के बनने में सुजानपुर की जनता का बहुत बड़ा योगदान है। मुख्यमंत्री जब सिराज के लिए घोषणा करते हैं तो उन्हें सुजानपुर के लिए घोषणा करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि कुछ लोग सुजानपुर में विकास कार्य को रोकने की कोशिश कर रहे हैं। केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए राणा ने कहा कि मोदी सरकार ने युवाओं को रोजगार देने के बजाय पकौड़े बेचने में लगा दिया है। उन्होंने महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए बजट में कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने का मामला उठाया।

कांग्रेस सरकार ने हमारे क्षेत्र में छोडे़ बंदर

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घुमारवीं से विधायक राजेंद्र गर्ग ने कहा कि राज्य सरकार ने बजट में हर वर्ग को स्थान दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने ट्रांस लोकेशन का सिस्टम अपनाया, उसके तहत हमारे विधानसभा क्षेत्र में बंदर छोडे़ गए। बंदरों के आतंक से लोग खेती छोड़ रहे हैं।

जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए बजट में प्रावधान हुआ है। उससे प्रदेश को लाभ मिलेगा। द्रंग से विधायक जवाहर ठाकुर ने बजट को गरीब किसान, बागवान, युवा और कर्मचारी वर्ग के हित में बताया।

उन्होंने अन्य प्रदेशों की तर्ज पर राज्य में दबाव बनाने के लिए अफीम की नियंत्रित खेती की वकालत की। उन्होंने कहा कि इसका प्रयोग कई तरह की दवाइयों में होता है। उन्होंने विपक्षी सदस्यों पर तंज कसते हुए कहा कि यदि वह विधानसभा में नहीं पहुंचते तो वीरभद्र सिंह की बगल में मुकेश इस तरह नहीं बैठे होते।

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